प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार 14 अप्रैल को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के महत्वपूर्ण दौरे के दौरान देहरादून में एक भव्य समारोह में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए इसे विकास के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बताया। इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उनके साथ उपस्थित रहे।
शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक
जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ विकास की इस यात्रा में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। मुझे याद है बाबा केदार के दर्शन के बाद मैंने कहा था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। आज यह सच साबित हो रहा है। डबल इंजन सरकार की नीतियों और यहां के लोगों के परिश्रम से यह युवा राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है।'
रोड शो के बाद की डाट काली मंदिर में पूजा
उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री सुबह करीब 11:15 बजे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पहुंचे, जहां उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के ऊंचे खंड पर बने वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने एक भव्य रोड शो भी किया, जहां उमड़े जनसैलाब ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद पीएम देहरादून स्थित डाट काली मंदिर पहुंचे और वहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
प्रोजेक्ट की खासियत
करीब 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार यह 213 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर आधुनिक इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता एशिया का सबसे लंबा 12 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और डाट काली मंदिर के पास बनी 340 मीटर लंबी सुरंग है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी महज 2.5 घंटे में पूरी की जा सकेगी, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां भी तेज होंगी।
देहरादून में उत्सव जैसा माहौल
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर पूरे देहरादून शहर में जबरदस्त उत्साह देखा गया। शहर के मुख्य चौराहों और रास्तों को प्रधानमंत्री मोदी, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बड़े-बड़े पोस्टरों व झंडों से सजाया गया था।
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अपनी आखिरी कैबिनेट मीटिंग की, जहां माहौल काफी भावुक नजर आया। मीटिंग के दौरान नीतीश कुमार ने मंत्रिपरिषद को संबोधित किया और अपने लंबे कार्यकाल व राज्य के विकास कार्यों को याद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली जो भी सरकार बनेगी, वह उसका मार्गदर्शन करते रहेंगे। नीतीश कुमार के इस विदाई भाषण के दौरान वहां मौजूद कई नेता और मंत्री अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके।
नीतीश सरकार की आखिरी कैबिनेट मीटिंग
पटना में आयोजित इस आखिरी कैबिनेट बैठक में नीतीश कुमार ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर बिहार को आगे ले जाने का हरसंभव प्रयास किया है। करीब पांच मिनट के अपने संक्षिप्त संबोधन में उन्होंने सहयोग के लिए सभी मंत्रियों का आभार जताया और राज्य की प्रगति को प्राथमिकता बनाए रखने की बात कही। मुख्यमंत्री का यह संबोधन इतना मार्मिक था कि बैठक में सन्नाटा पसर गया और सभी ने इसे बहुत गंभीरता से सुना।
सहयोगियों ने जताया आभार
कैबिनेट बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी अपनी बात रखी। दोनों नेताओं ने नीतीश कुमार के नेतृत्व कौशल और उनके अनुभवों की जमकर सराहना की। उन्होंने राज्य के विकास में नीतीश कुमार के योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। विदाई की इस घड़ी में उपमुख्यमंत्री समेत कई अन्य मंत्री भी भावुक दिखे।
बिहार का अगला सीएम कौन?
नीतीश कुमार के इस्तीफे की खबरों के बीच अब सबकी नजरें अगले मुख्यमंत्री पर टिकी हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वह पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं और फिलहाल गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि केंद्रीय नेतृत्व कोई 'चौंकाने वाला' चेहरा भी सामने ला सकता है, जैसा हाल ही में मध्य प्रदेश और राजस्थान में देखा गया था।
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