IPL 2026 सीजन के बीच मजबूत होगी KKK, खेलने के लिए तैयार है सबसे खतरनाक गेंदबाज, CSK में मचाया था तहलका
IPL 2026: आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन अब तक बेहद ही खराब रहा है. अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली केकेआर अब तक एक भी मैच जीत नहीं पाई है, लेकिन इसी बीच कोलकाता की टीम के लिए एक राहत देने वाले खबर सामने आ रही है. केकेआर के सबसे महंगे खिलाड़ी श्रीलंका के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना अब टीम से जुड़ने के लिए तैयार हैं.
श्रीलंका क्रिकेट ने मथीशा पथिराना को फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद NOC दे दिया है. पथिराना 17 अप्रैल को अपनी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ेंगे. जबकि 19 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स की प्लेइंग 11 में शामिल हो सकते हैं.
Good news for KKR fans!
— ESPNcricinfo (@ESPNcricinfo) April 12, 2026
Matheesha Pathirana has cleared the mandatory SLC fitness test and has been given the no-objection certificate to travel to India https://t.co/4CjTrjuJbI pic.twitter.com/UYT6FvVEj8
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अमरनाथ यात्रा की तारीखों का ऐलान, 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी यात्रा, यहां देखें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया समेत पूरी जानकारी
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस साल यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी, जो कुल 57 दिनों की अवधि होगी। यह पिछले वर्षों की तुलना में कुछ अधिक समय है, जिससे अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के दर्शन का अवसर मिलेगा। यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हो जाएगी। उपराज्यपाल ने यह घोषणा लोक भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए की, जहां उन्होंने यात्रा के सफल आयोजन के लिए की गई व्यापक तैयारियों का ब्यौरा भी साझा किया।
मनोज सिन्हा ने बताया कि श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) की एक अहम बैठक में यात्रा की तिथियों पर अंतिम फैसला लिया गया है, जिसकी अध्यक्षता उन्होंने खुद की। इस बैठक में यात्रा की सुचारु व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इसमें रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल बनाने, यात्रियों के लिए निर्धारित आयु सीमा को स्पष्ट करने और यात्रा के दो प्रमुख मार्गों पर सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। उपराज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे तय नियमों का पालन करें और यात्रा को सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने जोर दिया कि भक्तों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
देशभर में रजिस्ट्रेशन की सुविधा
अमरनाथ यात्रा के लिए इच्छुक श्रद्धालु देशभर में यस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और एक्सिस बैंक की नामित शाखाओं में जाकर ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। उपराज्यपाल ने जानकारी दी कि देश के विभिन्न हिस्सों में करीब 556 ऐसी बैंक शाखाएं चिन्हित की गई हैं जहां यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इन बैंक शाखाओं में सुबह से शाम तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चलेगी। इसके साथ ही, आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध रहेगी। यात्रा में शामिल होने के लिए सभी यात्रियों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। बिना वैध पंजीकरण के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा में आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा
इस पवित्र यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की न्यूनतम आयु 13 साल निर्धारित की गई है। वहीं, 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को इस यात्रा में शामिल होने की इजाजत नहीं होगी। यह आयु सीमा यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तय की गई है। अमरनाथ यात्रा का मार्ग दुर्गम पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरता है, जहां उच्च ऊंचाई के कारण ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है और मौसम कभी भी अचानक बदल सकता है। ऐसे में, शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट होना बेहद जरूरी है। उपराज्यपाल सिन्हा ने तीर्थयात्रियों से आग्रह किया कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अनिवार्य रूप से अपनी स्वास्थ्य जांच करा लें और केवल चिकित्सकीय रूप से फिट होने पर ही रजिस्ट्रेशन कराएं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यात्रा से कुछ समय पहले से शारीरिक व्यायाम शुरू कर दें ताकि शरीर यात्रा के लिए तैयार हो सके।
57 दिन की लंबी अवधि का महत्व
इस साल यात्रा की अवधि 57 दिन रखी गई है, जो पिछले कई सालों की तुलना में अधिक है। मनोज सिन्हा ने कहा, “अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त होगी। इस बार यात्रा की अवधि पिछले वर्षों की तुलना में कुछ अधिक करीब 57 दिन होगी।” इस लंबी अवधि का एक मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के दर्शन का अवसर प्रदान करना है। इसके अलावा, यह यात्रा प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण में भी सहायक सिद्ध हो सकता है, क्योंकि यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए अधिक लचीला समय मिलेगा। इससे देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी योजना बनाने और यात्रा की तैयारी करने में पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे यात्रा का अनुभव और बेहतर होगा।
