महिलाओं-बेरोजगारों को 3-3 हजार रुपये, बंगाल में UCC... गृह मंत्री अमित शाह ने जारी किया BJP का संकल्प पत्र
BJP Sankalp Patra for West Bengal: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी का संकल्प पत्र जारी कर दिया. जिसमें महिलाओं और बेरोजगारों को 3-3 हजार रुपये प्रति माह देने का वादा किया गया है. इसके साथ ही शाह ने 6 महीने के भीतर बंगाल में यूसीसी लागू करने का भी वादा किया. गृह मंत्री शाह ने पार्टी का संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा कि, बंगाल की जनता अब राज्य में बदलाव चाहती है. उन्होंने कहा कि बंगाल में टीएमसी का 15 साल का शासन एक तरह से हर तरह के संकट से भरा रहा है.
बढ़ रहा World War का खतरा, ईरान में अमेरिका भेजेगी सेना! चीनी प्रोफेसर की भविष्यवाणी ने मचाई हलचल“
Chinese Nostradamus: ईरान-अमेरिका में जारी युद्ध को लेकर एक नई भविष्यवाणी ने हलचल बढ़ा दी है. चीन के एक प्रोफेसर, जिन्हें लोग ‘नास्त्रेदमस’ के नाम से भी जानते हैं, ने बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि अमेरिका जल्द ही ईरान में अपनी जमीनी सेना भेज सकता है. यह बयान ऐसे समय आया है जब पहले से ही क्षेत्र में हालात नाजुक बने हुए हैं. कई देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में यह भविष्यवाणी लोगों की चिंता और बढ़ा रही है.
क्यों खास है यह भविष्यवाणी?
इस प्रोफेसर को ‘नास्त्रेदमस’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि उनकी कई पिछली भविष्यवाणियां सही साबित हुई हैं. उन्होंने पहले भी अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को लेकर अनुमान लगाए थे, जो बाद में सच निकले. इसी वजह से उनके नए बयान को गंभीरता से लिया जा रहा है. विशेषज्ञ भी मानते हैं कि अगर अमेरिका ने यह कदम उठाया, तो स्थिति काफी बिगड़ सकती है.
युद्ध को लेकर खतरनाक भविष्यवाणी
चीनी नास्त्रेदमस जियांग ने इस युद्ध को लेकर एक खतरनाक बात कही है कि अमेरिका ईरान में अपनी जमीनी सेना को जरूर भेजेगा और इससे यह युद्ध और भीषण हो जाएगा. अकेले हवाई हमले ही काफी नहीं होंगे. उनका कहना है कि ईरान काफी सावधानी से पूरे मामले को संभाल रहा है. उसके पास अमेरिका जितनी सैन्य शक्ति नहीं है लेकिन फिर भी वह सावधानी रख रहा है. हालांकि अमेरिका एक योजना पर ही आगे बढ़ रहा है. जिसके पास भी सबसे ज्यादा विकल्प होगी वहीं इस युद्ध को जीतेगा. मजबूत हथियार और सैन्य शक्ति होने ज्यादा जरूरी यह है कि हालात के हिसाब से कौन खुद को ढालता है.
ईरान में जमीनी सेना भेजने का मतलब क्या होगा
प्रोफेसर जुएकिन जियांग के अनुसार, अगर अमेरिका ईरान में ग्राउंड फोर्स भेजता है, तो यह केवल सीमित कार्रवाई नहीं होगी. इसका मतलब होगा कि युद्ध सीधे जमीन पर लड़ा जाएगा. इससे दोनों देशों के बीच टकराव तेज हो सकता है. साथ ही अन्य देश भी इसमें शामिल हो सकते हैं. इससे पूरा मध्य पूर्व युद्ध की चपेट में आ सकता है.
वैश्विक स्तर पर बढ़ सकती है चिंता
इस तरह की स्थिति का असर सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा. इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ सकता है. तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है. वैश्विक बाजार अस्थिर हो सकते हैं. साथ ही कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट में बदल सकता है.
क्या बन सकते हैं युद्ध के बड़े कारण?
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है. परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय राजनीति इसके प्रमुख कारण हैं. हाल के महीनों में यह तनाव और बढ़ा है. दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ कड़े बयान दिए हैं. इसी बीच इस तरह की भविष्यवाणी ने माहौल को और गंभीर बना दिया है.
विशेषज्ञों की राय
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि जमीनी सेना भेजना आखिरी कदम माना जाता है. इसका मतलब है कि कूटनीतिक रास्ते लगभग खत्म हो चुके हैं. हालांकि कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यह सिर्फ एक चेतावनी हो सकती है. इससे दबाव बनाने की कोशिश की जा रही हो.
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. अमेरिका की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. लेकिन जिस तरह से हालात बन रहे हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले दिन बेहद अहम होंगे. दुनिया की नजर अब इस क्षेत्र पर टिकी हुई है. सभी को उम्मीद है कि हालात नियंत्रण में रहें और कोई बड़ा संघर्ष न हो.
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