वाराणसी में आतंकियों को फंडिंग में डॉक्टर के घर रेड:4 घंटे से पूछताछ में जुटी ATS, लैपटॉप-मोबाइल में कश्मीर-पाक का नेटवर्क
वाराणसी में आतंकियों को फंडिंग करने और खुफिया जानकारी देने वाले डॉक्टर के घर पर रेड चल रही है। ATS (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) मंगलवार सुबह डॉक्नेटर के घर पहुंची और उसके मोबाइल-लैपटॉप को कब्जे में लिया। इसके बाद डॉक्टर के घरवालों से पूछताछ की। मोबाइल, लैपटॉप और बैंक अकाउंट की डिटेल में लाखों रुपए के टर्न ओवर की जानकारी मिली है। साथ ही डॉक्टर का पाकिस्तानी लोगों और कश्मीर के संगठनों से कनेक्शन भी मिला है। वह कई संदिग्धों के टच में है। उनके नंबर फोन में सेव मिले हैं। मौके पर आईबी के अधिकारी भी मौजूद हैं। डॉक्टर के घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात है। इस कार्रवाई के पीछे लखनऊ में पकड़े 4 आतंकियों से मिला इनपुट बताया जा रहा है। मामला आदमपुर थाना क्षेत्र का है। 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, यूपी एटीएस मुंबई एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम ने वाराणसी के पठानी टोला इलाके के आदमपुर निवासी एक चिकित्सक डॉ आरिफ अंसारी के घर पर छापेमारी की है। डॉ आरिफ अंसारी हाजरा हॉस्पिटल चलाते हैं। डॉ आरिफ अंसारी एक बाल रोग विशेषज्ञ हैं। वहीं उनके तीन भाई साड़ी का कारोबार करते हैं। उनके बेटे भी कारोबार में सक्रिय हैं और अक्सर बाहर आना-जाना लगा रहता है। सूत्रों के मुताबिक, टेरर फंडिंग मामले में यह छापेमारी की गई है और डॉक्टर के बेटे अबुबकर (20) से टीम पूछताछ में जुटी हुई है। बेटा अबुबकर नीट की तैयारी कर रहा है। इस दौरान डॉक्टर के बेटे के साथ ही उसके परिजनों के मोबाइल, लैपटॉप इत्यादि की सघनता से जांच की जा रही है। सूत्रों की मानें तो डॉक्टर के बेटे पर एक कश्मीरी हैंडल से व्हाट्सएप चैट के जरिए बातचीत करने का आरोप लगा है, जो पाकिस्तान के संदिग्ध लोगों के संपर्क में था। इसके बाद टीम पूछताछ के लिए वाराणसी पहुंची है। करीब 4 घंटे से टीम डॉक्टर के घर पर मौजूद है। घटना स्थल पर और आसपास पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। बनारस और मुंबई यूनिट की टीम पूछताछ कर रही है। वहीं पुलिस के अलावा स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी है। जिस गली में छापामार टीम पहुंची है, उसमें स्थानीय लोगों का छोड़ किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है। आदमपुर थाना की पुलिस डॉक्टर के घर के बाहर सुरक्षा में लगी है। पुलिस के अधिकारी भी एक बार मौके पर निरीक्षण के लिए गए तो कुछ देर रहने के बाद लौट आए। हालांकि, इस पूरे मामले में एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और आदमपुर इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्रा की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ATS इंस्पेक्टर भारत भूषण घर से बाहर निकले। उन्होंने कहा- हम नहीं कुछ भी बता नहीं सकते। अभी रेड चल रही है। लखनऊ से पकड़े गए संदिग्धों से जुड़ रहे तार 10 अप्रैल को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के पास से एटीएस द्वारा पकड़े गए चार संदिग्धों से पूछताछ में अहम जानकारी सामने आई थी। जांच में इनके संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समेत अन्य आतंकी संगठन से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। एजेंसियों को यह भी इनपुट मिला कि मुंबई, लखनऊ और वाराणसी में टेरर फंडिंग के जरिए नेटवर्क सक्रिय किया जा रहा था। इन्हीं इनपुट के आधार पर एटीएस ने वाराणसी में छापेमारी की है। फिलहाल एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच, कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होने की संभावना है। ----------------- यह खबर भी पढ़ें… आगरा में BJP नेता का डांसर के साथ VIDEO, होटल संचालक को वसूली के लिए धमकाया; जिलाध्यक्ष बोले- हमारी पार्टी का नहीं आगरा में खुद को भाजपा नेता बताने वाले महिपाल चौधरी का अब होटल में डांसर के साथ वीडियो सामने आया है। इसमें महिपाल कुर्सी पर बैठा दिख रहा। कमरे में दो लड़कियां डांस कर रही हैं। हालांकि, ये वीडियो कब का है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। महिपाल चौधरी खुद को भाजपा का मीडिया प्रभारी बताता है। शहर में कई जगह लगे पोस्टर में भी उसने खुद को भाजपा नेता बताया है। हालांकि, आगरा भाजपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने दावा किया कि महिपाल चौधरी हमारी पार्टी का नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…
