‘शिक्षा और संस्कारों से ही संभव है राष्ट्र निर्माण’, विमोचन कार्यक्रम में बोले CM पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याण समिति देहरादून की आधिकारिक वेबसाइट और 'क्षत्रिय जागरण स्मारिका' का औपचारिक विमोचन किया. इस खास मौके पर उन्होंने समिति के सदस्यों को अपनी शुभकामनाएं दीं.
सामाजिक कार्यों की सराहना की
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये समिति समाज को जागरुक करने और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने में एक अहम भूमिका निभा रही है. सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने और युवाओं से सामाजिक कार्यों में एक्टिव भागीदारी करके प्रदेश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया.
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शासकीय आवास में उत्तराखण्ड क्षत्रिय कल्याण समिति, देहरादून की वेबसाइट एवं क्षत्रिय जागरण स्मारिका का विमोचन किया।
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) August 9, 2026
मुख्यमंत्री ने समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समिति, समाज को जागरूक करने और जरूरतमंद लोगों तक सहायता… pic.twitter.com/JxAdGQoeHY
चौतरफा विकास में शिक्षा को सीएम ने सबसे बताया अहम
समाज के चौतरफा विकास में शिक्षा को सीएम ने सबसे अहम बताया. उन्होंने कहा कि सीएम धामी ने बच्चों की शिक्षा पर खास ध्यान देने और उन्हें अच्छा अवसर बताने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि बच्चों में संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना आवश्यक है, जिससे वे राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं.
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग शामिल
कार्यक्रम में विधायक सुरेश सिंह चौहान, दिगंबर सिंह नेगी, गोविंद बिष्ट, सोहन सिंह नेगी, आशा असवाल, धनपाल रावत, किशन भंडारी, प्रताप सिंह बिष्ट, चंदन सिंह भंडारी सहित कई अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित थे.
न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्ती और वहां महंगी पढ़ाई से भारतीय छात्र नए देश तलाश रहे हैं। न्यूजीलैंड भारतीय छात्रों का पसंदीदा देश बना है। यहां अमेरिका के मुकाबले लगभग आधे खर्च में पढ़ाई और फिर बाद में 3 साल का वर्क वीजा मिलता है। इसके कारण यहां 1 साल में भारतीय छात्रों की संख्या में 33% बढ़ी है। ऑफर... 4 यूनिवर्सिटी में मेरिट से स्कॉलरशिप न्यूजीलैंड में 4 यूनिवर्सिटी- वाइकातो, कैंटरबरी, विक्टोरिया और वेलिंगटन में मेरिट बेस से भारतीय स्टूडेंट्स को फुल स्कॉलरशिप का ऑफर भी शुरू किया गया है। एनजेड स्कॉलरशिप: पीएचडी वाले भारतीय छात्रों के लिए 14 लाख रुपए तक की फीस माफी। साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता है। कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप: फीस, रहन-सहन, यात्रा कवर। साप्ताहिक भत्ता भी। एक्सीलेंस अवॉर्ड: साढ़े 5 लाख रुपए की एकमुश्त राशि छात्रों को दी जाती है। हाई अचीवर्स स्कॉलरशिप: मेधावी भारतीय छात्रों को फीस में 11 लाख छूट। राहत...यहां इमिग्रेशन फोर्स की धरपकड़ का डर नहीं वेलिंगटन में रहने वाले छात्र आकाश का कहना है कि न्यूजीलैंड में इमिग्रेशन फोर्स का खतरा नहीं होता है। आकाश का कहना है कि अमेरिका में रहने वाले उनके साथी छात्र बताते हैं कि कैसे इमिग्रेशन की धरपकड़ का डर रहता है। भारतीय छात्रों को वहां हमेशा अपने वीसा, पासपोर्ट और अन्य डॉक्यूमेंट्स साथ रखने पड़ते हैं। स्टूडेंट ट्रैकर आईसीईएफ के अनुसार 2025 में 12 हजार छात्रों की तुलना में इस साल जुलाई दाखिले में ये संख्या 16 हजार पहुंचेगी। अमेरिका में फीस, कॉस्ट ऑफ लिविंग व हेल्थ इंश्योरेंस का खर्च 85 लाख रुपए पड़ता है। इसकी तुलना में न्यूजीलैंड में ये खर्च लगभग 44 लाख रुपए ही बैठता है। गारंटी... पार्टटाइम और फुलटाइम जॉब आसान ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के छात्र गौरव शर्मा कहते हैं कि न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान पार्ट टाइम जॉब भी आसानी से मिल जाती है। छात्र हर हफ्ते 25 घंटे काम कर सकता है। पढ़ाई पूरी होने के बाद न्यूजीलैंड में हेल्थकेयर, आईटी, कंस्ट्रक्शन और एग्री सेक्टर की ग्रीन लिस्ट में ढेरों जॉब ऑफर होते हैं।
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