दिल्ली में अमित शाह से मिले बीजेपी विधायक संजय पाठक, मध्य देश की सियासत में हलचल, दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद लगाए जा रहे कई कयास
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अपने बेहद व्यस्त चुनावी कार्यक्रम के बीच विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक से दिल्ली में मुलाकात की है। इस मुलाकात से मध्य प्रदेश की सियासत में अचानक हलचल बढ़ गई है, खासकर तब जब भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी है और शीर्ष नेतृत्व लगातार सक्रिय नजर आ रहा है।
अमित शाह का अप्रैल 2026 का कार्यक्रम अत्यधिक व्यस्त है। वे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए लगातार रोड शो, जनसभाएं और घोषणापत्र जारी करने में लगे हुए हैं। भाजपा इन राज्यों में ‘डबल इंजन सरकार’ के विकास मॉडल को प्रमुखता से सामने रख रही है, वहीं पश्चिम बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ के नारे के साथ सत्ता परिवर्तन की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है। तमिलनाडु में भी पार्टी दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने और विस्तार के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
ऐसे राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक अभियान और व्यस्तता के बीच अमित शाह का संजय सत्येंद्र पाठक को दिल्ली में समय देना अपने आप में खास महत्व रखता है। आमतौर पर इतने व्यस्त कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री का किसी प्रदेश के विधायक से व्यक्तिगत रूप से मिलना सामान्य घटना नहीं मानी जाती। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में विजयराघवगढ़ क्षेत्र के विकास कार्यों, संगठनात्मक मजबूती और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। माना जा रहा है कि पार्टी के भीतर आगामी चुनावों और संगठन की मजबूती के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, और यह मुलाकात उसी दिशा में एक कदम हो सकती है।
संजय पाठक और अमित शाह की मुलाकात से उठी राजनीतिक अटकलें
यह मुलाकात प्रदेश भाजपा के भीतर और बाहर दोनों जगह नई अटकलों को जन्म दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक सामान्य सौजन्य भेंट नहीं थी, बल्कि इसके पीछे गहरा राजनीतिक संकेत छिपा हो सकता है। उनका कहना है कि अमित शाह जैसे कद्दावर नेता का समय निकालना किसी बड़े बदलाव या संजय सत्येंद्र पाठक की प्रदेश की राजनीति में भूमिका के संभावित विस्तार का पूर्व संकेत हो सकता है। शाह का हर कदम राजनीतिक समीकरणों को साधने वाला होता है, ऐसे में इस भेंट को हल्के में नहीं लिया जा सकता है।
आमजन और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी इस मुलाकात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि इस भेंट के पीछे का असल मकसद क्या था और इसके दूरगामी परिणाम क्या हो सकते हैं। कटनी जिले और विशेष रूप से विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पाठक समर्थकों में भी इस मुलाकात को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कार्यकर्ता इसे अपने नेता के बढ़ते कद और पार्टी में उनकी मजबूत पकड़ के तौर पर देख रहे हैं।
दोनों नेताओं की मुलाकात को केवल एक ‘सौजन्य भेंट’
हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को केवल एक ‘सौजन्य भेंट’ बताया जा रहा है, लेकिन जिस समय और परिस्थितियों में यह दिल्ली में हुई है, वह इसे सामान्य से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बनाती है। राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की हर चाल पर बारीक नजर रखी जाती है और ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री का समय निकालना महज औपचारिकता नहीं हो सकता। यह दर्शाता है कि पार्टी आलाकमान प्रदेश की राजनीति में हर छोटे से छोटे पहलू पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है।
आने वाले दिनों में इस मुलाकात के दूरगामी राजनीतिक प्रभाव स्पष्ट रूप से सामने आ सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह भेंट संजय सत्येंद्र पाठक के राजनीतिक करियर में कोई नया मोड़ लाती है या फिर मध्य प्रदेश भाजपा की चुनावी रणनीति में कोई अहम बदलाव का कारण बनती है। सियासी गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि पाठक को संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है या फिर उन्हें पार्टी में कोई नया पद सौंपा जा सकता है, जिससे कटनी और आसपास के क्षेत्रों में भाजपा की स्थिति और मजबूत हो सके।
इंदौर में चोरी करने के लिए पेंटर बने चोर.. वाशिंग मशीन से उड़ाए 25 लाख के जेवर, पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार, जानें कैसे दिया वारदात को अंजाम
इंदौर के कनाडिया थाना क्षेत्र में चोरी की एक अजीब वारदात सामने आई है। यहां जिन पेंटरों को घर सजाने की जिम्मेदारी मिली थी, उन्होंने ही घर साफ कर दिया। बिचौली मर्दाना की एक हाईप्रोफाइल सोसाइटी में पेंटिंग का ठेका लेकर दो शातिर चोरों ने वाशिंग मशीन में छिपाए गए लाखों के जेवरात उड़ा लिए। कनाडिया पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है और उनके पास से 25 लाख रुपये का सारा चोरी का माल बरामद कर लिया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि ऑनलाइन गेमिंग की लत ने उन्हें अपराधी बना दिया।
क्या है पूरा मामला?
