फास्टिंग शुगर 111 और HbA1c 5.5: क्या आप डायबिटीज के खतरे में हैं या सब कुछ है नॉर्मल? जानें हकीकत
Blood Sugar: आज के समय में ब्लड शुगर लेवल को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही कन्फ्यूजन भी उतना ही बढ़ गया है। कई लोग अपनी रिपोर्ट देखकर घबरा जाते हैं, खासकर तब जब फास्टिंग ब्लड शुगर 100 से ऊपर निकल जाए। ऐसे में सवाल उठता है क्या यह डायबिटीज का संकेत है या सिर्फ एक चेतावनी?
अगर आपकी फास्टिंग ब्लड शुगर 111 mg/dL है और HbA1c 5.5% है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं होगा। यह स्थिति एक तरह का 'अलर्ट जोन' हो सकती है, जहां सही समय पर ध्यान देकर आप भविष्य में डायबिटीज के खतरे को टाल सकते हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
फास्टिंग ब्लड शुगर 111 mg/dL का क्या मतलब है?
फास्टिंग ब्लड शुगर का सामान्य स्तर 70 से 99 mg/dL के बीच माना जाता है। अगर यह 100 से 125 mg/dL के बीच आता है, तो इसे “प्री-डायबिटिक रेंज” कहा जाता है। ऐसे में 111 mg/dL का स्तर यह संकेत देता है कि आपका शरीर शुगर को पूरी तरह कंट्रोल नहीं कर पा रहा है।
हालांकि, यह डायबिटीज नहीं है, लेकिन एक चेतावनी जरूर है कि आपको अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत है।
HbA1c 5.5% क्या दर्शाता है?
HbA1c टेस्ट पिछले 2-3 महीनों के औसत ब्लड शुगर को दिखाता है। सामान्य HbA1c 5.7% से कम माना जाता है। 5.7% से 6.4% के बीच प्री-डायबिटीज और 6.5% या उससे अधिक डायबिटीज का संकेत होता है।
इस हिसाब से 5.5% पूरी तरह नॉर्मल रेंज में आता है। इसका मतलब है कि आपका लॉन्ग-टर्म ब्लड शुगर कंट्रोल फिलहाल ठीक है।
क्या यह स्थिति चिंता का विषय है?
फास्टिंग शुगर थोड़ा बढ़ा हुआ है, लेकिन HbA1c नॉर्मल है यह एक मिक्स सिग्नल है। इसका मतलब यह हो सकता है कि हाल के दिनों में आपकी डाइट, नींद या स्ट्रेस का असर आपके शुगर लेवल पर पड़ा है।
इस स्थिति को 'अर्ली वॉर्निंग साइन' की तरह लेना चाहिए। अभी अगर ध्यान दिया जाए, तो आप डायबिटीज से पूरी तरह बच सकते हैं।
किन कारणों से बढ़ सकता है फास्टिंग शुगर?
देर रात भारी भोजन करना
कम फिजिकल एक्टिविटी
स्ट्रेस और नींद की कमी
ज्यादा मीठा या कार्बोहाइड्रेट लेना
हार्मोनल बदलाव
कैसे रखें शुगर लेवल कंट्रोल में?
रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें
संतुलित आहार लें, जिसमें फाइबर और प्रोटीन शामिल हो
मीठा और प्रोसेस्ड फूड कम करें
समय पर सोएं और पर्याप्त नींद लें
स्ट्रेस मैनेजमेंट पर ध्यान दें
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
अगर लगातार आपकी फास्टिंग शुगर 100 से ऊपर बनी रहती है या बढ़ती जा रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। समय-समय पर टेस्ट करवाते रहें, ताकि स्थिति पर नजर बनी रहे।
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
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IND vs AFG: भारत के खिलाफ टेस्ट नहीं खेलेंगे राशिद खान! टेस्ट से क्यों बना रहे दूरी? किया खुलासा
Rashid khan: अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ने अपने क्रिकेट करियर को लंबा चलाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने माना है कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट में अपनी मौजूदगी सीमित करनी पड़ रही है, ताकि वह लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकें। 27 साल के राशिद अब साल में सिर्फ एक टेस्ट खेलने की रणनीति पर काम कर रहे।
राशिद ने खुलासा किया कि 2023 में लगी पीठ की चोट के बाद डॉक्टरों ने उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट से दूरी बनाने की सलाह दी थी। इसके बावजूद उन्होंने जनवरी 2025 में जिम्बाब्वे के खिलाफ बुलावायो टेस्ट खेला। उस मुकाबले में उन्होंने 67 (या करीब 55) ओवर तक गेंदबाजी की, जिसे खुद राशिद ने पागलपन करार दिया।
उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने साफ कहा था कि अगर वह टेस्ट क्रिकेट जारी रखते हैं तो उनका करियर छोटा हो सकता है। डॉक्टर ने कहा था कि अगर क्रिकेट खेलना है तो रेड-बॉल से दूर रहो, वरना लंबे समय तक नहीं खेल पाओगे। लेकिन मैंने उनकी बात नहीं मानी और टेस्ट खेला। जब उन्हें पता चला कि मैंने इतने ओवर डाले, तो वे हैरान रह गए
दरअसल, राशिद ने 2023 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए अपनी चोट के समय सर्जरी कराने से इनकार कर दिया था, ताकि वह टीम के लिए खेल सकें। इस फैसले का असर उनकी गेंदबाजी पर पड़ा और उन्हें काफी दर्द भी झेलना पड़ा। अब वह अपने वर्कलोड को लेकर ज्यादा सतर्क हैं।
राशिद ने साफ संकेत दिए हैं कि वह भारत के खिलाफ 6 जून को होने वाले अगले टेस्ट मैच में शायद हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं इस साल एक टेस्ट खेल चुका हूं, अब थोड़ा आराम करूंगा। अगर इस दौरान फिर चोट लग गई तो मेरा करियर खत्म हो सकता है। मैं 100 टेस्ट नहीं खेल सकता, क्योंकि हम साल में एक ही टेस्ट खेलते हैं।'
फिलहाल राशिद का पूरा ध्यान आईपीएल 2026 पर है, जहां वह गुजरात टाइटंस के लिए खेल रहे हैं और तीन मैचों में पांच विकेट ले चुके हैं। इसके बाद उनकी नजर 2027 के वनडे वर्ल्ड कप पर है।
राशिद ने कहा कि वनडे क्रिकेट उन्हें पसंद है और वह इस फॉर्मेट में लंबे समय तक खेलना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए वर्कलोड मैनेजमेंट जरूरी है। “टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए मुश्किल होता जा रहा है। मैं कोशिश करूंगा, लेकिन साल में एक से ज्यादा टेस्ट खेलना संभव नहीं है।
2018 में टेस्ट डेब्यू करने वाले राशिद खान ने अब तक सिर्फ छह टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 45 विकेट लिए हैं और उनका औसत 20.44 रहा है। यह आंकड़े उनके प्रभाव को दिखाते हैं, लेकिन अब वह अपने करियर को बचाने के लिए संतुलन बनाने पर ध्यान दे रहे हैं।
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