रबी सीजन में सोच रहे हैं गाजर की खेती, तो पहले जान लें बीज और सिंचाई का सही हिसाब
मुरादाबाद के किसान रबी सीजन में गाजर की खेती करके अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं. कृषि वैज्ञानिक के अनुसार गाजर के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है, जिसमें पानी का ठहराव न हो. खेत की तैयारी के बाद प्रति एकड़ करीब 3 से 4 किलो बीज की जरूरत होती है और कतार से कतार की दूरी 20 से 25 सेंटीमीटर रखी जा सकती है. सही देखभाल और सिंचाई से प्रति एकड़ 80 से 120 क्विंटल तक उत्पादन मिलने की संभावना रहती है.
सावन में हर-हर महादेव से गूंजता है गोंडा का बाबा पचरन नाथ मंदिर, कभी पांडवों ने की थी यहां भगवान शिव की पूजा
गोंडा जिले का प्राचीन बाबा पचरन नाथ मंदिर सावन में श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है. स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार महाभारत काल में वनवास के दौरान पांचों पांडवों ने इस क्षेत्र में भगवान शिव की पूजा की थी और यहां शिवलिंग की स्थापना की थी. सावन सोमवार को मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगती है और गंगाजल, दूध, बेलपत्र व फूल से भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है.
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