Nashik Earthquake: नासिक में महसूस हुए 4.3 तीव्रता के झटके, मकानों की दीवारों में पड़ीं दरारें
नासिक, नौ अगस्त महाराष्ट्र के नासिक में हल्का भूकंप आने के बाद कई इलाकों में झटके महसूस किए गए जिससे जिले के कुछ स्थानों पर मकानों में दरारें पड़ गईं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, शनिवार रात 10 बजे नासिक में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद रविवार सुबह पांच बजकर 33 मिनट पर 3.3 तीव्रता का झटका महसूस किया गया। अधिकारियों के अनुसार, भूकंपीय गतिविधि महाराष्ट्र-गुजरात सीमा के पास हाटगढ़ पर्वत श्रृंखला के निकट भनवड इलाके में पांच किलोमीटर की गहराई पर दर्ज की गई।
नासिक शहर के कुछ हिस्सों के अलावा जिले की सुरगाणा, कलवण, देवला, चांदवड, पेठ, दिंडोरी एवं निफाड तहसीलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए और लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि सुरगाणा तहसील के भादर और दिंडोरी तहसील के नानाशी में कुछ मकानों की दीवारों में दरारें पड़ गईं। उन्होंने बताया कि इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
उन्होंने बताया कि इलाके में बांधों का भी निरीक्षण किया गया, लेकिन उनमें कोई नुकसान नहीं पाया गया। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने कहा, ‘‘लोगों को डरने की जरूरत नहीं है और न ही उन्हें किसी अफवाह पर विश्वास करना चाहिए। हालांकि, सभी को सतर्क रहना चाहिए और सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतनी चाहिए।’’ इससे पहले जिले में 25 से 28 जुलाई के बीच और छह अगस्त को भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे।
Kerala Police ने ADGP P Vijayan का फर्जी AI Video वायरल करने वालों पर केस दर्ज किया
तिरुवनंतपुरम, नौ अगस्त लोगों से कथित तौर पर ठगी करने की कोशिश के तहत केरल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाया गया फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के संबंध में एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। फेसबुक पर प्रसारित एक फर्जी ‘रील’ में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) पी. विजयन को वर्दी में दिखाया गया है और पुराने नोटों की बिक्री से जुड़ी एक धोखाधड़ी योजना का प्रचार करने के लिए उनकी तस्वीर एवं आवाज में भ्रामक तरीके से बदलाव किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि फर्जी वीडियो में अधिकारी की आवाज में बदलाव कर उन्हें यह कहते हुए दिखाया गया है कि किसी पंजीकरण शुल्क की जरूरत नहीं है और लोग 25 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। पुलिस के अनुसार, यह फर्जी वीडियो एक फेसबुक पेज के जरिए एक अगस्त 2026 को अपलोड किया गया था। साइबर निगरानी के दौरान पुलिस की नजर इस वीडियो पर पड़ी और सात अगस्त को तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि किसी अन्य व्यक्ति के रूप में खुद को पेश करने, जालसाजी और साइबर धोखाधड़ी के आरोप में भारतीय न्याय संहिता तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि फेसबुक खाते में दिए गए मोबाइल फोन नंबर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या जालसाज ने इस तरीके से किसी व्यक्ति को ठगा है।
पुलिस के अनुसार, इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या अन्य पुलिस अधिकारियों और नेताओं के भी इसी तरह के फर्जी वीडियो सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित किए गए हैं।
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