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'सागरमाला' प्रोग्राम से समुद्री क्षेत्र को मिली बड़ी मजबूती, 1.57 लाख करोड़ रुपए की 315 परियोजनाएं हुईं पूरी

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। देश के समुद्री क्षेत्र में पिछले एक दशक में जबरदस्त विस्तार देखने को मिला है, जिसमें क्षमता, कनेक्टिविटी और संचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के प्रमुख प्रोग्राम सागरमाला ने बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, तटीय और अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास और कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

सरकार द्वारा शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में सागरमाला प्रोग्राम ने ठोस परिणाम दिए हैं। सागरमाला 2.0 के तहत 85,482 करोड़ रुपए के निवेश से लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपए के निवेश को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

इस कार्यक्रम के तहत अब तक करीब 845 परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 6.06 लाख करोड़ रुपए है। 24 मार्च 2026 तक 1.57 लाख करोड़ रुपए की लागत वाली 315 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 210 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं और 320 परियोजनाएं योजना चरण में हैं।

सरकार के अनुसार, पूरी हो चुकी परियोजनाओं से बंदरगाहों की क्षमता बढ़ी है, जहाजों के टर्नअराउंड टाइम में कमी आई है और पोर्ट-आधारित औद्योगिक विकास के साथ-साथ तटीय क्षेत्रों का भी विकास हुआ है। ये सभी पहल देश के व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती देने में मदद कर रही हैं।

भारत के प्रमुख बंदरगाहों ने वित्त वर्ष 2025-26 में 915.17 मिलियन टन कार्गो हैंडल किया, जो तय लक्ष्य 904 मिलियन टन से अधिक है। यह सालाना आधार पर 7.06 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है, जो समुद्री व्यापार में लगातार बढ़ोतरी का संकेत है।

इसके अलावा, जहाजों के औसत टर्नअराउंड समय में भी बड़ा सुधार हुआ है, जो 2014 में 96 घंटे से 2025 में घटकर 49.5 घंटे रह गया है। इससे बंदरगाहों की दक्षता और तेजी से माल ढुलाई की क्षमता में सुधार हुआ है।

वैश्विक स्तर पर भी भारतीय बंदरगाहों की स्थिति मजबूत हुई है। देश के 9 बंदरगाह दुनिया के शीर्ष 100 बंदरगाहों में शामिल हो गए हैं, जिनमें विशाखापत्तनम बंदरगाह कंटेनर ट्रैफिक के मामले में शीर्ष 20 में जगह बना चुका है।

अंतर्देशीय जलमार्गों के जरिए कार्गो परिवहन में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। यह 2013-14 में 18.10 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़कर 2024-25 में 145.50 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गया है, जो करीब 700 प्रतिशत की वृद्धि है। इससे लॉजिस्टिक्स सिस्टम अधिक कुशल और विविधतापूर्ण बना है।

सागरमाला प्रोग्राम के तहत 1,057 करोड़ रुपए की लागत से 11 फिशिंग हार्बर परियोजनाएं भी पूरी की गई हैं, जिससे 30,000 से अधिक मछुआरों को सीधे लाभ मिला है। इसके अलावा, कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए तटीय क्षेत्रों में लोगों की आजीविका में भी सुधार हुआ है।

इसके अतिरिक्त, सागरमाला प्रोग्राम से लगभग 1 करोड़ रोजगार सृजन की संभावना जताई गई है, जिसमें 40 लाख प्रत्यक्ष और 60 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल हैं। यह कार्यक्रम भारत के समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी नई दिशा दे रहा है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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ईरान के विदेश मंत्री का विश्व बिरादरी से आग्रह, तय हो हमलावरों की जवाबदेही

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वे ईरान पर कथित अमेरिकी-इजरायली हमलों को लेकर जिम्मेदार रुख अपनाएं और हमलावरों को जवाबदेह ठहराएं।

जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के साथ शुक्रवार को हुई टेलीफोन वार्ता में अराघची ने ईरान के खिलाफ हालिया सैन्य घटनाक्रम की जानकारी साझा की, जैसा कि शनिवार को स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में इसका दावा किया गया है। तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों की रक्षा के लिए सभी देशों को सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाने की सलाह दी।

अराघची ने अमेरिका पर पहले भी अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन का आरोप लगाया। मेहर न्यूज के अुनसार उन्होंने कहा कि ईरान ने संघर्ष समाप्त करने, इस दौरान हुे नुकसान की भरपाई और हमलावरों को जवाबदेह ठहराने की शर्तों के आधार पर सीजफायर स्वीकार किया है। उन्होंने इसे एक “जिम्मेदार कदम” बताया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना होनी चाहिए।

वहीं, जर्मन विदेश मंत्री वाडेफुल ने भी युद्ध समाप्ति का समर्थन किया और खास तौर पर लेबनान में इजरायली हमलों को रोकने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों के बीच प्रस्तावित वार्ता से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी।

इससे पहले ईरानी संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ ने भी अमेरिका को लेकर आशंका जताई। इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में, ईरानी डेलीगेशन के हेड एमबी गलिबाफ ने ईरान को यूएस से मिले धोखे के पिछले अनुभव की याद दिलाई।

उन्होंने इतिहास याद दिलाया। कहा, एक साल से भी कम समय में दो बार, बातचीत के बीच में, और ईरानी पक्ष की अच्छी नीयत के बावजूद, उन्होंने हम पर हमला किया और कई वॉर क्राइम किए।

--आईएएनएस

केआर/

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संजू सैमसन के ऐतिहासिक शतक से सीएसके का खुला खाता, लगातार 3 हार के बाद चेन्नई ने चखा जीत का स्वाद

Chennai Super Kings First wins in IPL 2026: चेन्नई सुपरकिंग्स ने आखिरकार जीत का खाता खोल लिया. संजू सैमसन के ऐतिहासिक शतक की बदौलत चेन्नई ने दिल्ली को 23 रन से हराया. सीएसके को तीन मैच के बाद पहली जीत नसीब हुई. सीएसके ने पहले बैटिंग करते हुए 2 विकेट पर 212 रन का बड़ा स्कोर बनाया था. 213 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की टीम संघर्ष के बावजूद 20 ओवरों में 189 रनों पर ढेर हो गई. चेन्नई ने यह मुकाबला 23 रनों से जीत लिया.  Sat, 11 Apr 2026 23:37:54 +0530

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