30 रुपये का डोसा, हजारों की कमाई! छत्तीसगढ़ के रवि ने ठेले से बदली जिंदगी
Low cost dosa business : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में रवि साहू की सफलता की कहानी मेहनत और आत्मनिर्भरता की मिसाल है. जय स्तंभ चौक पर उन्होंने 11 साल पहले महज 20 हजार रुपये से इडली-डोसा का ठेला शुरू किया था।. पहले वे एक होटल में काम करते थे, जहां रोजाना सिर्फ 150 रुपये मिलते थे, लेकिन सीमित आय से परेशान होकर उन्होंने खुद का काम शुरू करने का फैसला लिया. आज उनकी दुकान पर 30 रुपये में मसाला डोसा, सांभर और चटनी मिलने के कारण ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. रोजाना 2 से 3 हजार रुपये की कमाई के साथ वे केटरिंग का काम भी करते हैं. रवि ने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से छोटा कारोबार भी बड़ी सफलता दिला सकता है.
छत्तीसगढ़ में गोबर बना ‘गोल्ड’! गजब है जानकी का मुनाफा मॉडल
Organic farming gobar products : जांजगीर-चांपा के पिपरसत्ती गांव की महिला किसानों ने गोबर को कमाई का मजबूत जरिया बना दिया है. जानकी बाई, सोनारीन यादव और अमरीका बाई ने देसी गाय पालन के साथ ऑर्गेनिक सोच अपनाते हुए उपले और कंडे बनाना शुरू किया. अब ये उत्पाद गांव के साथ शहरों में भी अच्छी कीमत पर बिक रहे हैं. करीब 20-21 उपलों की एक माला 290 रुपये तक बिकती है, जिससे उन्हें नियमित आय मिल रही है. पहले साल में ही लाखों की कमाई ने इन्हें आत्मनिर्भर बना दिया. आज बढ़ती मांग के चलते इनकी पहल अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है.
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