दो मार्गों से संचालित होगी यात्रा
अमरनाथ यात्रा दो मुख्य और पारंपरिक मार्गों से संचालित की जाएगी। पहला मार्ग अनंतनाग जिले में स्थित 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग है। यह मार्ग अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरे-भरे पहाड़ों और धीरे-धीरे चढ़ाई के लिए जाना जाता है। इस मार्ग से यात्रा करने में आमतौर पर 3 से 5 दिन का समय लगता है, क्योंकि इसमें कई पड़ाव होते हैं जहां यात्री आराम करते हुए आगे बढ़ते हैं। यह उन श्रद्धालुओं के लिए उपयुक्त है जो एक धीमी और अधिक पारंपरिक यात्रा का अनुभव चाहते हैं। दूसरा मार्ग गांदरबल जिले का बालटाल मार्ग है, जो अपेक्षाकृत छोटा, यानी लगभग 14 किलोमीटर लंबा है। यह मार्ग अपनी सीधी और खड़ी चढ़ाई के लिए जाना जाता है, जिसके कारण यह शारीरिक रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। बालटाल मार्ग से यात्रा एक ही दिन में पूरी की जा सकती है, लेकिन इसके लिए उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस और सहनशक्ति की आवश्यकता होती है। श्रद्धालु अपनी शारीरिक क्षमता, समय की उपलब्धता और पसंद के अनुसार इनमें से किसी एक मार्ग का चुनाव कर सकते हैं। दोनों मार्गों पर सुरक्षा और सहायता के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे।
सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। जम्मू कश्मीर पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बल और भारतीय सेना के जवान पूरे यात्रा मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल कर भी पूरे यात्रा क्षेत्र पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही, यात्रा के दौरान मेडिकल टीमें और आपातकालीन सेवाएं भी हर पड़ाव पर उपलब्ध रहेंगी। विभिन्न स्थानों पर अस्थायी अस्पताल, फर्स्ट एड पोस्ट और ऑक्सीजन बूथ स्थापित किए जाएंगे। लंगर, टेंट, पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी श्राइन बोर्ड और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रा के दौरान रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग का भी इस्तेमाल किया जा सकता है ताकि हर यात्री की लोकेशन पर नजर रखी जा सके।
“अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त होगी। इस बार यात्रा की अवधि पिछले वर्षों की तुलना में कुछ अधिक करीब 57 दिन होगी।” (मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल, जम्मू कश्मीर)
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर 19 जून को होगी अमरनाथ यात्रा की पहली पूजा
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यह भी बताया कि अमरनाथ यात्रा की पहली पूजा ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर 19 जून को की जाएगी। यह पूजा यात्रा की शुरुआत से पहले की जाने वाली एक महत्वपूर्ण धार्मिक रस्म है, जो शुभता और सफलता की कामना के साथ संपन्न होती है। यह पवित्र छड़ी मुबारक यात्रा के लिए एक तरह से प्रस्थान बिंदु होता है, जो पूरे यात्रा आयोजन का एक अभिन्न अंग है। हर साल यह पूजा पारंपरिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न होती है, जिसमें कई साधु-संत भी भाग लेते हैं।
अमरनाथ गुफा मंदिर जम्मू कश्मीर के दक्षिणी कश्मीर में स्थित है और यह भगवान शिव के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। हिंदू धर्म में इसे ‘बाबा बर्फानी’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि गुफा के भीतर प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग बनता है, जो चंद्रमा के घटते-बढ़ते आकार के साथ बदलता रहता है। हर साल लाखों की संख्या में भक्त इस पवित्र गुफा के दर्शन के लिए दुर्गम रास्तों को पार करके यहां पहुंचते हैं, जिसे एक महान आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है। प्रशासन और श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं कि यात्रा सुरक्षित, सुगम और सभी श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव बने।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराते समय सभी आवश्यक दस्तावेजों, जैसे फोटो पहचान पत्र और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, को तैयार रखें। इन दस्तावेजों के बिना पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा, यात्रियों को यात्रा से संबंधित सभी नवीनतम अपडेट्स और एडवाइजरी के लिए श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट को नियमित रूप से चेक करते रहने की सलाह दी गई है। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी और श्राइन बोर्ड की नवीनतम एडवाइजरी को ध्यान में रखना भी बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से बचा जा सके। यात्रा के नियमों और निर्देशों का पालन करना सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य होगा, जिससे यात्रा का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।
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