Saurav Das House Row: ₹12 लाख किराए वाले GK-1 घर के दावे के बीच CJP प्रवक्ता का आरोप- YouTubers ने घर में की घुसपैठ
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया है कि कुछ YouTubers और मीडिया से जुड़े लोग बिना अनुमति उनके दिल्ली स्थित घर में दाखिल हुए और अंदर का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। उनका कहना है कि इस घटना से उनके परिवार की सुरक्षा और निजता पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कुछ YouTube चैनलों पर सौरव दास की जीवनशैली को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। इनमें कहा गया कि वह दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-1 (GK-1) इलाके में एक आलीशान घर में रहते हैं, जिसका मासिक किराया करीब ₹12 लाख है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
'घर के बाहर 15-20 लोग जमा थे'
सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि मंगलवार सुबह उनके घर के बाहर 15 से 20 लोग मौजूद थे, जिनमें से कुछ लोग पिछली रात से ही वहां डटे हुए थे।
First and foremost, rent can’t be 12 lacs; it’s an exaggeration.
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) August 5, 2026
Secondly, BJP has the Income Tax department; if they feel he is spending more than he earns, send him an IT notice.
This is not journalism; this is hounding Gen Z leaders who raised their voice against the… https://t.co/PVm3qh64Qi
उन्होंने आरोप लगाया कि घर के अंदर से रिकॉर्ड किए गए वीडियो सार्वजनिक होने के बाद उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। दास ने लिखा कि वह इस समय CJP की दो दिवसीय बैठक में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र में हैं, जबकि उनका परिवार दिल्ली स्थित घर में मौजूद है।
बिना अनुमति घर में घुसने का आरोप, दिल्ली पुलिस से लगाई मदद की गुहार
इससे पहले जारी एक SOS संदेश में सौरव दास ने आरोप लगाया कि कुछ YouTubers और मीडिया कर्मी बिना अनुमति उनके घर में दाखिल हुए और अंदर के दृश्य रिकॉर्ड कर प्रसारित किए।
उन्होंने इसे निजता का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यदि इन वीडियो के कारण कोई असामाजिक तत्व उनके घर या परिवार को नुकसान पहुंचाता है, तो इसके लिए संबंधित वीडियो बनाने वाले और उनके समर्थकों को जिम्मेदार माना जाना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए हस्तक्षेप की मांग भी की।
राजनीतिक विवाद भी तेज
इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ विपक्षी नेताओं ने कथित घुसपैठ और निजता के उल्लंघन पर चिंता जताई है, जबकि अन्य नेताओं ने सौरव दास की जीवनशैली और उनके निवास से जुड़े दावों पर सवाल उठाए हैं।
₹12 लाख किराए वाले घर के दावे से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत तब हुई, जब एक YouTube चैनल ने सौरव दास के कथित आवास का एक 'वॉक-थ्रू' वीडियो प्रकाशित किया। वीडियो में दावा किया गया कि वह ग्रेटर कैलाश-1 में स्थित एक आलीशान मकान में रहते हैं, जिसका मासिक किराया लगभग ₹12 लाख है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इन दावों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर CJP की फंडिंग, आर्थिक पारदर्शिता और नेतृत्व की जीवनशैली को लेकर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने पार्टी से इन दावों पर स्पष्टता देने की मांग की है।
महाराष्ट्र में चल रही है CJP की अहम बैठक
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब सौरव दास महाराष्ट्र में CJP की दो दिवसीय कोर कमेटी की बैठक में शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बैठक में संगठन की आगामी रणनीति, सदस्यता अभियान और केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ प्रस्तावित आंदोलन सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
संसद का विशेष सत्र: 16 से 18 अगस्त तक हो सकती है बैठक, परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर हो सकती है चर्चा
Delimitation Bill: नरेंद्र मोदी सरकार संसद के मौजूदा मानसून सत्र के समापन के ठीक बाद एक विशेष सत्र बुलाने की योजना पर काम कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चल रहा मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होगा, जिसके बाद 16 से 18 अगस्त तक संसद का दो-दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जा सकता है।
इस विशेष सत्र के दौरान सरकार का मुख्य एजेंडा अपने बेहद महत्वाकांक्षी परिसीमन बिल (Delimitation Bill) और महिला आरक्षण बिल पर चर्चा करना और उन्हें आगे बढ़ाना है।
दो-तिहाई बहुमत जुटाने में जुटी सरकार
कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार इस संवैधानिक संशोधन विधेयक को पास कराने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े को पुख्ता करने में जुटी हुई है। सरकार की यह कोशिश है कि संसद में संख्या बल पूरी तरह मजबूत होने के बाद ही इस अहम विधायी कार्य को आगे बढ़ाया जाए।
जैसे ही सरकार के पास विधेयक को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या सुनिश्चित हो जाएगी, वैसे ही संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस संविधान संशोधन विधेयक को विचार और पास कराने के लिए सदन के पटल पर रखा जा सकता है।
गतिरोध खत्म करने के लिए विपक्ष से संपर्क
इन दो महत्वपूर्ण विधेयकों को चर्चा और बाद में पारित कराने के लिए लाने से पहले, केंद्र सरकार संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने और विपक्ष के साथ आम सहमति बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गई है।
इसी कड़ी में, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ करीब 50 मिनट तक लंबी बैठक की। यह मुलाकात संसद में चल रहे गतिरोध को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
किरेन रिजिजू और राहुल गांधी की बैठक के मायने
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रस्तावित परिसीमन बिल और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में संशोधनों जैसे प्रमुख विधेयकों पर राहुल गांधी के विचार जानने की कोशिश की। सरकार यह समझना चाहती थी कि इन लंबित विधायी प्रस्तावों पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का रुख क्या रहने वाला है, ताकि सदन के कामकाज को सुचारू रूप से चलाया जा सके।
विपक्ष की क्या है प्रमुख मांग?
सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि बैठक के दौरान राहुल गांधी ने किरेन रिजिजू से स्पष्ट कहा कि विपक्ष की तरफ से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की कोई मांग नहीं की जा रही है।
हालांकि, विपक्ष इस बात पर अड़ा हुआ है कि हाल ही में पेपर लीक आंदोलन के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने के मामले पर गृह मंत्री संसद के सदन में अपना बयान दें और स्थिति स्पष्ट करें। राहुल गांधी ने यह रुख अपनाया कि इस गतिरोध को पैदा करने वाले मुद्दे पर गृह मंत्री को सदन को संबोधित करना ही होगा।
अन्य विपक्षी दलों को साधने की रणनीति
कांग्रेस के बाद अब सरकार समाजवादी पार्टी और अन्य क्षेत्रीय दलों से बातचीत करने की तैयारी में है। इसके लिए केंद्र सरकार ने अपने कई वरिष्ठ मंत्रियों को मैदान में उतारा है।
केंद्रीय मंत्रियों प्रह्लाद जोशी, पीयूष गोयल, अर्जुन राम मेघवाल और एल. मुरुगन को अन्य विपक्षी दलों के नेताओं तक पहुंच बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये सभी मंत्री विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे, ताकि उनका रुख भांप सकें और संसद के सामान्य कामकाज को बहाल करने के लिए एक आम सहमति बनाने की संभावना तलाश सकें।
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