PM Modi inaugurates Delhi–Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन |
PM Modi inaugurates Delhi–Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन | #PMModi #DelhiDehradunExpressway #Uttarakhand #Dehradun #Infrastructure ------------------------------------------------------------------------------------------------------- "प्रखर राष्ट्रवाद की बुलंद आवाज़" सुदर्शन न्यूज़ चैनल आप देख सकते हैं आपको दिए हुए लिंक पर जाए और सुदर्शन से जुड़े तमाम चैनल जिसमें आप इतिहास, विज्ञान, एजुकेशन, इंटरव्यू और बॉलीवुड़ की जानकारी मिल सकती है। सुदर्शन टैक्नोलॉजी और सुदर्शन डिजिटल पर होने वाले लाइव इंटरव्यू को देखने के लिए सुदर्शन के मैन यूट्यूब चैनल को फॉलो करे। नए चैनल को लेकर आपकी प्रतिक्रिया हमें जरूर दे। "Voice of an intense nationalist" You can see the given links on Sudarshan News Channel and by visiting the link channel related to Sudarshan, you can get information about history, science, education, interviews and Bollywood. To view live interviews with Sudarshan Technology and Sudarshan Digital, follow Sudarshan's main YouTube channel. Please give us your feedback regarding the new channel. #breakingNews #SureshChavhanke #TrendingNews #SudarshanLive #SudarshanNews #HindiNews #Newslive #BindasBol #BindasBolLive #Sudarshan #Hindurastra sudarshan news | sudarshan news live | sudarshan | sudarshan news channel | sudarshan tv | सुदर्शन न्यूज़ | sudarshan channel | sudershan news | सुदर्शन | Breaking | News Hindi | Jihad News | Jihad | Muslim | Hindutuva | Bindas Bol | suresh chavhanke | Jago | Pradosh chavhanke | hindi news | live Skype I.D- SudarshanNews Whatsapp Channel: whatsapp.com/channel/0029Va9FWl8LSmbdEqIsfK2G Facebook: https://www.facebook.com/sudarshantvnews Twitter : https://twitter.com/SudarshanNewsTV Instagram: https://www.instagram.com/Sudarshantvnews/ Join Our Teligram https://t.me/sudarshannewstv Follow on Koo: https://www.kooapp.com/profile/sudarshannewstv Visit Website : www.sudarshannews.com Subscribe YouTube: https://www.youtube.com/c/SudarshanNewsTV बिंदास बोल से जुड़ी तमाम विडियों देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें. https://www.youtube.com/channel/UCNBEfg_PfpSjk8DqiafJJhg संपर्क करें - social@sudarshantv.com व्हाट्स एप - 9540558899 फोन नम्बर - 0120 - 4999900
गर्मी में केले की फसल बचाने के आसान उपाय, वरना घट सकती है पैदावार
Banana Farming Tips: जैसे ही गर्मी अपने चरम पर पहुँचने लगती है और तापमान हर दिन नए रिकॉर्ड बनाने लगता है, वैसे ही खेतों में फसलों को सुरक्षित रखना किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती है, वही इस मौसम में खासकर केले की फसल बहुत जल्दी प्रभावित होती है, जिसके कारण उसकी पैदावार घट जाती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। लेकिन अब कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसे कारगर उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर किसान न केवल अपनी केले की फसल को इस भीषण गर्मी की मार से बचा सकते हैं, बल्कि बेहतर उत्पादन भी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उनकी मेहनत सफल हो सके।
ऐसे मुश्किल मौसम में केले की फसल को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है, लेकिन अब एक ऐसा देसी तरीका सामने आया है, जो किसानों के लिए काफी कारगर साबित हो रहा है और कृषि वैज्ञानिक भी इस विधि को बहुत प्रभावी मानते हैं। इस तरीके में किसान केले की फसल में जूट यानी सन के पौधे लगाते हैं, जिससे वे भीषण गर्मी में भी अपने पौधों को सुरक्षित रख पाते हैं और उन्हें मुरझाने से बचाते हैं।
कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि जिन किसानों ने अभी तक केले की बुआई शुरू नहीं की है, वे पहले अपने खेत में जूट के पौधे लगा दें क्योंकि ये पौधे बहुत तेजी से बढ़ते हैं और कुछ ही दिनों में अच्छी ऊंचाई हासिल कर लेते हैं। इनकी सबसे खास बात यह है कि ये केले के छोटे और नाजुक पौधों को सीधी धूप से बचाने में मदद करते हैं, जिससे वे लू और तेज गर्मी के प्रभाव से बचे रहते हैं और उनकी वृद्धि बाधित नहीं होती है।
खरगोन जिले के कसरावद और नर्मदा किनारे वाले इलाकों में, जहां लगभग 40 हजार हेक्टेयर में केले की खेती होती है, किसान इस तरीके को तेजी से अपना रहे हैं। यहां किसान ड्रिप सिंचाई पद्धति का उपयोग करते हुए पहले जूट के पौधे लगाते हैं और फिर लगभग 15 से 20 दिनों के बाद उनके बीच केले के पौधे रोपते हैं। कृषि विशेषज्ञ उद्यानिकी केके गिरवाल लोकल 18 को बताते हैं कि जब जूट के पौधे दो से तीन फीट तक बड़े हो जाते हैं, तब उनके बीच केले के पौधे लगाए जाते हैं, जिससे केले के छोटे पौधों को प्राकृतिक रूप से छाया मिलती है और वे तेज धूप व लू के असर से बचे रहते हैं, नतीजतन पौधे स्वस्थ रहते हैं और उनकी बढ़वार भी अच्छी होती है।
यह तरीका खासकर टिशू कल्चर वाले केले के पौधों के लिए अधिक फायदेमंद माना जाता है क्योंकि ये पौधे शुरुआत में अधिक संवेदनशील होते हैं और इन्हें बचाने के लिए छाया अत्यंत आवश्यक होती है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि जैसे ही बारिश का मौसम शुरू होता है, जूट के पौधों को काटकर खेत में ही बिछा दिया जाता है। इससे मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है और पानी जल्दी सूखता नहीं है, वही यह कटा हुआ जूट सड़कर जैविक खाद में बदल जाता है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता और उसकी उपजाऊ शक्ति दोनों बढ़ती हैं।
इस प्रक्रिया से खेत की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है और किसानों को अलग से खाद पर ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता है। साथ ही, पौधों को बेहतर पोषण भी मिलता है, जिससे आखिरकार उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है। केले की फसल को लू से बचाने के लिए और भी कई उपाय किए जा सकते हैं, जैसे दक्षिण-पश्चिम दिशा में नेट लगाना और बगीचे के किनारे पर ग्रीन शेड नेट का उपयोग करना, जिससे गर्म हवाओं का सीधा असर कम होता है और खेत का तापमान संतुलित बना रहता है। इसके अलावा, वायु अवरोधक पेड़ जैसे गजराज घास या ढेंचा लगाने से खेत का वातावरण ठंडा रहेगा और गर्म हवाएं अंदर नहीं आ पाएंगी। लू से बचाव के लिए आप केले के बंच को केले की सूखी पत्तियों से भी ढक सकते हैं या फिर बेहद पतले पॉली बैग, जिन्हें स्केटिंग बैग भी कहते हैं, उनसे केले के बंच को पूरी तरह से कवर कर सकते हैं, ताकी फल धूप की सीधी मार से बचे रहें और उनकी गुणवत्ता बनी रहे, जिससे किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सके।
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