ब्रिटेन के पीएम स्टार्मर ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप के प्लान से बनाई दूरी, बोला- देश इस कार्रवाई का समर्थन नहीं करेगा
अमेरिका और ईरान में तनाव ने नया मोड़ ले लिया है. यहां पर एक ओर अमेरिका इस अहम समुद्री रास्ते पर ब्लॉकेड लगाने की तैयारी कर रहा है, वहीं उसका सबसे करीबी सहयोगी ब्रिटेन इस कदम से पीछे हटता दिखाई दे रहा है. ब्रिटेन के पीएम किएर स्टार्मर ने साफ शब्दों में कहा कि उनका देश इस ब्लॉकेड का समर्थन नहीं करता है. इसके साथ न ही वह ईरान के खिलाफ किसी युद्ध का हिस्सा होगा.
होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोला जाए
किएर ने अपने बयान में साफ कह दिया है कि ब्रिटेन अमेरिका के किसी प्लान का हिस्सा नहीं है. दरअसल ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज के ब्लॉकेड में उनके सहयोगी देश शामिल होंगे. मगर ब्रिटेन ने अपना रुख साफ कर दिया. उन्होंने बीबीसी रेडियो पर बातचीत के दौरान कहा कि हम इस ब्लॉकेड का समर्थन नहीं कर रहे हैं. उनका मुख्य लक्ष्य है कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोला जाए. किएर स्टार्मर ने स्पष्ट कर दिया कि ब्रिटेन किसी भी हाल में इस जंग का हिस्सा नहीं होगा. उस पर चाहे कितना भी दबाव क्यों न बनाया जाए. उनके मुताबिक किसी भी सैन्य कार्रवाई में शामिल होने को लेकर स्पष्ट कानूनी अधिकार और ठोस रणनीति की जरूर होती है.
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर
दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट विश्व के सबसे अहम तेल मार्ग में से एक माना जाता है. खाड़ी देशों से निकलने वाला तेल इसी रास्ते से गुजर करके विश्वभर में पहुंचता है. इस दौरान अगर यहां पर तनाव ज्यादा होता है तो इसका असर सीधे तौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर होता है. यही कारण है कि ब्रिटेन इस इलाके में अपने संसाधनों को युद्ध के बजाए सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने का प्रयास कर रहा है.
ब्रिटेन का फोकस डिप्लोमेसी को स्थिर रखना है
ब्रिटिश पीएम स्टार्मर के अनुसार, ब्रिटेन के पास इस इलाके में माइनस्वीपर जहाज की मौजूदगी है. उनका लक्ष्य किसी सैन्य टकराव में शामिल होना नहीं है. इसका मकसद समुद्री रास्तों को सुरक्षित और खुला रखना है. इसके तहत ब्रिटेन का फोकस डिप्लोमेसी को स्थिर रखना है, न कि तनाव को बढ़ाना है.
दूसरी ओर अमेरिका ने साफ किया कि वह ईरान पर दबाव बनाने को लेकर सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी सैन्य कमान के तहत ब्लॉकेड के तहत ईरान के बंदरगाहों में आने जाने वाले जहाजों की निगरानी और रोकथाम करेगा.
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डोनाल्ड ट्रंप से नहीं डरता, ईसा मसीह का संदेश दिया है; पोप लियो ने सुना दी दोटूक
पोप लियो ने कहा कि मैंने शांति और सद्भाव की अपील की थी। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप खुद शांति की बातें करते हैं। मैंने उससे अलग तो कुछ नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि मैंने तो ईसा मसीह के संदेश को ही आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।
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