छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां के सिंघी तराई इलाके में स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे एक जोरदार धमाका हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्लांट के बॉयलर में अचानक ब्लास्ट होने से वहां काम कर रहे मजदूरों के बीच चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 मजदूरों की जान जा चुकी है, जबकि 15 अन्य लोग घायल हुए हैं।
राहत और बचाव कार्य तेज
हादसे की सूचना मिलते ही डभरा थाना पुलिस, दमकल विभाग और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। शक्ति जिले के एसपी प्रफुल ठाकुर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घायलों को इलाज के लिए फौरन रायगढ़ के नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्लांट परिसर में मची अफरा-तफरी को देखते हुए अन्य कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
मजदूरों की हालत नाजुक
धमाका इतना शक्तिशाली था कि कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े केंद्रों में रेफर किया जा सकता है। अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ और डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है ताकि घायलों को समय पर उपचार मिल सके।
हादसे की जांच शुरू
प्रशासन और कंपनी प्रबंधन ने इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। फिलहाल ब्लास्ट के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। जांच टीम इस बात पर ध्यान दे रही है कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी, रखरखाव में लापरवाही या बॉयलर में दबाव बढ़ने की वजह से हुआ।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस भीषण दुर्घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और प्लांट के संचालन के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों और कर्मचारियों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश और दहशत है। लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पावर प्लांट्स में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा और पुख्ता किया जाना बेहद जरूरी है।
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