Punjab में महिलाओं के लिए खास योजना की शुरुआत, हर महीने आएंगे 1000 से 1500 रुपए; जानिए कैसे होगा रजिस्ट्रेशन
Punjab News: पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिवस के खास मौके पर 'मांवां-धीयां सतिकार योजना' की घोषणा की है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना और उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने से बचाना है. मुख्यमंत्री ने इस पहल को राज्य की सबसे बड़ी महिला सुरक्षा और कल्याणकारी योजना बताया है.
किसे और कितना मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत राज्य की उन सभी महिलाओं को शामिल किया गया है जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी. वहीं, अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाली महिलाओं के लिए यह राशि 1500 रुपये प्रति माह तय की गई है. सरकार का अनुमान है कि इस योजना से राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित होंगी, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है.
पंजीकरण की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तारीखें
योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सरकार ने इसे दो चरणों में बांटने का फैसला किया है. पहले चरण में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत 9 हलकों का चयन किया गया है. इनमें आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला देहाती शामिल हैं. इन क्षेत्रों में 15 अप्रैल 2026 से रजिस्ट्रेशन का काम शुरू कर दिया जाएगा. इसके बाद, राज्य के बाकी बचे 108 हलकों में 15 मई 2026 से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होगी. सबसे राहत की बात यह है कि रजिस्ट्रेशन के लिए कोई आखिरी तारीख तय नहीं की गई है.
जुलाई से खातों में आने लगेगी राशि
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि योजना के तहत पैसों का भुगतान जुलाई 2026 से शुरू होगा. यदि कोई महिला देरी से भी पंजीकरण कराती है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देरी से जुड़ने वाली महिलाओं को भी जुलाई से मिलने वाली बकाया राशि का पूरा भुगतान किया जाएगा. इस योजना के लिए पंजाब सरकार ने साल 2026-27 के बजट में 9300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड आवंटित किया है, ताकि भुगतान में कभी कोई रुकावट न आए.
जरूरी दस्तावेज और सखियों की मदद
पंजीकरण की प्रक्रिया को सरकार ने बहुत ही आसान रखा है ताकि आम महिलाओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. आवेदन के लिए केवल तीन मुख्य दस्तावेजों की जरूरत होगी: पंजाब के पते वाला आधार कार्ड, पंजाब का वोटर आईडी और बैंक की पासबुक. जो महिलाएं 1500 रुपये वाली श्रेणी (अनुसूचित जाति) में आती हैं, उन्हें अपना जाति प्रमाण पत्र देना होगा. अगर किसी के पास फिलहाल जाति प्रमाण पत्र नहीं है, तो भी वह रजिस्ट्रेशन करा सकती हैं. ऐसी महिलाओं को तब तक 1000 रुपये मिलेंगे जब तक वे अपना प्रमाण पत्र जमा नहीं कर देतीं.
घर-घर पहुंचेंगी महिला सतिकार सखियां
योजना को जमीनी स्तर पर हर घर तक पहुंचाने के लिए राज्य भर में 26,000 से अधिक पंजीकरण केंद्र बनाए जा रहे हैं. ये केंद्र आंगनवाड़ी, सेवा केंद्रों और नगर निगम के दफ्तरों में होंगे. इसके साथ ही सरकार 'महिला सतिकार सखियों' की एक बड़ी टीम तैनात कर रही है. ये सखियां हर गांव और वार्ड में घर-घर जाकर महिलाओं को फॉर्म भरने में मदद करेंगी. अगर किसी महिला के पास जरूरी कागजात नहीं हैं, तो ये सखियां उन्हें कागजात बनवाने में भी सहयोग करेंगी.
महिलाओं को बांटे पंजीकरण प्रमाणपत्र
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि जब महिला के हाथ में पैसा होता है, तो वह पूरे परिवार की बेहतरी के लिए खर्च होता है. यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आजाद करेगी बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी बड़ी बढ़ोतरी करेगी. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महिलाओं को टोकन के तौर पर पंजीकरण प्रमाणपत्र भी बांटे. लाभार्थियों ने सरकार के इस फैसले की सराहना करते हुए इसे अपनी जिंदगी बदलने वाला कदम बताया है.
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प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने किया फोन, पश्चिम एशिया संकट पर की चर्चा
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन कॉल किया। पीएम मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, मेरे मित्र, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर भी जोर दिया।
अस्थाई संघर्ष विराम के बाद पीएम मोदी और ट्रंप के बीच ये पहली बातचीत है।
वहीं, ये बीस दिन में दूसरी बार बातचीत हुई है। इससे पहले 24 मार्च को फोन पर बात हुई थी। उस बातचीत में भी दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के हालात पर बात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत चाहता है कि तनाव कम हो और जल्द से जल्द शांति बहाल हो।
उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने की अहमियत भी बताई थी, क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
बता दें, कि हाल ही में ईरान-यूएस के बीच इस्लामाबाद में स्थाई शांति को लेकर की चर्चा बेनतीजा रही। इसके बाद से ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज स्ट्रेट के नाकाबंदी की बात कही।
होर्मुज पर ईरान की दावेदारी और अमेरिकी की कथित नाकेबंदी के बीच दुनिया इस मुद्दे को लेकर गंभीर है। मंगलवार को ही फ्रांस-यूके ने जल्द ऑनलाइन बैठक का आयोजन करने की घोषणा की। इस बैठक में होर्मुज का रास्ता सुगम बनाने को लेकर मंत्रणा होगी।
वर्चुअल बैठक इस महीने की शुरुआत में यूनाइटेड किंगडम की अगुवाई में 40 से अधिक देशों के मंत्रियों की हुई बैठक का अगला चरण मानी जा रही है। उस बैठक में उस अहम समुद्री चोकपॉइंट पर चर्चा हुई थी, जहां हजारों जहाज और उनके चालक दल फंसे हुए हैं।
--आईएएनएस
केआर/
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