प्रभारी बघेल के पंजाब दौरे से कांग्रेस को क्या मिला?:फूट बढ़ी, टॉप से बॉटम पहुंची चन्नी-वड़िंग की गुटबाजी; जानिए, क्या बोले पॉलिटिकल एक्सपर्ट
पंजाब कांग्रेस में जारी गुटबाजी को थामने के इरादे से आए प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल की कोशिशें पूरी तरह नाकाम साबित हुई हैं। बघेल ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ मिलकर 9 दिनों में 18 ताबड़तोड़ रैलियां और बैठकें कीं। इन कार्यक्रमों में संगठन को मजबूती मिलने के बजाय अंदरूनी कलह और खुलकर सामने आ गई। लगभग हर रैली में जमीनी स्तर के कार्यकर्ता आपस में भिड़ते रहे, धक्कामुक्की और नारेबाजी का दौर चलता रहा। जबकि, प्रभारी बघेल पूरे मामले पर मूकदर्शक बने रहे। उन्होंने एक बार भी आक्रोशित कार्यकर्ताओं को रोकने या समझाने की पहल नहीं की। जहां बघेल के पिछले दौरे में केवल शीर्ष नेतृत्व और कद्दावर नेताओं के बीच खींचतान दिख रही थी, वहीं इस 9 दिवसीय दौरे ने स्पष्ट कर दिया है कि गुटबाजी अब ब्लॉक और बूथ स्तर के वर्करों तक गहराई से जड़ें जमा चुकी है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि प्रभारी के सामने ही गुटबाजी का टॉप से बॉटम तक पहुंचना पार्टी के सांगठनिक ढांचे को कमजोर कर चुका है, जो 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की राह को कठिन और आत्मघाती बना सकता है। जानिए, कांग्रेस की रैलियों का एक्सपर्ट व्यू राजा वडिंग और बघेल की भूमिका का विश्लेशण करेगा हाईकमान पंजाब कांग्रेस की बैठकों में हुई नारेबाजी और हाथापाई को लेकर हाईकमान भी सख्त है। हाईकमान चरणजीत सिंह चन्नी को पहले ही फटकार लगा चुका है और अब राजा वड़िंग व बघेल की भूमिका का भी विश्लेषण करेगा। बघेल व राजा वड़िंग दिल्ली में 9 दिन की पूरी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि रिपोर्ट का विश्लेषण करने के बाद राहुल गांधी बड़ा फैसला ले सकते हैं। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… बघेल-वड़िंग के सामने मंच पर कांग्रेस नेता भिड़े:मलेरकोटला में पूर्व मंत्री के समर्थकों ने पूर्व MLA को आने से रोका, पुलिस ने डंडे दिखाए पंजाब में कांग्रेस के ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान के आखिरी दिन शनिवार को मलेरकोटला में स्टेज पर चढ़ने के लिए कांग्रेस नेता आपस में भिड़ गए। पूर्व MLA जसवीर सिंह जस्सी उर्फ जस्सी खंगूड़ा जब स्टेज पर चढ़ने लगे तो पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के पक्ष के कांग्रेस नेताओं ने उन्हें स्टेज पर चढ़ने से रोक दिया। पढ़ें पूरी खबर…
भारत का वो बदनसीब खिलाड़ी, जिसने 1 ही टेस्ट खेला और वही बन गया उसका विदाई मैच
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर रॉबिन सिंह सीमित ओवरों के एक बेहतरीन खिलाड़ी थे. मिडिल ऑर्डर में दमदार बल्लेबाजी के साथ रॉबिन सिंह अपनी शानदार फील्डिंग के लिए भी मशहूर थे, लेकिन लाल गेंद के क्रिकेट में उनका करियर कुछ खास नहीं रहा. टीम इंडिया के लिए रॉबिन सिंह अपने पूरे करियर में सिर्फ एक ही टेस्ट मैच खेल पाए.
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