सम्राट चौधरी के साथ जानें कैबिनेट में कौन-कौन मंत्री ले सकते हैं शपथ? ये रही संभावित चेहरों की लिस्ट
बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के बीच अब सबकी नजर नई कैबिनेट पर टिकी है. सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनने जा रही सरकार में किन-किन चेहरों को जगह मिलेगी, इसे लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. बुधवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले एनडीए के भीतर मंथन जारी है.
सत्ता का नया संतुलन: बीजेपी-जेडीयू फॉर्मूला
इस बार का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि मुख्यमंत्री पद बीजेपी के पास जा रहा है, जबकि डिप्टी सीएम का पद जनता दल यूनाइटेड (JDU) को दिया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन के भीतर सीटों और मंत्रालयों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है. हालांकि, कुछ नए चेहरों को मौका देने और पुराने समीकरणों को संतुलित करने पर भी चर्चा हो रही है.
डिप्टी सीएम को लेकर सस्पेंस
डिप्टी सीएम पद को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा निशांत कुमार के नाम को लेकर थी, लेकिन खबर है कि वे फिलहाल इस जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं हैं.
ऐसे में जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं जैसे:
- बिजेंद्र प्रसाद यादव
- विजय चौधरी
- श्रवण कुमार
- सुनील कुमार में से एक या दो नेताओं को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है.
बीजेपी कोटे से संभावित मंत्री
नई कैबिनेट में बीजेपी से कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं:
- सम्राट चौधरी (मुख्यमंत्री)
- विजय सिन्हा
- मंगल पांडेय
- दिलीप जायसवाल
- रामकृपाल यादव
- श्रेयसी सिंह
- प्रमोद चंद्रवंशी
- अरुण शंकर प्रसाद
- संजय सिंह ‘टाइगर’
ये सभी नेता संगठन और सरकार दोनों में अहम भूमिका निभा चुके हैं. ऐसे में इनके दोबारा शपथ लेने की संभावना बनी हुई है.
जेडीयू की मजबूत हिस्सेदारी
वहीं दूसरी तरफ जेडीयू भी इस बार अपनी हिस्सेदारी मजबूत रखने की तैयारी में है. क्योंकि नीतीश कुमार के जाने के बाद दल से ज्यादा मंत्रियों के होने की संभावना बन सकती है. जेडीयू की लिस्ट पर नजर डालें तो...
- बिजेंद्र प्रसाद यादव
- विजय चौधरी
- श्रवण कुमार
- अशोक चौधरी
- लेशी सिंह
- मदन सहनी
- जमा खान
- सुनील कुमार
सूत्रों का दावा है कि इस बार जेडीयू से बीजेपी से ज्यादा मंत्री बनाए जा सकते हैं. ऐसे में विजय चौधरी का नाम डिप्टी सीएम के तौर पर भी सामने आ रहा है. हालांकि पर्दा 15 अप्रैल को ही उठेगा.
अन्य सहयोगी दलों को भी मिलेगा प्रतिनिधित्व
एनडीए के अन्य घटक दलों को भी मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी:
लोक जनशक्ति पार्टी राम विलास से संजय पासवान और संजय सिंह हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) से संतोष कुमार सुमन राष्ट्रीय लोक मोर्चा RLM से दीपक प्रकाश कुशवाहा को मौका मिल सकता है. यह गठबंधन संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है.
शपथ ग्रहण और आगे की रणनीति
सूत्रों के अनुसार, 15 अप्रैल को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह छोटा और औपचारिक होगा. पहले मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम शपथ लेंगे. इसके बाद विधानसभा में बहुमत साबित किया जाएगा फिर कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा.
पहले कैबिनेट का गणित
2025 में बनी पिछली सरकार में कुल 27 मंत्री थे:
-बीजेपी: 14
-जेडीयू: 8
- अन्य दल: 5
इस बार भी लगभग यही ढांचा रहने की संभावना है, हालांकि कुछ नए चेहरे शामिल हो सकते हैं. सम्राट चौधऱी के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार बिहार की राजनीति में नए समीकरण तय करेगी. कैबिनेट गठन से यह साफ होगा कि गठबंधन के भीतर किसकी कितनी ताकत है और आने वाले समय में राज्य की राजनीति किस दिशा में जाएगी.
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जम्मू-कश्मीर: बडगाम में एसएसपी का फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट चलाने के आरोप में व्यक्ति पर मामला दर्ज
श्रीनगर, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के बडगाम में पुलिस ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएपी) के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट चलाने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बडगाम पुलिस स्टेशन को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि पल्लर बडगाम निवासी समीर अली भट, पुत्र गुलाम मोहम्मद भट, एसएसपी बडगाम के नाम से चल रहे फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट से चैट के स्क्रीनशॉट आम जनता के बीच बांट रहा था और लोगों को प्रभावित करने के लिए खुद को शीर्ष पुलिस अधिकारी का करीबी सहयोगी बता रहा था।
जांच करने पर पता चला कि उक्त व्यक्ति कई एफआईआर में शामिल है और एसएसपी बडगाम के नाम से +91-9622126997 मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट चला रहा था।
वह बातचीत के स्क्रीनशॉट भी साझा कर रहा था ताकि खुद को एसएसपी का करीबी सहयोगी बताकर अनुचित प्रभाव का इस्तेमाल कर सके।
जम्मू-कश्मीर में, देश के अन्य हिस्सों की तरह इंटरनेट और सोशल मीडिया के व्यापक उपयोग के कारण साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और घोटाले बढ़ गए हैं। जहां एक ओर यह सुविधा आम आदमी के लिए अपार लाभ प्रदान करती है, वहीं दूसरी ओर यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती भी पेश करती है।
जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रविरोधी और आपराधिक उद्देश्यों के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग साइबर अपराधों का आधार है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, बुडगाम पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-सी के तहत एफआईआर संख्या 90/2026 दर्ज की है।
बडगाम पुलिस ने आम जनता को सतर्क रहने और इस तरह के फर्जीवाड़े के प्रयासों का शिकार न होने की सलाह दी है।
नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे पुलिस अधिकारियों और अन्य सरकारी विभागों से संपर्क करने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध आधिकारिक संपर्क नंबरों का ही उपयोग करें।
जनता से यह भी अनुरोध किया जाता है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन को दें ताकि समय पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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