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WhatsApp Group Chat बनेगा और भी स्मार्ट, @all Mention और Poll Timer जैसे 3 धांसू Features लॉन्च

आए दिन WhatsApp अपने यूजर्स के लिए नए-नए फीचर्स पेश करता है। ग्रुप चैटिंग को और भी खास बनाने के लिए कंपनी यूजर के लिए तमाम सुविधाएं लेकर आती है। WhatsApp ने कहा है कि  इन अपडेट्स के मुख्य ग्रुप में होने वाली बातचीत को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करना, फैसले जल्दी लेना और जरुरी जानकारी सभी सदस्यों तक आसानी से पहुंच सकते हैं। 
इन नए अपडेट्स में Polls में अतिरिक्त कंट्रोल, @all Mention और मौजूदा ग्रुप से एक क्लिक में नया ग्रुप बनाने जैसी सुविधाएं शामिल हुईं है। इन फीचर्स को दुनिया भर के यूजर्स के लिए चरणबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है।

Polls में मिले नए कंट्रोल
- WhatsApp ने अपने नए फीचर Polls फीचर को पहले से ज्यादा उपयोगी बना दिया है। अब यूजर्स किसी भी पोल के लिए समय सीमा (End Time) तय कर सकेंगे। तय किए गए समय पर वोटिंग पूरा होने के बाद यह बंद हो जाएगा। वैसे यह सुविधा मीटिंग, इवेंट या किसी समय-सीमा वाले फैसले के लिए काफी काम आएगी।

- इसके अतिरिक्त, जब पोल में वोट डालने वाले लोगों के नाम छिपाने का ऑप्शन भी मिलेगा। यानी प्रतिभागी अपनी पसंद व्यक्त किए बिना मतदान कर सकेंगे। वहीं, यदि पोल पोस्ट करने के बाद सवाल में कोई गलती रह जाती है या उसे स्पष्ट करना हो, तो पोल बनाने वाला व्यक्ति 15 मिनट के बाद भीतर प्रश्न को एडिट कर दें। इससे नया पोल बनाने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

अब @all से एक साथ सभी तक पहुंचेगा मैसेज 
- WhatsApp ने ग्रुप चैट में @all Mention फीचर जोड़ा गया है। इसके मदद से यूजर सिर्फ @all टाइप करके पूरे ग्रुप के सभी सदस्यों को एक साथ नोटिफिकेशन भेज सकता है। इस फीचर से किसी महत्वपूर्ण घोषणा या जरूरी सूचना के लिए हर सदस्य को विभिन्न टैग करने की जरुरत नहीं होगी।

 - अगर किसी ग्रुप्स में 32 से अधिक मेंबर हैं, वहां यह सुविधा सिर्फ ग्रुप एडमिन के लिए उपलब्ध रहेगी। यदि कोई यूजर ऐसे नोटिफिकेशन नहीं पाना चाहता है, तो वह ऐप की Notification Settings  में जाकर @all नोटिफिकेशन को म्यूट भी कर सकता है।

मौजूद ग्रुप से एक क्लिक में बनाए नया ग्रुप 
-इतना ही नहीं, कंपनी के ग्रुप को मैनेजमेंट को आसान बनाने के लिए नया फीचर एड ऑन किया है। अब आपको मौजूदा ग्रुप के सदस्यों के साथ सिर्फ एक स्टेप में नया ग्रुप बनाया जा सकेगा। इसके लिए अब मेंबर्स को दोबारा एक-एक करके जोड़ने की जरुरत नहीं होगी।

- WhatsApp के मुताबिक, यह फीचर उन परिस्थितियों में काफी फायदेमंद है, जो किसी खास विषय पर अलग से चर्चा करनी हो, किसी कार्यक्रम की योजना बनानी हो या किसी विशेष गतिविधि के लिए अलग ग्रुप तैयार करना हो, ताकि मुख्य ग्रुप की बातचीत प्रभावित न हो।

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स्पेसएक्स का 4000 किलो वजनी रॉकेट चांद से टकराया:8,690 kmph की रफ्तार से अंतरिक्ष में घूम रहा था; NASA ने कहा- धरती को खतरा नहीं

इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का एक बेकाबू रॉकेट चांद की सतह से टकरा गया है। 4 हजार किलो वजनी यह रॉकेट करीब 8,690 किमी/घंटा की रफ्तार से टकराया। नासा ने कहा कि इस टक्कर से पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है। यह बेकाबू 45 फीट का टुकड़ा स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का ऊपरी हिस्सा है। इसे जनवरी 2025 में फ्लोरिडा से अमेरिका और जापान के दो लूनर लैंडर को अंतरिक्ष में भेजने के लिए लॉन्च किया गया था। मिशन पूरा होने के बाद रॉकेट का यह हिस्सा अंतरिक्ष में तैरता रह गया। पिछले 18 महीनों के दौरान पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण की वजह से इसका रास्ता धीरे-धीरे बदल गया। खगोलविदों ने डेटा का अध्ययन करके पहले ही अनुमान लगा लिया था कि यह रॉकेट भटककर सीधे चांद की ओर जा रहा है और उससे टकराएगा। आइंस्टीन क्रेटर के पास टक्कर हुई यह टक्कर चांद के 'आइंस्टीन क्रेटर' के पास हुई। यह क्षेत्र चांद के उस हिस्से में है जहां दिन का उजाला रहता है और जो पृथ्वी से दिखाई देता है। हालांकि, वैज्ञानिकों के मुताबिक इसे आम टेलिस्कोप से देखना नामुमकिन था, क्योंकि टक्कर के वक्त बनी रोशनी बेहद हल्की थी। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के खगोलविद डॉ. मैट बोथवेल का कहना है कि टक्कर के कारण चांद की धूल का एक बड़ा गुबार उठा होगा, जो 100 किलोमीटर तक ऊपर गया होगा और कई मिनटों तक रहा होगा। तस्वीरों के लिए इंतजार करना होगा, ऑर्बिटर जारी करेंगे डेटा फिलहाल जब यह हादसा हुआ, तब चांद का चक्कर लगा रहा कोई भी स्पेसक्राफ्ट सही पोजिशन में नहीं था, इसलिए लाइव तस्वीरें नहीं मिल पाई हैं। दक्षिण कोरिया का 'दानुरी' ऑर्बिटर और नासा का 'लूनर रिकोनिसेंस ऑर्बिटर' (LRO) आने वाले दिनों में टक्कर वाली जगह के ऊपर से गुजरेंगे और तस्वीरें लेंगे। वैज्ञानिक पुरानी और नई तस्वीरों की तुलना करके चांद की सतह पर बने नए निशान की पहचान करेंगे। चांद पर पहले से मौजूद है 190 टन कचरा इस टक्कर के बाद चांद पर इंसानों की छोड़ी गई या दुर्घटनाग्रस्त हुई चीजों की संख्या बढ़कर लगभग 3,000 हो गई है। इनका कुल वजन करीब 190 टन हो चुका है। सितंबर 1959 में सोवियत संघ का 'लूना 2' चांद की सतह पर पहुंचने वाला पहला मानव निर्मित ऑब्जेक्ट था। इसके अलावा नासा के अकेले अपोलो प्रोग्राम से जुड़ी 796 चीजें चांद पर मौजूद हैं। चांद पर कोई वायुमंडल या पर्यावरण नहीं है, इसलिए इस कचरे से वहां किसी ईकोसिस्टम को नुकसान नहीं पहुंचता। हालांकि, वैज्ञानिक चिंतित हैं कि भविष्य में बढ़ते लूनर ट्रैफिक के कारण ऐतिहासिक अपोलो लैंडिंग साइट्स को नुकसान न पहुंचे और नए स्पेसक्राफ्ट्स के टकराने का जोखिम न बढ़े। NASA और वैज्ञानिकों को इस टक्कर से क्या फायदा होगा? साइंस म्यूजियम की स्पेस हेड लिब्बी जैक्सन के अनुसार, यह वैज्ञानिकों के लिए काफी रोमांचक प्रयोग है क्योंकि रॉकेट की स्पीड, वजन और आकार का डेटा पहले से मौजूद था। आमतौर पर जब कोई प्राकृतिक उल्कापिंड चांद से टकराता है, तो वैज्ञानिकों के पास उसका शुरुआती डेटा नहीं होता। इस टक्कर से बने नए गड्ढे और उड़ी हुई धूल की परत का अध्ययन करके वैज्ञानिक यह समझ सकेंगे कि अरबों साल पहले चांद और हमारे सौर मंडल का निर्माण कैसे हुआ था। इधर ऊपरी हिस्सा टकराया, उधर 18वीं बार उड़ने को तैयार बूस्टर स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का निचला हिस्सा रीयूजेबल होता है। इसे बूस्टर कहते हैं और लैंडिंग करके धरती पर वापस आ जाता है। जिस जनवरी 2025 वाले मिशन का ऊपरी हिस्सा भटककर चांद से टकराया, उसी रॉकेट के निचले बूस्टर को 10 अगस्त को 18वीं बार लॉन्च किया जाएगा। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है स्पेस डैब्रिस और आइंस्टीन क्रेटर... इंसान द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए रॉकेट्स के छूटे हुए टुकड़े, निष्क्रिय सैटेलाइट्स और मलबे को स्पेस डैब्रिस कहा जाता है। वहीं चंद्रमा के पश्चिमी किनारे पर स्थित एक बड़ा गड्ढा है, जिसका व्यास करीब 170 किलोमीटर है। इसे आइंस्टीन क्रेटर नाम दिया गया है। ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़े… हजारों वॉट्सएप अकाउंट अचानक बंद, मैसेज आया- अंडर रीव्यू:बिना वार्निंग सभी फीचर्स ब्लॉक, कंपनी बोली- कभी-कभी गलती हो जाती है मैसेजिंग एप वॉट्सएप ने भारत समेत कुछ अन्य देशों में हजारों यूजर्स के अकाउंट 24 घंटे के लिए रीव्यू में डाल दिए हैं। इस दौरान एप के सभी मैसेजिंग और कॉलिंग फीचर्स को ब्लॉक कर दिया गया। पूरी खबर पढ़े…

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