अमेरिका ने 167 किलोमीटर लंबी नाकेबंदी का खेल खेला, मैप से जानें किन जगहों पर बनाया दबदबा
पाकिस्तान में ईरान से वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने 167 किलोमीटर लंबी नाकेबंदी का खेल खेला है. उसने फारस की खाड़ी से लेकर ओमान की खाड़ी तक तगड़ा पहरा लगा दिया है. ऐसे में पूरी दुनिया में तेल संकट पैदा हो सकता है. ईरान जहां पर इस रास्ते के बाहरी इलाके में पहरा दे रहा है, वहीं अमेरिका इस रास्ते में समांतर रूप से निगरानी में लगा है. आइए मैप के सहारे जाने की कोशिश करते कि किस तरह से दोनों देशों ने इस रास्ते पर अपना प्रभुत्व बना रखा है.
होर्मुज पर कहां-कहां अमेरिकी नाकेबंदी?
— News Nation (@NewsNationTV) April 13, 2026
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रास्ते में एक जगह पर चोक प्वाइंट
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता 167 किलोमीटर लंबा है. यह रास्ता फारस की खाड़ी से शुरू होता है. लाराक आइलैंड तक जगह-जगह पर अमेरिका के सैन्य जहाजों की निगरानी है. इस रास्ते में दो जगहों पर जहाजों की आवाजाही को रोका है. इस रास्ते में एक जगह पर चोक प्वाइंट बनाया है. लाराक आईलैंड के दूसरी ओर ईरानी नेवी का पहरा है. वहीं बंदर अब्बास पर ईरान की पाबंदी लगी हुई. देखा जाए तो यहां ईरान और अमेरिका ने दोनों ओर से समांतर रूप से अलग-अलग जगह पर नाकेबंदी लगा रखी है. बंदर अब्बास के आगे बढ़ते ही अमेरिकी चोक प्वाइंट है. यहां पर गुजरने के लिए अमेरिका की पांबदियों को झेलना पड़ेगा. वहीं फारस की खाड़ी के मध्य में अमेरिका की कड़ी पाबंदी है. ऐसे में देखा जाए तो अमेरिका ने खर्ग (खार्क) द्वीप, जास्क टर्मिनल, बंदर अब्बास, बंदर खुमैनी तक अपनी पकड़ बना रखी है. अब ईरान के साथ पूरी दुनिया को इस नाकेबंदी का खामियाजा चुकाना होगा.
होर्मुज से कोई भी जहाज नहीं गुजर पाएगा
आपको बता दें कि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में एक शांती वार्ता तय की गई थी. मगर यह वार्ता सफल नहीं हो सकी. इसमें ईरान ने अमेरिका के प्रपोजल को मानने से इनकार कर दिया. उसका कहना है कि अमेरिका परमाणु कार्यक्रम को पूरी से बंद करने की बात कही है जो संभव नहीं है. इस बात को लेकर ट्रंप भड़क उठे, उन्होंने कहा कि अब वह होर्मुज से कोई भी जहाज को गुजरने नहीं देंगे. इस क्षेत्र की नाकेबंदी की जाएगी. इस फैसले से पूरी दुनिया में हड़कंप मच चुका है. अगर यह रास्ता बंद होता है तो दुनिया में तेल आपूर्ति कठिन हो जाएगी.
तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी
युद्ध के वक्त तेल के दाम अधिक न बढ़ें, इसलिए अमेरिकी नौसेना ने ईरानी टैंकरों पर इस क्षेत्र से गुजरने पर किसी तरह की पहले रोक नहीं लगाई थी. उन्हें यह लग रहा था कि रोक लगाने से कहीं कच्चे तेल के दाम आसमान न छूने लगे. इसके कारण मार्च में अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने के लिए एक अस्थायी लाइसेंस दे दिया था. मगर अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं. अमेरिका अब खुद नाकेबंदी को लेकर उतर चुका है. इससे वह ईरान की अर्थव्यवस्था को बिगाड़ना चाहता है. अमेरिकी सीनेटर ने ट्रंप प्रशासन के इस कदम को बेवकूफी भरा बताया है. उनका मानना है कि इससे तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी और अमेरिकियों का जीवन पहले से कहीं अधिक कठिन हो जाएगा.
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भारत के आईटी सेक्टर में रिकवरी के संकेत, ग्रोथ आउटलुक में भी हो रहा सुधार: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के आईटी में रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं और साथ ही, मजबूत आधार के साथ ग्रोथ आउटलुक में सुधार हो रहा है। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
बीएनपी पारिबास द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि निवेशकों की सतर्कता के बावजूद, इंडिकेटर्स मांग और आय में क्रमिक सुधार का संकेत दे रहे हैं।
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि भर्ती गतिविधियों में वृद्धि, प्रबंधन की स्थिर टिप्पणी और क्लाउड सर्विसेज आय में निरंतर वृद्धि के कारण निकट भविष्य के रुझान अधिक सकारात्मक हो रहे हैं।
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपए की वैल्यू में गिरावट के चलते भी सेक्टर के आय आउटलुक में सुधार हो सकता है।
रिपोर्ट में अनुमान जताया गया कि वित्त वर्ष 26 की मार्च तिमाही में भारतीय आईटी कंपनियों की आय में तिमाही आधार पर मामूली वृद्धि देखने को मिल सकती है। वहीं, सालाना आधार पर तेज वृद्धि देखने को मिलेगी।
बड़ी कंपनियों का प्रदर्शन स्थिर रहने की संभावना है, जबकि चुनिंदा मिडकैप कंपनियां सेक्टर ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
रिपोर्ट में टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुधार के शुरुआती संकेतों की ओर भी इशारा किया गया है, जबकि अन्य क्षेत्र स्थिर बने हुए हैं।
मुद्रा में सकारात्मक बदलाव के चलते पूरे क्षेत्र में मार्जिन प्रदर्शन के मजबूत बने रहने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2027 के लिए प्रमुख आईटी कंपनियों से स्थिर आय वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
बीएनपी पारिबास ने मुद्रा विनिमय के सकारात्मक प्रभाव का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए इस क्षेत्र के आय अनुमानों को लगभग 2 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।
रिपोर्ट में वैश्विक आईटी कंपनियों के बीच एआई को अपनाने और रणनीतिक सहयोग में हो रही तीव्र प्रगति के बारे में भी बताया गया।
प्रमुख कंपनियां बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ साझेदारी करके और जनरेटिव एआई और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस में उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए नए प्लेटफॉर्म लॉन्च करके अपनी एआई क्षमताओं का सक्रिय रूप से विस्तार कर रही हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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