अफगानिस्तान में भारी बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही, 73 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित : संयुक्त राष्ट्र
काबुल, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में आई बारिश और अचानक बाढ़ ने देश को काफी नुकसान पहुंचाया है। टोलो न्यूज ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र के हवाले से बताया कि पिछले दो हफ्तों में अफगानिस्तान में भयंकर मौसमी बाढ़ से बहुत नुकसान हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 26 मार्च से 6 अप्रैल तक देश में हुई भारी बारिश और उसके कारण आई बाढ़ ने कई प्रांतों में लोगों को प्रभावित किया। कुदरत के कहर से सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए। इस आपदा से 73,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
9,000 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और 15,500 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन नष्ट हो गई है। इसकी वजह से प्रभावित इलाकों में खाने की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
सिन्हुआ की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस आपदा में 500 से ज्यादा मवेशियों के मरने से खेती और पशुपालन पर निर्भर ग्रामीण परिवारों के लिए संकट और बढ़ गया है।
इससे पहले 7 अप्रैल को, अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के बाद एक दीवार गिरने से तीन महिलाओं की मौत हो गई थी और दो बच्चे घायल हो गए थे।
स्थानीय गवर्नर के प्रवक्ता मुस्तगफर गुरबाज के मुताबिक, यह घटना खोस्त के मातोन इलाके के गिंगिनी गांव में हुई। उन्होंने कहा था कि हाल ही में हुई बारिश के बाद दीवार गिर गई। भारी बारिश की वजह से दीवार का ढांचा कमजोर हो गया था।
पझवोक अफगान न्यूज ने बताया कि घायल बच्चों को पास के एक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
इस बीच, स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, 7 अप्रैल को अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में भारी बारिश की वजह से छत गिरने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए।
अफगानिस्तान की एरियाना न्यूज ने मंगलवार को रिपोर्ट किया कि सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में जलालाबाद, शेरजाद, खोगयानी, हस्का मीना और अंगूर बाग शामिल हैं।
सोमवार को अधिकारियों ने कहा कि पिछले 12 दिनों में अफगानिस्तान में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़, भूस्खलन, बिजली गिरने और घर गिरने की घटनाओं में कम से कम 110 लोगों की मौत हो गई और 160 लोग घायल हुए हैं।
खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि सात लोग अभी भी लापता हैं, जबकि नई बारिश के अनुमानों से यह चिंता बढ़ गई है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
अधिकारियों ने कहा कि 958 घर पूरी तरह से तबाह हो गए, जबकि 4,155 घरों को थोड़ा नुकसान हुआ, जिससे हजारों परिवारों को तुरंत रहने की जगह और मदद की जरूरत है। 325 किलोमीटर से ज्यादा सड़कें खराब हो गई हैं और बिजनेस, खेती की जमीन, सिंचाई नहरों और पीने के पानी के कुओं को नुकसान हुआ है।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
वैश्विक संघर्षों के चलते मार्च में गोल्ड ईटीएफ निवेश में आई गिरावट
मुंबई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। एम्फी यानी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में मार्च के दौरान निवेश में भारी गिरावट देखने को मिली और गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध निवेश घटकर 2,266 करोड़ रुपए रह गया, जो फरवरी के मुकाबले आधे से भी कम है।
फरवरी में निवेशकों ने इन फंड्स में 5,255 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया था, जिससे यह गिरावट काफी अहम मानी जा रही है।
इस गिरावट की मुख्य वजह भू-राजनीतिक अनिश्चितता रही, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया।
गोल्ड ईटीएफ, जो सोने की कीमत को ट्रैक करते हैं, निवेश का एक आसान और टैक्स-एफिशिएंट विकल्प माने जाते हैं। इनमें निवेश करने पर फिजिकल गोल्ड रखने की जरूरत नहीं होती, जिससे सुरक्षा और स्टोरेज की चिंता खत्म हो जाती है।
फिलहाल भारत में ऐसे 25 गोल्ड ईटीएफ स्कीम्स निवेशकों के लिए उपलब्ध हैं। निवेश में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई है।
घरेलू बाजार में मार्च के दौरान सोने की कीमतों में करीब 11 प्रतिशत की गिरावट आई, जो उसी अवधि में बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स में आई गिरावट के समान रही।
कीमतों में इस गिरावट से निवेशकों की रुचि कम हुई है, जबकि आमतौर पर अनिश्चितता के समय सोना एक सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) माना जाता है।
हालांकि, इनफ्लो में कमी के बावजूद गोल्ड ईटीएफ का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) मजबूत बना रहा।
31 मार्च तक एयूएम 1.71 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पहले सोने की कीमतों में आई तेजी के कारण बढ़ा था।
वैश्विक स्तर पर स्थिति और ज्यादा कमजोर रही। विश्व स्वर्ण परिषद (वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में गोल्ड ईटीएफ से 12 अरब डॉलर की निकासी हुई, जो अब तक की सबसे बड़ी मासिक गिरावट है।
इस भारी निकासी ने उस उम्मीद को झटका दिया, जिसमें माना जा रहा था कि यह तिमाही गोल्ड ईटीएफ निवेश के लिहाज से सबसे मजबूत रहेगी।
इसके बावजूद, लंबे समय के नजरिए से देखें तो वैश्विक स्तर पर गोल्ड ईटीएफ में लगातार सातवीं तिमाही में शुद्ध निवेश दर्ज किया गया है, जो इस सेक्टर की मजबूती को दिखाता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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