पहली तिमाही में लगभग पांच वर्षों में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंची चीन की आयात और निर्यात वृद्धि दर
बीजिंग, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। चीनी राजकीय कस्टम महाब्यूरो द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में चीन के कुल आयात और निर्यात व्यापार का मूल्य 118 खरब 40 अरब युआन तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 15 अधिक है। यह पहली बार है जब किसी तिमाही का मूल्य 110 खरब युआन से अधिक हुआ है, और तिमाही वृद्धि दर लगभग पांच वर्षों में सबसे अधिक है।
चीनी राज्य परिषद सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित न्यूज ब्रीफिंग में चीनी राजकीय कस्टम महाब्यूरो के उप निदेशक वांग जून ने कहा कि जटिल और गंभीर बाहरी वातावरण के बावजूद चीन के आयात और निर्यात ने पहली तिमाही में अपेक्षाकृत तीव्र वृद्धि हासिल की है। इसका मुख्य कारण यह है कि चीन के विदेशी व्यापार की नींव स्थिर है, उसमें पर्याप्त जीवंतता है और वह प्रबल गति से आगे बढ़ रहा है।
इस वर्ष की पहली तिमाही तक, चीन का कुल आयात और निर्यात मूल्य लगातार 12 तिमाहियों से 100 खरब युआन से ऊपर बना हुआ था, और 2022 की चौथी तिमाही से विकास दर फिर से दोहरे अंकों में पहुंच गई थी।
पहली तिमाही में, आसियान और लैटिन अमेरिका को चीन के आयात और निर्यात दोनों में 15.4 की वृद्धि हुई, अफ्रीका को आयात और निर्यात में 23.7 की वृद्धि हुई, और यूरोपीय संघ और ब्रिटेन को आयात और निर्यात में क्रमशः 14.6 और 13.1 की वृद्धि हुई, जिससे अमेरिका को आयात और निर्यात में हुई कमी की प्रभावी रूप से भरपाई हो गई।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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जल्द भारत आएगा नीरव मोदी! CBI टीम ने लंदन में डाला डेरा
देश के चर्चित आर्थिक घोटालों में शामिल भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की विशेष टीम इस समय लंदन में मौजूद है और प्रत्यर्पण की अंतिम तैयारियों में जुटी हुई है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही भगोड़े नीरव मोदी को भारत लाया जा सकता है.
कानूनी लड़ाई का अंत
नीरव मोदी लंबे समय से ब्रिटेन की अदालतों में अपने प्रत्यर्पण को रोकने की कोशिश कर रहा था. उसने जेल की स्थिति और मानवाधिकारों का हवाला देकर कई याचिकाएं दायर कीं, लेकिन अदालत ने भारत सरकार के आश्वासनों को स्वीकार करते हुए उसकी सभी दलीलों को खारिज कर दिया. मार्च 2026 के अंत में अदालत के सख्त रुख के बाद यह साफ हो गया कि अब उसके पास कोई बड़ा कानूनी विकल्प नहीं बचा है.
कभी भी हो सकती है भारत वापसी
सूत्रों के मुताबिक, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है. कागजी कार्रवाई और सुरक्षा इंतजाम पूरे होते ही नीरव मोदी को विशेष विमान से भारत लाया जा सकता है. सीबीआई की टीम ब्रिटिश अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर इस पूरी प्रक्रिया को जल्द पूरा करने में लगी है.
पीएनबी घोटाले का मुख्य आरोपी
नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का मुख्य आरोपी है. इस मामले ने देश की बैंकिंग व्यवस्था को हिला दिया था और आम लोगों के पैसे की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े किए थे.
भारत लाए जाने के बाद उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से सुनवाई की जाएगी.
सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि
मोदी सरकार के लिए यह केवल एक आरोपी को वापस लाने का मामला नहीं है, बल्कि आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश देने का प्रयास भी है. पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ऐसे भगोड़ों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ाया है और यह मामला उसी रणनीति की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है.
आर्थर रोड जेल में होगी निगरानी
भारत लाने के बाद ऑर्थर रोड जेल में नीरव मोदी को उच्च सुरक्षा के बीच रखा जाएगा. बताया जा रहा है कि उसे विशेष बैरक में रखा जाएगा, जहां उसकी सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा. इसके बाद उसे विशेष अदालत में पेश किया जाएगा और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
नीरव मोदी का प्रत्यर्पण भारत की जांच एजेंसियों और सरकार के लिए एक बड़ी सफलता साबित हो सकता है. यह न केवल न्याय की दिशा में एक अहम कदम होगा, बल्कि यह भी संदेश देगा कि देश छोड़कर भागने वाले आर्थिक अपराधियों को कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं है.
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