गर्मी में करें खीरे की खेती, पूसा के कृषि एक्सपर्ट ने वैरायटी से लेकर बुआई तक का बताया तरीका
गर्मी में खीरे की बड़ी डिमांड रहती है. इससे उन किसानों की आय बढ़िया हो जाती है जो समय रहते खीरे की खेत कर लेते हैं. आप भी खीरे की खेती करना चाहते हैं तो वो तो इसके लिए फरवरी से मार्च का समय सही माना जाता है लेकिन, अभी भी देरी नहीं हुई है. सिर्फ इतना अंतर है कि आप अगैती खेती का लाभ नहीं ले पाएंगे. अगैती खेती से किसानों को यह फायदा हो जाता है कि उन्हें शुरुआत से ही फसल का दाम मिल जाता है. डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के वैज्ञानिकों की मानें तो वह नॉर्थ बिहार के किसानों को पूसा संजोग, बालम खीरा, सुवर्णा अगैती और स्वर्ण शीतल किस्मों की खेती करने की सलाह देते हैं. कृषि एक्सपर्ट पूसा संजोग वैरायटी को ज्यादा बेहतर बताते हैं. इस वैरायटी को समस्तीपुर में ही तैयार किया गया है. इस वजह से यह वैरायटी स्थानीय जलवायु में अनुकूल होने के कारण बेहतर उत्पादन देती है.
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सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन के पास अब डाक्टर बाबासाहेब अंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक है. पहले इसी जगह पर 26 शामनाथ मार्ग का वह पुराना और खास बंगला था. यहीं पर बाबासाहेब ने अपनी जिंदगी के अंतिम पांच बहुत अहम साल गुजारे थे. 5 और 6 दिसंबर 1956 की रात को इसी बंगले में उनका निधन हुआ था. बाबासाहेब के इस घर का दरवाजा हर इंसान के लिए हमेशा खुला रहता था.
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