व्हाइट हाउस: अमेरिका-ईरान समझौता वार्ता के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस जाएंगे इस्लामाबाद
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि दो-सप्ताह के संघर्ष-विराम पर अमेरिका की जीत हुई है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना ने संभव बनाया। अब आगे इस्लामाबाद में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समझौता वर्ता में अमेरिका का नेतृत्व करेंगे।
अमेरिका-ईरान संघर्ष-विराम की घोषणा के बाद पत्रकारों से बात करते हुए व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की सफलता का श्रेय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना को दिया। कहा कि यह संयुक्त राज्य अमेरिका की एक जीत है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और हमारी अद्भुत सेना ने संभव कर दिखाया है।
संघर्ष-विराम की घोषणा के बाद समझौते के लिए पाकिस्तान में होने वाली बैठक की जानकारी देते हुए सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट बताया कि इस बैठक के लिए राष्ट्रपति ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को इस्लामाबाद भेजा है, ताकि वे ईरान के साथ बातचीत में अमेरिका का नेतृत्व कर सकें।
दो-सप्ताह के संघर्ष-विराम पर व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने रणनीतिक सैन्य उद्देश्यों के साथ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया था, और संयुक्त राज्य अमेरिका ने स्पष्ट रूप से उन उद्देश्यों को हासिल कर लिया है।
इस दौरान लेविट ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में शहीद हुए 13 अमेरिकी सैनिकों के बलिदान को याद करते हुए उनका सम्मान किया।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हम इस प्रगति को देख रहे हैं, हम उन 13 अमेरिकी नायकों को भी याद करते हैं और उन्हें सम्मान देते हैं, जिन्होंने इस नेक काम में अपनी जान कुर्बान कर दी। मुझे पता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और हमारा कृतज्ञ राष्ट्र उनके इस सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करता है, और हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे। ईश्वर उनके परिवारों पर कृपा करे।
पेंटागन की ओर से बुधवार को एक बयान जारी करते हुए बताया कि अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान 13,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया। यह एक बड़ा सैन्य अभियान रहा, जिसमें अमेरिका ने अपने 13 सैनिकों को खो दिया।
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, एयर फोर्स जनरल डैन केन ने कहा कि इस ऑपरेशन का पैमाना इसकी तीव्रता और पहुंच को दिखाता है।
उन्होंने कहा, “युद्ध कार्रवाई शुरू होने के बाद से, अमेरिकी संयुक्त बलों ने 13,000 से ज्यादा लक्ष्यों को निशाना बनाया।”
इनमें से 4,000 से ज्यादा ऐसे लक्ष्य थे जो युद्ध के दौरान अचानक सामने आए और उन्हें तुरंत तेज कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम के जरिए निशाना बनाया गया।
इस ऑपरेशन में 10,000 से ज्यादा मिशन शामिल थे, जिनमें 62 बॉम्बर उड़ानें भी थीं। इनमें से कुछ उड़ानें अमेरिका से ईरान तक जाकर और वापस आने में 30 घंटे से भी ज्यादा चलीं।
केन ने कहा कि दुनिया में कोई और सेना ऐसा नहीं कर सकती, और इसे अमेरिका की लॉजिस्टिक क्षमता का उदाहरण बताया।
--आईएएनएस
एवाई/डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
यूरोपीय नेताओं ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते का स्वागत किया, शांति के प्रयासों में ईयू के समर्थन का भरोसा दिलाया
ब्रुसेल्स, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। यूरोपीय नेताओं ने बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम समझौते का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) मध्य पूर्व में शांति लाने की कोशिशों में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है।
यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने सभी पक्षों से युद्धविराम की शर्तों का पालन करने की अपील की, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति लाई जा सके। उन्होंने कहा कि ईयू मध्य पूर्व में शांति बहाल करने के प्रयासों का समर्थन करता है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा, “मैं अमेरिका और ईरान की ओर से घोषित दो हफ्ते के युद्धविराम का स्वागत करता हूं। मैं सभी पक्षों से अपील करता हूं कि वे इसकी शर्तों का पालन करें, ताकि क्षेत्र में टिकाऊ शांति हासिल हो सके। ईयू इन कोशिशों में सहयोग के लिए तैयार है और क्षेत्र के अपने साझेदारों के संपर्क में है। मैं पाकिस्तान और इस समझौते में शामिल सभी पक्षों का धन्यवाद करता हूं।”
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह समझौता तनाव कम करने के लिए बहुत जरूरी कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष का स्थायी हल निकालने के लिए बातचीत जारी रहनी चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा, “मैं अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम का स्वागत करती हूं। इससे काफी जरूरी राहत मिली है। अब जरूरी है कि स्थायी समाधान के लिए बातचीत जारी रहे। हम इस दिशा में अपने साझेदारों के साथ काम करते रहेंगे।”
ईयू की विदेश और सुरक्षा नीति की प्रमुख काजा कल्लास ने इस समझौते को तनाव के कई हफ्तों के बाद एक बड़ा राहत भरा कदम बताया। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से जहाजों के लिए खोलने की भी बात कही।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा, “अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौता कई हफ्तों के तनाव के बाद एक बड़ा राहत का कदम है। इससे खतरे कम करने, मिसाइल हमले रोकने, शिपिंग फिर शुरू करने और स्थायी समझौते के लिए कूटनीति का रास्ता खुलता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से जहाजों के लिए खोलना जरूरी है।”
ईयू नेताओं का यह बयान तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बड़े सैन्य टकराव से पीछे हटते हुए दो हफ्ते के लिए हमलों को रोकने का ऐलान किया। इस फैसले से दुनिया भर के लोगों को बड़ी राहत मिली।
यह फैसला मंगलवार को तय की गई रात 8 बजे (ईएसटी) की डेडलाइन से करीब 90 मिनट पहले लिया गया, जो ट्रंप ने ईरान को समझौते के लिए दी थी। यह कदम पर्दे के पीछे हुई बातचीत के बाद उठाया गया।
ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर ईरान इस अहम समुद्री रास्ते को खोलने पर सहमत होता है, तो वह दो हफ्तों के लिए हमलों को रोक देंगे।
--आईएएनएस
एवाई/डीएससी
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