हिमाचल चेस्टर हिल विवाद: पूर्व रेरा चेयरमैन बाल्दी ने चीफ सेक्रेटरी संजय गुप्ता पर लगाए गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग की
हिमाचल प्रदेश में चर्चित चेस्टर हिल प्रोजेक्ट को लेकर सीनियर आईएएस अधिकारियों के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया है। रेरा के पूर्व चेयरमैन श्रीकांत बाल्दी ने मौजूदा चीफ सेक्रेटरी संजय गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके दो आदेशों को अवैध बताया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस विवाद में पूर्व मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने भी राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
श्रीकांत बाल्दी का आरोप है कि चीफ सेक्रेटरी संजय गुप्ता ने सबसे पहले सोलन के एसडीएम द्वारा चेस्टर हिल प्रोजेक्ट की जमीन खरीद को लेकर तैयार की गई जांच रिपोर्ट को दबा दिया। इस रिपोर्ट में जमीन कानून, खासकर सेक्शन 118 के उल्लंघन की बात सामने आई थी। बाल्दी का कहना है कि इससे साफ संकेत मिलता है कि जमीन खरीद में गड़बड़ी हुई थी।
अवैध निर्माण गिराने के आदेश को भी रद्द कर दिया
बाल्दी ने यह भी आरोप लगाया कि संजय गुप्ता ने नगर निगम सोलन द्वारा प्रोजेक्ट में अवैध निर्माण गिराने के लिए दिए गए आदेश को भी रद्द कर दिया। उनके अनुसार चीफ सेक्रेटरी द्वारा जारी किए गए ये दोनों आदेश उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर थे और यह सत्ता के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही शिमला जाकर इस पूरे मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात करेंगे।
यह विवाद तब और बढ़ गया जब करीब दो हफ्ते पहले संजय गुप्ता ने शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उस दौरान उन्होंने श्रीकांत बाल्दी के अलावा दो पूर्व मुख्य सचिवों आरडी धीमान और प्रबोध सक्सेना पर भी कई आरोप लगाए थे। गुप्ता ने यह भी कहा था कि रेरा चेयरमैन रहते हुए श्रीकांत बाल्दी ने चेस्टर हिल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी, जिस पर अब बाल्दी ने पलटवार किया है।
सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों को भी गलत बताया
बाल्दी ने सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रचार किया जा रहा है कि उन्होंने रेरा चेयरमैन रहते हुए चेस्टर हिल प्रोजेक्ट का दौरा किया और कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि रेरा अथॉरिटी ने लगभग तीन साल पहले केवल प्रोजेक्ट के फेज-1 का दौरा किया था, जो उस समय लगभग पूरा हो चुका था। उस समय फेज-2 और फेज-4 अस्तित्व में ही नहीं थे, जिनको लेकर आज विवाद खड़ा हुआ है।
उन्होंने यह भी बताया कि उस समय प्रोजेक्ट की प्रगति संतोषजनक पाई गई थी और फ्लैट खरीदने वालों ने भी गुणवत्ता को लेकर संतोष जताया था। उस दौरान रेरा के पास प्रोजेक्ट के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं थी। हालांकि बाद में शिकायत मिलने पर रेरा ने प्रोजेक्ट के प्रमोटर्स पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
जमीन खरीद घोटाले का आरोप लगाया गया
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब हाईकोर्ट के वकील विनय शर्मा ने छोटा शिमला थाने में मुख्य सचिव संजय गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में चेस्टर हिल प्रोजेक्ट में करीब 1500 करोड़ रुपये के जमीन खरीद घोटाले का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि एसडीएम की जांच रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां सामने आई थीं, लेकिन उसे ही गलत ठहराकर बंद कर दिया गया।
यह मामला अब राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उन्हें पद से हटाने की मांग की है। यह मुद्दा हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है। विधानसभा में चर्चा के बाद ही संजय गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीन पूर्व मुख्य सचिवों पर उन्हें बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था।
अब श्रीकांत बाल्दी के नए आरोपों के बाद यह विवाद और गहरा गया है। पूरे मामले में सबकी निगाहें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से होने वाली संभावित मुलाकात और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
'जन नायकन' लीक मामले में 6 गिरफ्तार, 1 केबल ऑपरेटर पर फिल्म दिखाने का आरोप, टीवीके सपोर्टर्स ने दर्ज कराई शिकायत
थलापति विजय की फिल्म जन नायकन लीक मामले में तमिलनाडु पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, विजय की पार्टी टीवीके के कार्यकर्ताओं ने एक अन्य शिकायत दर्ज करवाई और कहा कि कोयंबटूर के एक केबल ऑपरेटर ने लीक हुई 'जन नायकन' को प्रसारित कर दिया. इसका सबूत उन्होंने पुलिस को दिखाया और शिकायत की.
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