रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज, अब हर ट्रेन में बढ़ेगा जनरल कोच, आम यात्रियों को मिलेगी राहत
UP News: भारतीय रेलवे त्योहारों के मौसम में लाखों यात्रियों को बड़ी राहत देने जा रहा है. लंबी दूरी की ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाएंगे, जिससे जनरल और स्लीपर कोच में भीड़ कम होगी. यह फैसला यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव देगा, खासकर दिवाली और छठ जैसे मौकों पर.
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उमर खालिद की किताब पर JNU में प्रस्तावित इवेंट रद्द, यूनिवर्सिटी ने बताई ये वजह
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में उमर खालिद की किताब Fractured Communities पर होने वाली चर्चा से ठीक एक दिन पहले कार्यक्रम स्थल की बुकिंग रद्द कर दी गई। यह चर्चा 10 अगस्त को SSS-1 ऑडिटोरियम में आयोजित की जानी थी।
कार्यक्रम का आयोजन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) की ओर से आदिवासी दिवस यानी Adivasi Diwas के मौके पर सार्वजनिक चर्चा के तौर पर किया जाना था। कार्यक्रम का समय दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित था।
किस वजह से रद्द हुई ऑडिटोरियम की बुकिंग?
विश्वविद्यालय की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, ऑडिटोरियम के लिए जमा किए गए वेन्यू रिक्वेस्ट फॉर्म में प्रस्तावित कार्यक्रम से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसी आधार पर SSS-1 ऑडिटोरियम की बुकिंग रद्द करने का निर्णय लिया। प्रशासन ने अपने पत्र में कैंपस के ऑडिटोरियम और अन्य स्थानों के इस्तेमाल में पारदर्शिता बनाए रखने की जरूरत का भी उल्लेख किया है। बुकिंग रद्द करने वाला पत्र ज्वाइंट रजिस्ट्रार की ओर से जारी किया गया और इसे स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (SSS) के डीन की मंजूरी मिली।
10 अगस्त को होना था कार्यक्रम
Fractured Communities पर चर्चा 10 अगस्त को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक प्रस्तावित थी। इसे आदिवासी दिवस के अवसर पर सार्वजनिक चर्चा के रूप में आयोजित करने की योजना थी।
कार्यक्रम में प्रोफेसर प्रभु महापात्र, प्रोफेसर उमा चक्रवर्ती, शुद्धब्रत सेनगुप्ता, हर्ष मंदर और बानो ज्योत्सना लाहिड़ी समेत कई वक्ताओं के शामिल होने की बात कही गई थी।
विश्वविद्यालय के अनुसार SSS-1 ऑडिटोरियम की मूल बुकिंग सेंटर फॉर इंटरनेशनल लीगल स्टडीज (CISLS) के डॉ. अविनाश कुमार के नाम से की गई थी।
यूनिवर्सिटी ने पारदर्शिता का दिया हवाला
रद्दीकरण पत्र में JNU की ‘लोकतांत्रिक और विकेंद्रीकृत’ प्रक्रियाओं का भी उल्लेख किया गया है। प्रशासन ने कहा कि विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम और अन्य कैंपस स्पेस के इस्तेमाल के दौरान कार्यक्रम से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है।
विश्वविद्यालय के मुताबिक, कार्यक्रम की पूरी जानकारी वेन्यू रिक्वेस्ट फॉर्म में नहीं दिए जाने के कारण बुकिंग रद्द की गई है और यह कार्रवाई निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की गई है।
कार्यक्रम से एक दिन पहले बदली व्यवस्था
ऑडिटोरियम की बुकिंग ऐसे समय रद्द की गई है, जब चर्चा के आयोजन में एक दिन ही बाकी था। ऐसे में कार्यक्रम के आयोजन को लेकर आगे क्या व्यवस्था की जाती है, यह आयोजकों के लिए अहम सवाल बन गया है।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने फैसले का आधार कार्यक्रम की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराया जाना बताया है। यह चर्चा उमर खालिद की किताब Fractured Communities और आदिवासी दिवस के संदर्भ में आयोजित की जानी थी।
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