मानसून पर संकट? IMD ने जताई कम बारिश की आशंका, अल नीनो का असर!
IMD Monsoon Forecast: भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस साल जून से सितंबर तक चलने वाले मानसून सीजन में देश में औसतन लगभग 92% बारिश होने की संभावना है. यानी इस साल सामान्य से करीब 8 फीसदी कम बारिश हो सकती है. 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर देश में मानसून की औसत बारिश लगभग 87 सेंटीमीटर मानी जाती है.
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मध्य पूर्व तनाव से ऊर्जा कीमतों में उछाल, ब्रिटेन के परिवारों की आमदनी घटने का खतरा
लंदन, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसका असर ब्रिटेन के आम घरों पर पड़ने वाला है। नए विश्लेषण में कहा गया है कि वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते लोगों के जीवन स्तर में गिरावट आ सकती है।
सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में रेजोल्यूशन फाउंडेशन ने बताया कि ब्रिटेन के कामकाजी उम्र वाले मध्यम परिवारों की आमदनी इस वित्तीय वर्ष में पहले के अनुमान से करीब 480 पाउंड (लगभग 650 अमेरिकी डॉलर) कम रह सकती है। इसकी वजह बढ़ती ऊर्जा कीमतें हैं, जो महंगाई को बढ़ा रही हैं और असली आमदनी को घटा रही हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, थिंक टैंक ने कहा कि पहले जहां औसत घरेलू आय में 0.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान था, अब उसमें 0.6 प्रतिशत की गिरावट की उम्मीद है। यह दिखाता है कि बढ़ती ऊर्जा कीमतों का असर कितना व्यापक है।
वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हाल के भू-राजनीतिक तनावों के कारण बड़ा झटका लगा है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग सात प्रतिशत बढ़कर करीब 101 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। यह उछाल तब आया, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत विफल होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी की घोषणा की।
यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बहुत अहम माना जाता है। संघर्ष शुरू होने के बाद से यह लगभग बंद ही है, जिससे तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई है और महंगाई और आर्थिक विकास को लेकर चिंता बढ़ गई है।
रेजोल्यूशन फाउंडेशन के मुख्य अर्थशास्त्री जेम्स स्मिथ ने कहा, “हालांकि लंबे समय तक शांति की उम्मीद थी, लेकिन इस संघर्ष की स्थिति अभी अनिश्चित है। ऊर्जा की कीमतें युद्ध से पहले की तुलना में काफी ज्यादा हैं, इसलिए इस साल कई परिवारों की खरीदने की क्षमता कम हो जाएगी।”
थिंक टैंक ने सरकार से अपील की है कि कम आय वाले लोगों की मदद के लिए “सोशल टैरिफ” योजना को जल्द लागू किया जाए, खासकर सर्दियों से पहले जब ऊर्जा की खपत बढ़ जाती है।
इस बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना बहुत नुकसानदायक है। उन्होंने कहा कि वैश्विक शिपिंग को चालू रखना जरूरी है ताकि जीवन-यापन की लागत पर दबाव कम किया जा सके।
कीर स्टार्मर ने सोशल एक्स पर पोस्ट किया, “होर्मुज स्ट्रेट का लगातार बंद रहना बहुत नुकसानदायक है। वैश्विक शिपिंग को चालू रखना जीवन-यापन की लागत कम करने के लिए जरूरी है। यूके 40 से ज्यादा देशों को एक साथ लाया है, जो नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करना चाहते हैं। इस हफ्ते यूके और फ्रांस मिलकर एक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे ताकि संघर्ष खत्म होने के बाद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा के लिए एक समन्वित और स्वतंत्र योजना बनाई जा सके।”
--आईएएनएस
एवाई/वीसी
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