बुक-रिव्यू- एक दिन की सफलता के पीछे बरसों की मेहनत:रातोंरात कुछ नहीं होता, कैसे चलें कि थकें नहीं, हारें नहीं, निराशा न घेरे
किताब का नाम: जीवन के अद्भुत रहस्य (‘लाइफ्स अमेजिंग सीक्रेट्स’ का हिंदी अनुवाद) लेखक: गौर गोपाल दास अनुवाद: राजेश्वर वशिष्ठ प्रकाशक: पेंगुइन मूल्य: 225 रुपए हर कोई बेहतर जीवन चाहता है, जहां रिश्तों में मधुरता, काम में संतुलन और भीतर सुकून हो। लेकिन दौड़ती-भागती जिंदगी में यह संतुलन मिलना मुश्किल है। मशहूर लाइफ कोच और संत गौर गोपाल दास की किताब ‘जीवन के अद्भुत रहस्य’ यह संतुलन बनाना सिखाती है। इस किताब में लेखक आधुनिक जीवन के तनावों से निपटने के लिए सरल उपाय बताते हैं। वह बताते हैं कि कैसे पर्सनल, प्रोफेशनल और सोशल लाइफ को संतुलित रखा जा सकता है। किताब का मकसद और अहमियत किताब हमें सिखाती है- नीचे दिए ग्राफिक से किताब से मिलने वाले 8 सबक के बारे में जानिए- किताब चार बड़े विषयों पर आधारित है, जो ‘जीवन के चार पिलर’ हैं। आइए इन्हें समझते हैं। 1. पर्सनल लाइफ: सकारात्मकता और कृतज्ञता लेखक किताब में बताते हैं- 2. रिलेशनशिप: संवेदनशीलता और क्षमा लेखक बताते हैं- लेखक ने रिश्ते मजबूत करने के कुछ आसान तरीके बताए हैं- 3. वर्किंग लाइफ: हेल्दी कॉम्पिटिशन और सेल्फ इम्प्रूवमेंट वर्किंग लाइफ में सफलता के लिए गौर गोपाल दास सलाह देते हैं- 4. सामाजिक योगदान: निस्वार्थ सेवा किताब यह भी सिखाती है- यह किताब क्यों पढ़नी चाहिए? 'जीवन के अद्भुत रहस्य' ऐसी किताब है, जो जिंदगी को आसान और सार्थक बनाने का रास्ता दिखाती है। यह बताती है कि छोटे-छोटे कदमों से जीवन संतुलित किया जा सकता है। अगर आप शांति और मकसद ढूंढ रहे हैं, तो यह किताब आपके लिए है। किताब के बारे में मेरी राय ……………… ये बुक रिव्यू भी पढ़िए बुक रिव्यू- दिमाग में आने वाली हर बात सच नहीं: ज्यादा सोचने से ज्यादा दुख होगा, ओवरथिंकिंग न करें, समझने के लिए ये किताब पढ़ें ओवरथिंकिंग एक ऐसी समस्या है, जो व्यक्ति को अंदर-ही-अंदर खोखला कर सकती है। इसके कारण लोग भविष्य की चिंता में परेशान होते हैं या अतीत के पछतावे में जलते रहते हैं। जोसेफ नूयेन की किताब इसी मानसिक जाल को तोड़ने का एक मॉडर्न मैनुअल है। आगे पढ़िए…
ओलंपिक गोल्ड, तीन वर्ल्ड टाइटल, करियर के पीक पर 24 साल की पहलवान ने संन्यास लेकर चौंकाया
tsugumi sakurai announced retirement: पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाली जापान की सुगुमी सुकुराई ने मात्र 24 साल की उम्र में कुश्ती को अलविदा कह दिया है. खेल के शिखर पर होने के बावजूद उन्होंने संन्यास लेकर सबको चौंका दिया है. सुगुमी ने पिछले कुछ सालों में कुश्ती की दुनिया में अपनी धाक जमाए रखी. पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता. वो लगातार तीन बार वर्ल्ड चैंपियन रहीं. 2021 में 55kg कैटेगरी में और 2022-2023 में 57kg कैटेगरी में उन्होंने यह टाइटल जीता.
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