दिल्ली में रोजगार का नया मौका, सरकार की नई 'ड्रोन पॉलिसी' से पैदा होंगी 1000 से ज्यादा नौकरियां
Delhi government drone policy: दिल्ली में रोजगार ढूंढ़ रह लोगों के लिए बड़ी खबर है. दिल्ली में करीब 1000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने वाला है. राज्य सरकार जल्द ही अपनी नई ड्रोन नीति लेकर आ रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य तकनीकी विकास के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. इस नीति के लागू होने से राजधानी में तकनीक और इनोवेशन के एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है.
कैबिनेट में मंजूरी के लिए पेश होगी नीति
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पंकज सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस नई नीति का मसौदा पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है. सरकार इसे अगले एक महीने के भीतर कैबिनेट की अंतिम मंजूरी के लिए पेश करने की योजना बना रही है. इस शानदार पहल का सबसे बड़ा आकर्षण रोजगार सृजन है, जिसके तहत शहर में एक हजार से अधिक नई नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह नीति यह सुनिश्चित करेगी कि ड्रोन का संचालन सुरक्षित तरीके से हो और साथ ही युवाओं के लिए करियर के नए दरवाजे भी खुलें.
राज्य में की -जाएगी ड्रोन रिसर्च क्लस्टर की स्थापना
आईटी विभाग के नेतृत्व में तैयार की जा रही इस नीति में कई महत्वपूर्ण तकनीकी और ढांचागत पहलुओं को शामिल किया गया है. इस योजना के तहत राज्य में ड्रोन रिसर्च क्लस्टर की स्थापना की जाएगी और फ्लाइट टेस्टिंग के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इसके अतिरिक्त, यातायात को सुचारू रूप से प्रबंधित करने के लिए भी ड्रोन तकनीक का सहारा लिया जाएगा. ड्रोन सेक्टर को आर्थिक रूप से मजबूत करने और इस क्षेत्र में काम करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार सब्सिडी देने पर भी विचार कर रही है. इन सभी कार्यों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सरकार द्वारा एक अलग बजट आवंटित किया जाएगा.
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ड्रोन के गलत इस्तेमाल पर लगेगी रोक
रोजगार और तकनीक के अलावा, यह नीति सुरक्षा मानकों पर भी बहुत जोर देती है. इसका एक प्रमुख उद्देश्य ड्रोन के गलत इस्तेमाल पर कड़ी लगाम लगाना है. नई नीति के लागू होने के बाद, सरकारी एजेंसियां निगरानी, सुरक्षा और मैपिंग जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों के लिए ड्रोन तकनीक का अधिक कुशलता से उपयोग कर सकेंगी. इसके साथ ही, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के 'डिजिटल स्काई' प्लेटफॉर्म के साथ बेहतर और सुचारू तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा ताकि सभी हवाई गतिविधियां पूरी तरह से कानूनी और पारदर्शी हों.
तकनीक के सुरक्षित उपयोग के लिए सरकार का ध्यान आम जनता की जागरूकता पर भी केंद्रित है. अधिकारियों के मुताबिक, इस नीति के तहत जन-जागरूकता अभियानों, लोगों तक पहुंच बढ़ाने और नियमों के सख्त पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. आसमान में सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित करने के लिए ज़ोनिंग से जुड़े विशेष साइनबोर्ड लगाए जाएंगे और संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी. इसके अलावा, सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने के लिए काउंटर-ड्रोन सिस्टम हेतु एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी तैयार की जा रही है, जिससे किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके.
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