पश्चिम एशिया संकट के बीच एलपीजी आपूर्ति सामान्य, प्रवासी मजदूरों के लिए बढ़ाई गई छोटे सिलेंडरों की सप्लाई, कालाबाजारी पर कार्रवाई जारी: सरकार
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति पर बड़ा अपडेट देते हुए कहा है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में बताया कि अब तक 34,200 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने मायपीएनजीडी.इन पोर्टल के जरिए अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं, जिससे वैकल्पिक ईंधन की ओर झुकाव बढ़ा है। वहीं कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है, और बीते दिन ही 2,100 से ज्यादा छापेमारी कर करीब 450 सिलेंडर जब्त किए गए।
सरकार के मुताबिक, वर्तमान भू-राजनीतिक हालात के बावजूद घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी (ट्रांसपोर्ट) की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और जरूरी उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो के छोटे सिलेंडरों की सप्लाई भी बढ़ाई गई है।
इसके अलावा, रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने, बुकिंग अंतराल बढ़ाने और वैकल्पिक ईंधन जैसे केरोसिन और कोयले की उपलब्धता बढ़ाने जैसे कदम भी उठाए गए हैं।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एलपीजी की सप्लाई पर निगरानी रखने और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिक अधिकार दिए गए हैं। सभी राज्यों में कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग कमेटियां बनाई गई हैं, जबकि कई राज्यों में नियमित प्रेस ब्रीफिंग भी की जा रही है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने भी निरीक्षण तेज कर दिए हैं और अब तक सैकड़ों डिस्ट्रीब्यूटर्स पर कार्रवाई की जा चुकी है।
एलपीजी सप्लाई की स्थिति पर सरकार ने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग अब करीब 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है और डीएसी-आधारित डिलीवरी भी 93 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। घरेलू गैस सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।
प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उर्वरक संयंत्रों को गैस आवंटन बढ़ाकर लगभग 95 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को भी अधिक सप्लाई दी जा रही है। पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के लिए आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल जैसी कंपनियां प्रोत्साहन दे रही हैं। मार्च 2026 से अब तक करीब 4.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं और 5 लाख से ज्यादा लोगों ने नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया है।
बयान में आगे कहा गया है कि सभी रिफाइनरी उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोकेमिकल सेक्टर के लिए कच्चे माल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था भी की है।
समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर भी सरकार पूरी तरह सतर्क है। डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम अब तक 6,449 कॉल और 13,443 से अधिक मामलों को संभाल चुका है। अब तक 2,337 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। सरकार ने बताया कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी भारतीय जहाज के साथ कोई घटना नहीं हुई है।
सरकार ने बताया कि भारतीय दूतावास लगातार भारतीय समुदाय के संपर्क में हैं और 24 घंटे हेल्पलाइन के जरिए सहायता दे रहे हैं। अब तक करीब 9.84 लाख लोग इस क्षेत्र से भारत आ चुके हैं। ईरान से भी हजारों भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य देशों के जरिए भारत लाया गया है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
'छ्योशी' पत्रिका के 8वें अंक में शी चिनफिंग का महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित होगा
बीजिंग, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। 16 अप्रैल को प्रकाशित छ्योशी पत्रिका के 8वें अंक में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव, राष्ट्रपति और चीनी फौजी आयोग के अध्यक्ष शी चिनफिंग का महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित होगा, जिसका शीर्षक है देशव्यापी पठन को बढ़ावा देना और पुस्तक-प्रेमी समाज का निर्माण करना।
लेख के अनुसार, “पढ़ना मानव जाति के लिए ज्ञान प्राप्त करने, बुद्धि बढ़ाने और नैतिकता विकसित करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। यह चिंतन को प्रेरित कर सकता है और लोगों को उच्च आदर्श स्थापित करने में मदद कर सकता है। हमें पढ़ने को प्रोत्साहित करना चाहिए, एक ऐसा समाज बनाना चाहिए, जो पढ़ने को महत्व देता हो और लोगों के वैचारिक स्तर को निरंतर ऊपर उठाना चाहिए और उनकी आध्यात्मिक शक्ति को मजबूत करना चाहिए, ताकि चीनी राष्ट्र का आध्यात्मिक जगत और भी गहरा और समृद्ध हो सके।”
लेख के अनुसार, “कम्युनिस्टों को मार्क्सवादी ग्रंथों को पढ़ना और मार्क्सवादी सिद्धांतों को समझना जीवन का एक अभिन्न अंग और आध्यात्मिक साधना बना लेना चाहिए। हमें और अधिक पुस्तकें पढ़नी चाहिए, और अच्छी पुस्तकें पढ़नी चाहिए, ताकि उनसे ज्ञान और पोषण प्राप्त हो सके। डिजिटल पठन को पारंपरिक पठन के साथ एकीकृत किया जाना चाहिए, साथ ही हमारे मूल मूल्यों और साक्षरता को भी संरक्षित किया जाना चाहिए। हमें एक ऐसा समाज और राष्ट्र बनाना चाहिए, जहां हर कोई जीवन भर सीखने में संलग्न रहे और लोगों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा दे।”
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
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