'बाबा ने चचेरी बहन पर कैंसर करवाने का पर्चा निकाला':हांसी का व्यक्ति बोला- पड़ोसी-रिश्तेदारों ने दूरी बनाई, सभी शक की निगाह से देखने लगे
चचेरी बहन को कैंसर था। बालाजी धाम के बाबा ने भरे दरबार में पर्चा निकालकर मुझे पर आरोप लगा दिए कि मैंने उस पर कैंसर करवाया है। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पड़ोसी और रिश्तेदारों ने मेरे परिवार से दूरी बना ली। सभी मुझे शक की नजरों से देखने लगे। हांसी के रहने वाले राजेश कुमार ने बालाजी धाम के महंत दिनेश पुरी पर ये आरोप लगाते हुए हिसार सिविल कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया है। राजेश का कहना है कि महंत का वीडियो वायरल होने के बाद उसकी जिंदगी बदल गई। दिनेश पुरी को हांसी वाले बाबाजी के नाम से जाना जाता है। वह अपने दरबार में भूत-प्रेत भगाने और बीमारियां दूर करने का दावा करते हैं। वह बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तरह पर्चा भी लिखते हैं। राजेश के आरोपों के बाद बालाजी धाम की तरफ से कहा गया कि गुरु जी ने सिर्फ राजेश नाम लिया। इस नाम के लाखों व्यक्ति हैं। विशेष तौर पर किसी राजेश का नाम लिया है। न ही वीडियो में संबंधित राजेश की कोई पहचान बताई गई। पहले जानिए राजेश ने दिनेश पुरी पर क्या आरोप लगाए… एडवोकेट बोले- कोर्ट ने दिनेश पुरी को नोटिस जारी किया राजेश के वकील रजत कलसन ने कहा कि कोर्ट ने दिनेश पुरी को नोटिस जारी कर दिया है और अगली सुनवाई पर उनसे जवाब मांगा गया है। राजेश की ओर से सार्वजनिक माफी की मांग की गई है। दिनेश पुरी हांसी के नंद नगर क्षेत्र में "बालाजी धाम" नामक मंदिर परिसर में दरबार लगाते हैं। यहां वे लोगों को प्रेत बाधा और अन्य समस्याओं से मुक्ति दिलाने का दावा करते हैं। दरबार में पुरी ने कहा था- राजेश से दूर रहना दिनेश पुरी का जो वीडियो सामने आया है, उसमें वह दरबार में आई महिलाओं से कह रहे हैं कि क्या माइक पर उनका नाम बोलें या छिपाएं। इस पर महिलाएं कहती हैं कि यहीं बताइए। फिर पुरी कहते हैं कि वह श्मशान में भी जाता है, रात को उल्टे काम करता है, काली माता की भक्ति करता है और पीर पर भी जाता हैं। वह तुम्हें मेरे पास आने से मना कर रहा था। आखिर में पुरी उन महिलाओं को कहते हैं कि राजेश नामक व्यक्ति से दूर रहना।
क्या था ब्रह्मोस का वो राज जिसे लियोनोव अपने साथ ले गए? दुश्मन देशों के लिए अब भी है यह पहेली
रूस के महान वैज्ञानिक अलेक्जेंडर लियोनोव का निधन डिफेंस सेक्टर के लिए एक बड़ी क्षति है. उन्होंने ही भारत और रूस के बीच उस दोस्ती की नींव रखी जिसने 'ब्रह्मोस जैसी अजेय शक्ति को जन्म दिया. यह आर्टिकल ब्रह्मोस के बनने की पूरी कहानी, लियोनोव का योगदान और इस मिसाइल की उन खूबियों को बताता है जिन्होंने भारत को ग्लोबल लेवल पर एक नई पहचान दी है.
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