Uttarakhand News: धामी सरकार का नारी शक्ति को नमन, तीलू रौतेली और आंगनबाड़ी पुरस्कार राशि में किया भारी इजाफा
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजधानी देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के मुख्य सेवक सदन में आयोजित तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार समारोह में भाग लिया. इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं, अदम्य साहस और सामाजिक योगदान से नई मिसाल कायम करने वाली 13 महिलाओं को प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार प्रदान किया गया. इसके साथ ही बाल विकास और पोषण क्षेत्र में जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली 35 समर्पित आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री पुरस्कार से विभूषित किया गया. मुख्यमंत्री ने मंच से सभी पुरस्कृत महिलाओं और आंगनबाड़ी बहनों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
वीरांगना तीलू रौतेली का गौरवशाली इतिहास
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि तीलू रौतेली की जयंती का दिन पूरे उत्तराखंड के इतिहास और हमारी नारी शक्ति के स्वाभिमान का एक अत्यंत गौरवशाली अवसर है. वीरांगना तीलू रौतेली अद्भुत साहस, अद्वितीय पराक्रम और अदम्य नारी शक्ति की एक अमर प्रतीक हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ हमेशा से शूरवीरों और वीरांगनाओं की पावन भूमि भी रहा है. जब भी देश या दुनिया में भारतीय नारी के पराक्रम और त्याग की बात होगी, तब तीलू रौतेली का नाम सबसे आगे और गर्व के साथ याद किया जाएगा.
मातृशक्ति के सम्मान में पुरस्कार राशि में ऐतिहासिक वृद्धि
उत्तराखंड सरकार ने राज्य की मातृशक्ति को और अधिक प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने तीलू रौतेली पुरस्कार की धनराशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर अब सीधे 75 हजार रुपये कर दिया है. गौरतलब है कि वर्ष 2023 में ही सरकार ने इस राशि को 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया था. इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की धनराशि को भी 51 हजार रुपये से बढ़ाकर अब 61 हजार रुपये करने का फैसला लिया गया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल पैसों की बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि यह प्रदेश सरकार की ओर से हमारी बहनों और बेटियों की दिन-रात की मेहनत और समर्पण का सच्चा सम्मान है.
केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में देश भर में महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन, सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं. संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून हो, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान हो, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण हो, उज्ज्वला योजना या फिर लखपति दीदी योजना, इन सभी कदमों ने महिलाओं की जिंदगी में बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है. उत्तराखंड सरकार भी इसी सोच पर आगे बढ़ते हुए महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दे रही है. साथ ही उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता लागू करके हर नागरिक को बराबर अधिकार दिए हैं.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय और पदोन्नति का रास्ता
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के शुरुआती शारीरिक विकास, उनके सही पोषण, सेहत और अच्छे संस्कारों की नींव रखने में आंगनबाड़ी केंद्रों का बहुत बड़ा योगदान है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने का सबसे मजबूत जरिया हैं. इसी समर्पण को देखते हुए राज्य सरकार ने कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये कर दिया गया है. इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नत होने का अवसर भी प्रदान किया गया है.
समारोह में कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
इस भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम में राज्य की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विधायक खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव महिला सशक्तिकरण चन्द्रेश कुमार और निदेशक बंशीलाल राणा समेत शासन और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक विशेष रूप से मौजूद रहे.
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रांची छात्र आंदोलन: पेपर लीक को लेकर छात्रों का आक्रोश थम नहीं रहा, छात्र पुरानी मांगों पर अड़े
झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आक्रोश थम नहीं रहा है. सरकार और आंदोलनकारी शनिवार को छात्र संगठनों के बीच गतिरोध अभी जारी है. इसे खत्म करने के लिए बातचीत को दौर जारी है. मगर यह बैठक भी पूरी तरह से बेनतीजा साबित रही.
छात्रों ने साफ किया कि जब तक उनकी सभी मांगे पूरी नहीं हो पातीं, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा. दरअसल, शनिवार को झारखंड सरकार की ओर गठित मंत्रियों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा जारी हुई. सरकार की ओर से आंदोलन को खत्म कराने और बीच का रास्ता निकालने की प्रयास किया गया है. इस दौरान छात्र पुरानी प्रमुख मांगों पर अड़े रहे.
अगली बैठक को बेहद अहम माना गया
बातचीत नाकामयाब होने के बाद भी बातचीत पूरी बंद नहीं हुई है. प्रोटेस्ट को खत्म कराने और मामले का कोई व्यावहारिक हल निकालने के लिए सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का अब भी जारी रहेगी. मंत्री संजय यादव ने मीडिया को जानकारी दी कि कल रविवार दोपहर 12 बजे छात्रों के प्रतिनिधियों के संग बातचीत का दौर होगा. अगली बैठक को बेहद अहम माना गया है. सरकार ने इस बार छात्रों के गुस्से को शांत करने और आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म कराने को लेकर नए विकल्पों पर विचार कर सकती है.
सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे
गौरतलब है कि झारखंड में JPSC और JSSC जैसे कई कॉम्पिटीटव एग्जाम्स के दौरान कथित पेपर लीक और नियुक्तियों में धांधली को लेकर छात्र लंबे वक्त से सड़कों पर हैं. यहां पर बड़ी अभ्यर्थी रांची में मौजूद हैं. वे सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों की प्रमुख मांग है कि परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाई जाए. इसके साथ पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करनी जाए. आंदोलनकारियों के अनुसार, वे सिर्फ मौखिक आश्वासनों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं. उन्हें इसके लिए लिखित और ठोस आश्वासन दिया. दो बार की बातचीत फेल होने के बाद अब कल दोपहर 12 बजे दोनों पक्षों के बीच बातचीत होने वाली है.
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