Video: राघव चड्ढा को AAP ने डिप्टी लीडर पद से हटाया, प्रियंका चोपड़ा का सपोर्ट बना चर्चा का विषय
Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में आप पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है, जिसके बाद से यह मुद्दा लगातार चर्चा में है। इसी बीच उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट पर एक खास रिएक्शन ने लोगों का ध्यान खींच लिया है। परिणीति चोपड़ा की कजिन और ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा ने अपने जीजा राघव चड्ढा की हालिया भाषणों पर रिएक्ट किया है जिसकी काफी चर्चा है।
प्रियंका चोपड़ा ने किया सपोर्ट?
राघव चड्ढा ने अपने भाषण का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इस वीडियो में राघव के राज्यसभा में दिए गए कई भाषणों की झलक दिखाई गई है, जहां उन्होंने शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाए। इसपर उनकी साली प्रियंका चोपड़ा ने प्रतिक्रिया दी है।
प्रियंका ने इस पोस्ट पर ताली, हाथ उठाने और हार्ट-आइज इमोजी के जरिए अपना रिएक्शन दिया, जिसे सोशल मीडिया पर उनके समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
राघव चड्ढा के इस वीडियो में उनके अलग-अलग सत्रों के भाषणों को जोड़ा गया है। इसमें उन्होंने शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती दूरी, ‘वन नेशन, वन मेडिकल ट्रीटमेंट’ जैसे मुद्दे और भगत सिंह को भारत रत्न देने की मांग को प्रमुखता से उठाया है।
पद से हटाए जाने पर क्या बोले राघव
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से यह भी अनुरोध किया है कि पार्टी के कोटे से राघव चड्ढा को बोलने का समय न दिया जाए। इसके बाद पार्टी ने उन्हें डिप्टी लीडर के पद से भी हटा दिया। पार्टी ने उनकी जगह अशोक मित्तल को राज्यसभा में नया डिप्टी लीडर बनाया है।
मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता।
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 4, 2026
Three Allegations. Zero Truth.
My Response: pic.twitter.com/tPdjp04TLt
पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संसद में जनता से जुड़े मुद्दे उठाना कोई “अपराध” है?
Mamata Banerjee Security Breach: सीएम ममता बनर्जी की सुरक्षा में बड़ी सेंध, नो-फ्लाई जोन में घुसा ड्रोन! मचा हड़कंप
West Bengal Election: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों राज्य के विभिन्न जिलों के दौरे पर हैं। इसी कड़ी में जब वे मालदा पहुंची , तो एक ऐसी घटना घटी जिसने सबको चौंका दिया। दरसल जैसे ही मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर लैंड करने वाला था, हवा में एक ड्रोन मंडराता हुआ देखा गया। यह ड्रोन हेलिकॉप्टर के इतने करीब था कि कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
मुख्यमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली विशेष टीम और स्थानीय पुलिस इस घटना से पूरी तरह से हतप्रभ है। 'नो-फ्लाई जोन' होने के बावजूद ड्रोन का वहां होना सुरक्षा व्यवस्था में एक बहुत बड़ी सेंध माना जा रहा है।
Malda, West Bengal: A security scare unfolded around West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee’s helicopter when a suspicious drone was spotted in the vicinity moments before she was scheduled to board the chopper. pic.twitter.com/Usr7DbCnC2
— NextMinute News (@nextminutenews7) April 4, 2026
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ममता बनर्जी का चॉपर जैसे ही मालदा हवाई अड्डे के रनवे की ओर बढ़ा, आसमान में एक छोटा ड्रोन दिखाई दिया। यह ड्रोन कुछ देर तक हेलिकॉप्टर की दिशा में ही मंडराता रहा।
पायलट ने मुस्तैदी दिखाते हुए चॉपर को नियंत्रित किया, लेकिन इस दौरान नीचे खड़े अधिकारियों और समर्थकों की सांसें अटक गईं। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत ड्रोन को ट्रैक करने की कोशिश की, लेकिन वह कुछ ही सेकंड मे गायब हो गया। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री को सुरक्षित तरीके से कार तक ले जाया गया, लेकिन पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
जांच के घेरे में सुरक्षा एजेंसियां: आखिर किसका था ड्रोन?
मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए तय प्रोटोकॉल के अनुसार, उनके कार्यक्रम स्थल और हवाई मार्ग के आसपास किसी भी निजी ड्रोन या फ्लाइंग ऑब्जेक्ट का उड़ना सख्त प्रतिबंधित होता है। इसके बावजूद ड्रोन का वहां पहुंचना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।
मालदा पुलिस और राज्य की खुफिया शाखा ने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच इस दिशा में की जा रही है कि क्या यह किसी फोटोग्राफर की गलती थी या फिर मुख्यमंत्री को डराने या नुकसान पहुंचाने की कोई साजिश। फिलहाल, ड्रोन के ऑपरेटर का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में हलचल और बढ़ती सुरक्षा चिंताएं
इस घटना ने बंगाल की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने इसे मुख्यमंत्री की जान को खतरे में डालने की साजिश बताया है और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इससे पहले भी ममता बनर्जी के दौरों के दौरान सुरक्षा में चूक के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन ड्रोन का इस तरह करीब आना तकनीकी रूप से अधिक खतरनाक माना जा रहा है।
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