मामला बिचौली मर्दाना स्थित सम्पत हिल्स का है। यहां तन्मय कानूनगो नाम के व्यक्ति ने अपने फ्लैट में पुताई का काम शुरू करवाया था। उन्होंने अपने घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए पेंटरों को बुलाया था, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वे अपराधियों को अपने घर की चाबियां सौंप रहे हैं। सुरक्षा के तौर पर परिवार ने अपने कीमती गहने अलमारी में रखने की बजाय वाशिंग मशीन के अंदर छिपा दिए थे। उन्हें लगा था कि यह एक सुरक्षित जगह है जहां किसी की नजर नहीं पड़ेगी।
लेकिन काम करने आए पेंटर रामकुमार और रिजवान की नजरें तेज थीं। उन्होंने पेंटिंग के दौरान घर की बारीकी से रेकी की। उन्हें पता चल गया कि परिवार ने जेवर वाशिंग मशीन में छिपाए हैं। उनकी शातिर निगाहों से वाशिंग मशीन में छिपा लाखों का खजाना बच नहीं पाया। वे काम के बहाने घर के हर कोने की जानकारी जुटाते रहे और चोरी की योजना बनाते रहे।
आखिरकार 2 अप्रैल को आरोपियों को मौका मिल गया। जब फ्लैट में कोई नहीं था, आरोपियों ने कमरे का लॉक तोड़ा और सीधे वाशिंग मशीन तक पहुंचे। उन्होंने बिना किसी देरी के उसमें रखे लाखों रुपये के जेवरात निकाले और मौके से फरार हो गए। चोरी का पता चलने पर तन्मय कानूनगो और उनके परिवार के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत कनाडिया पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज, आरोपी गिरफ्तार
चोरी की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सहर्ष यादव ने अपनी टीम के साथ मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले सम्पत हिल्स सोसाइटी के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में पेंटर रामकुमार और रिजवान की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। काम खत्म होने के बाद भी उनका सोसाइटी परिसर में घूमना और फिर अचानक गायब हो जाना पुलिस के लिए अहम सुराग बन गया। पुलिस ने फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान की।
पुलिस टीम ने तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मुखबिरों से मिली जानकारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। मुसाखेड़ी और आजाद नगर इलाकों से दोनों आरोपियों रामकुमार और रिजवान को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने दोनों से कड़ी पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपनी चोरी की बात कबूल कर ली।
कर्ज को चुकाने और अय्याशी के लिए की चोरी
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे ऑनलाइन गेमिंग के बुरी तरह आदी हैं। इस लत ने उन्हें कर्ज में डुबो दिया था। अपने कर्ज को चुकाने और अपनी अ य्याशी के लिए पैसे जुटाने के लिए उन्होंने इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया। यह जानकारी सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई कि कैसे एक शौक ने इन दो व्यक्तियों को अपराधी बना दिया।
कनाडिया पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किया गया सारा माल बरामद कर लिया है। बरामद किए गए जेवरात की कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने चोरी का माल जब्त कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस घटना से एक बार फिर यह बात सामने आई है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत कैसे युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेल सकती है। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि हमें अपने आसपास के लोगों और उनके इरादों को लेकर सतर्क रहना चाहिए, खासकर जब वे हमारे घरों में काम कर रहे हों।
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