सांसद अमृतपाल को पंजाब लाने से बिगड़ेंगे हालात:राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखा पत्र, 23 अप्रैल को खत्म हो रही NSA अवधि
पंजाब सरकार ने खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर मांग की है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत अवधि खत्म होने के बाद भी उन्हें असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में ही रखा जाए। पंजाब में अमृतपाल को लाने से हालत बिगड़ सकते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया सरकार ने अपने पत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव से अनुरोध किया है कि असम सरकार की सहमति लेकर ट्रांसफर ऑफ प्रिजनर्स एक्ट, 1952 तथा पंजाब संशोधन अधिनियम 2025 के प्रावधानों के तहत अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल में रखने की अनुमति दी जाए। इस मामले में शीघ्र निर्णय लेने की भी अपील की गई है। पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने रिहाई से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई सूत्रों के मुताबिक, पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि उनकी रिहाई से राज्य में कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) और अमृतसर (देहात) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की रिपोर्ट पर गृह विभाग ने यह सिफारिश की है। 24 फरवरी 2023 को किया था अमृतपाल को गिरफ्तार गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ 24 फरवरी 2023 को अमृतसर के अजनाला थाने में मामला दर्ज किया गया था, जब उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पुलिस स्टेशन पर धावा बोलकर एक सहयोगी को छुड़ा लिया था। इसके बाद वे करीब एक महीने तक फरार रहे और 23 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तारी के बाद से ही अमृतपाल को एनएसए के तहत डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में रखा गया है। उनकी हिरासत अवधि को अप्रैल 2024 और अप्रैल 2025 में बढ़ाया जा चुका है। वर्तमान में यह अवधि 22 अप्रैल 2026 को समाप्त होने वाली है। सुरक्षा के मद्देनजर अमृतपाल बाहर रखना उपयुक्त रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एनएसए की अवधि समाप्त होने के बाद 23 अप्रैल को अमृतपाल को दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है, हालांकि राज्य की सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें पंजाब से बाहर ही रखना अधिक उपयुक्त माना गया है। उल्लेखनीय है कि डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल के नौ सहयोगियों को एनएसए की अवधि समाप्त होने के बाद पंजाब वापस लाया जा चुका है, लेकिन उनके मामले को अलग मानते हुए सरकार ने विशेष व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत जताई है। अब इस मामले में अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और असम सरकार की सहमति के बाद लिया जाएगा। 1.97 लाख वोटों से जीता था अमृतपाल अमृतपाल सिंह अजनाला थाने पर हमला करने समेत 12 एफआईआर में भी आरोपी हैं। जेल में रहते हुए अमृतपाल सिंह ने पंजाब के खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 2024 का लोकसभा चुनाव जीता है। अमृतपाल सिंह ने कांग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा को करीब 1.97 लाख वोटों के अंतर से हराया था। खडूर साहिब से जीत के बाद अमृतपाल को शपथ ग्रहण के लिए पैरोल मिली थी।
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