सुल्तानपुरः बारिश में पशुओं को खिलाएं थाईलैंड में उगने वाली नेपियर घास, बहेगी दूध की धार, ऐसे होती है तैयार
बारिश में पशुओं के चारे की समस्या के लिए नेपियर घास बेहतर विकल्प है. यह थाईलैंड में उगने वाली 'हाथी घास' है, जो दूध उत्पादन बढ़ाती है और आर्थिक रूप से फायदेमंद है. इसे गन्ने की तरह बोया जाता है. डॉक्टर दिवाकर ने लोकल 18 को बताया कि नेपियर चारा प्रत्येक 50 दिन में कटाई के लिए तैयार हो जाता है. यह प्रक्रिया कई वर्षों तक लगातार चलती रहती है, जिससे किसानों को बार-बार बीज बोने की आवश्यकता नहीं पड़ती. नेपियर लगाने का सबसे अच्छा समय मार्च का महीना होता है, लेकिन इसकी बुवाई जुलाई-अगस्त में भी की जा सकती है.
सेना में जाने से पहले कॉलेज में पढ़ाई जाए मैप रीडिंग और सैन्य मनोविज्ञान, गाजीपुर में बने मिलिट्री रिसर्च सेंटर, पूर्व प्रोफेसर ने बताया समय की मांग
Ghazipur news: प्रो. बद्रीनाथ सिंह का मानना है कि युवाओं को सेना के लिए तैयार करने की शुरुआत स्कूली स्तर से ही होनी चाहिए. एनसीसी और बेसिक ट्रेनिंग-एनसीसी (NCC) में सैन्य शिक्षा को प्रमुखता से स्थान मिलना चाहिए. छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही मैप रीडिंग ,बेयरिंग और स्केल जैसे तकनीकी विषयों की जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि जब युवा सेना में जाएं, तो वे बुनियादी चीजों से पहले ही वाकिफ हों. उन्होंने सैन्य मनोविज्ञान को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने पर जोर दिया, जिससे सैनिकों और अधिकारियों को इंसानी मनोभावों को समझने में मदद मिलती है.
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