हार, चोट और टूटे हौसले के बाद लवलीना बोरगोहेन की दहाड़...अब एशियन गेम्स में गोल्ड मिशन
पेरिस ओलंपिक के बाद हार, चोट और आत्मविश्वास की कमी से जूझने वाली लवलीना बोरगोहेन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि चैंपियन कभी हार नहीं मानते. 28 साल की भारतीय मुक्केबाज ने करियर जारी रखने को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया. राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार पदक जीतने वाली लवलीना ने रजत पदक हासिल किया और अब उनका अगला लक्ष्य एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है. वहीं भारतीय बॉक्सिंग टीम के ऐतिहासिक प्रदर्शन ने नई उम्मीद जगाई है.
बोल नहीं सकते, सुन नहीं सकते... लेकिन निशाना ऐसा कि जीत लिया गोल्ड मेडल, सुरेंद्र सिंह देवड़ा ने बढ़ाया राजस्थान का मान
Surendra Singh Deora Gold Medal: उदयपुर के मूक-बधिर निशानेबाज सुरेंद्र सिंह देवड़ा ने देहरादून में आयोजित जसपाल राणा मेमोरियल कप की 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर राजस्थान का मान बढ़ाया है. बचपन से बोलने व सुनने में असमर्थ सुरेंद्र ने कोच डॉ. जितेंद्र सिंह चुंडावत के मार्गदर्शन में कड़ी मेहनत की. वे अब तक 2 स्वर्ण और 3 रजत समेत कुल 5 राष्ट्रीय पदक जीत चुके हैं. उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से किसी भी शारीरिक चुनौती को मात देकर सफलता हासिल की जा सकती है.
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