शतावरी का सेवन सिर्फ फायदेमंद नहीं, सही जानकारी के बिना नुकसानदायक भी साबित हो सकता है
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। महिलाओं में गर्भाशय और हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी परेशानियां आज के समय में बहुत आम हैं, और परेशानियां इस हद तक बढ़ चुकी हैं कि इससे प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होने लगी है।
200 मीटर रेस में बोल्ट से भी तेज निकले गाउट:ऑस्ट्रेलिया के 18 वर्षीय गाउट ने रेस 19.67 सेकंड में पूरी कर बोल्ट का इस उम्र का रिकॉर्ड तोड़ा
एथलेटिक्स की दुनिया में रविवार को एक ऐसा चमत्कार हुआ, जिसने भविष्य की सुनहरी झलक पेश कर दी। सिडनी ओलिंपिक पार्क एथलेटिक सेंटर में 18 वर्षीय स्प्रिंट सनसनी गाउट गाउट ने 200 मीटर के फाइनल में 19.67 सेकंड का अविश्वसनीय समय निकालकर इतिहास रच दिया। यह समय न केवल महान उसैन बोल्ट के रिकॉर्ड से तेज है, बल्कि इसने ऑस्ट्रेलियाई एथलेटिक्स के एक नए युग का सूत्रपात भी कर दिया है। खेल इतिहास में तुलनाएं अक्सर की जाती हैं, लेकिन गाउट ने आंकड़ों से अपनी श्रेष्ठता साबित की। साल 2004 में उसैन बोल्ट ने 18 साल की उम्र में 19.93 सेकंड का समय निकाला था। ऑस्ट्रेलियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में गाउट ने उनसे कहीं आगे निकलते हुए 19.67 सेकंड में फिनिश लाइन पार की और गोल्ड मेडल जीता। यह इस साल दुनिया का सबसे तेज समय है। गाउट के लिए यह जीत एक भावनात्मक पल भी थी। पिछले साल उन्होंने 19.84 सेकंड का समय निकाला था, लेकिन वह ‘अवैध टेलविंड’ के कारण आधिकारिक नहीं हो सका था। इस बार 1.7 मीटर प्रति सेकंड की वैध हवा की गति के साथ उन्होंने रफ्तार पर मुहर लगा दी। रेस की शुरुआत सामान्य थी। उम्मीद थी कि गाउट जल्द ही बढ़त बना लेंगे, लेकिन एडन मर्फी ने गाउट को कदम-कदम पर कड़ी टक्कर दी। मर्फी की इस चुनौती ने गाउट के भीतर के ‘एथलेटिक दानव’ को जगा दिया। अंतिम मीटरों में गाउट ने अपनी सिग्नेचर टॉप-स्पीड पकड़ी और जब स्कोरबोर्ड पर समय चमका, तो पूरा स्टेडियम स्तब्ध रह गया। इस प्रदर्शन में एडन मर्फी की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। मर्फी ने 19.88 सेकंड का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहे। यह पहली बार है, जब एक ही रेस में दो ऑस्ट्रेलियाई धावकों ने 20 सेकंड से कम में रेस पूरी की है। मर्फी ने पीटर नॉर्मन के 1968 के उस रिकॉर्ड को तोड़ने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की, जो दशकों से अभेद्य लग रहा था। उन्होंने गाउट को उनके सर्वश्रेष्ठ स्वरूप तक धकेलने में अहम भूमिका निभाई। गाउट जिस ट्रैक पर दौड़े, वह सिडनी 2000 ओलिंपिक का वार्म-अप ट्रैक था। जब वे पोडियम पर खड़े थे, तो ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने पुरानी पीढ़ी से मशाल थाम ली। विशेषज्ञों का मानना है कि गाउट अब लॉस एंजिलिस 2028 ओलिंपिक के मेडल के लिए भी प्रबल दावेदार बन चुके हैं। गाउट गाउट ने साबित कर दिया है कि वे केवल भविष्य का नाम नहीं हैं, बल्कि वे ‘आज’ के महानायक हैं। सिडनी का यह रविवार ऑस्ट्रेलियाई खेल इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। गाउट के इस प्रदर्शन को इन फैक्टर्स से समझें - 19.67 सेकंड का यह समय पेरिस ओलिंपिक में नोआह लाइल्स को पछाड़कर ब्रॉन्ज मेडल दिला देता। - सिडनी 2000 ओलिंपिक में यह प्रदर्शन गोल्ड मेडल जीतने के लिए पर्याप्त होता। - यह किसी भी अंडर-20 एथलीट द्वारा इतिहास में दौड़ा गया सबसे तेज समय है।
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