'ना ताज चाहिए, ना तख्त चाहिए', धर्मेंद्र-सायरा बानो के लिए गाया आशा भोसले का वो गीत, ताजा कर देता है पुरानी यादें
नई दिल्ली. ‘न ताज चाहिए, न तख़्त चाहिए’ हिंदी सिनेमा का एक बेहद खूबसूरत और भावनात्मक गीत है, जिसे महान गायिका आशा भोसले ने अपनी दिलकश आवाज से अमर बना दिया. यह गीत 1968 में रिलीज हुई फिल्म ‘साजिश’ का हिस्सा था, जिसमें सायरा बानो और धर्मेंद्र मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे. इस रोमांटिक ट्रैक में प्रेम की सादगी और समर्पण को बेहद खूबसूरती से पेश किया गया है, जहां प्यार के आगे दुनिया की हर दौलत और शान फीकी लगती है. गीत को मशहूर संगीतकार शंकर-जयकिशन ने कंपोज किया था. आशा भोसले की मधुर और भावपूर्ण आवाज ने गीत के रोमांटिक एहसास को और भी गहरा बना दिया. स्क्रीन पर सायरा बानो की मासूम अदाएं और धर्मेंद्र की शांत मौजूदगी ने इस गाने को खास बना दिया था.
Vaishakh Amavasya 2026:वैशाख अमावस्या पितरों के लिए क्यों मानी जाती है खास, मेष संक्रांति में करें पितरों के लिए दान
vaishakh amavasya 2026 april :वैशाख अमावस्या यानी मेष संक्रांति बहुत खास मानी जाती है। इसमें जो अमावस्या आती है, उसे खास माना जाता है। एक-एक तिथि में किया हुआ पुण्य कोटि-कोटि गुना अधिक होता है। उनमें भी जो वैशाखकी अमावास्या तिथि है।
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