Bihar: जावेद अख्तर हुए बापू टावर के मुरीद, बोले- ‘दुनिया के सबसे प्रभावशाली संग्रहालयों में एक’
Bihar: प्रसिद्ध गीतकार, कवि और पटकथा लेखक जावेद अख्तर मंगलवार (7 अप्रैल) को बिहार के बापू टावर संग्रहालय देखने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने संग्रहालय की आधुनिकता और महात्मा गांधी के विचारों के जीवंत प्रदर्शन की जमकर सराहना की. उन्होंने इसे दुनिया के सबसे प्रभावशाली संग्रहालयों में से एक बताया.
जावेद अख्तर का भव्य स्वागत किया गया
बापू टावर संग्रहालय पहुंचने पर संस्थान के निदेशक विनय कुमार ने जावेद अख्तर का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान उन्हें पुष्पगुच्छ, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया. निदेशक ने संग्रहालय के निर्माण, इसके उद्देश्यों और यहां प्रदर्शित सामग्री की विस्तृत जानकारी भी दी.
दुनिया में ऐसा प्रभावशाली म्यूजियम
संग्रहालय भ्रमण के दौरान जावेद अख्तर ने विभिन्न दीर्घाओं का गहराई से निरीक्षण किया. रैम्प, ऐतिहासिक तस्वीरों, म्यूरल्स, ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति और लघु फिल्मों के जरिए उन्होंने गांधी जी के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम को करीब से महसूस किया. उन्होंने कहा कि वह दुनिया के कई बड़े संग्रहालय देख चुके हैं, लेकिन गांधी जी के विचारों और स्मृतियों को इस तरह जीवंत रूप में कहीं नहीं देखा. उन्होंने कहा कि यह म्यूजियम बेहद खास है. यहां आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. मुझे गांधी जी के बारे में बहुत कुछ नया सीखने को मिला. मैं फिर से यहां जरूर आऊंगा.
आधुनिक तकनीक से सजी गांधी जी की विरासत
भवन निर्माण विभाग द्वारा पटना के गर्दनीबाग में निर्मित बापू टावर में गांधी जी के जीवन और विचारों को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया गया है. यहां ऑडियो-विजुअल, म्यूरल्स, मूर्तियां और लघु फिल्मों के माध्यम से उनकी जीवन यात्रा को आकर्षक ढंग से दिखाया गया है.
पर्यटन और शिक्षा का केंद्र बना बापू टावर
बापू टावर न सिर्फ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है, बल्कि युवाओं और छात्रों के लिए भी एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक स्थल के रूप में उभर रहा है. यह संग्रहालय बिहार के पर्यटन को नई पहचान देने में अहम भूमिका निभा रहा है. इस मौके पर बापू टावर के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे.
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मिडिल ईस्ट की वजह से पाकिस्तान में शादी करना भी मुश्किल, रात 10 बजे बंद करने होंगे मैरिज हॉल
Middle East Tension: मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है, जिसका असर दुनिया भर के देशों में दिख रहा है. मिडिल ईस्ट तनाव ने पाकिस्तान में हालात बिगाड़ दिए हैं. ईंधन का संकट गहराने की वजह से सरकार ने देश भर में सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं. दरअसल, हाल ही में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बैठक बुलाई थी, जिसके बाद फैसला किया गया कि देश में रात आठ बजे के बाद बाजार बंद हो जाएंगे.
मैरिज हॉल रात 10 बजे करने होंगे बंद
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, अब देश के ज्यादातर हिस्सों में बाजार और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे तक ही खुले रहेंगे. रेस्तरां, बेकरी और अन्य खाने-पीने की दुकानें रात 10 बजे तक बंद करनी होंगी. इसके अलावा, शादी हॉल और दूसरे कमर्शियल वेन्यू रात 10 बजे के बाद खुले नहीं रह सकते हैं.
पाकिस्तानी सरकार ने पर्सनल लेवल पर होने वाली शादी समारोहों के खिलाफ भी सख्ती दिखाई है. अब घरों या फिर निजी जगहों पर रात 10 बजे के बाद कोई भी शादी या फिर कोई भी समारोह आयोजित नहीं किया जा सकता है.
सरकार ने इन बंदिशों से मेडिकल स्टोर और फार्मेसी को इन पाबंदियों से छूट दी गई है, जिससे जरूरी दवाएं और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों.
दरअसल, खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव की वजह से पूरी दुनिया की ईंधन आपूर्ति पर असर पड़ा है. पाकिस्तान में भी इसी वजह से ईंधन की कमी हो रही है. खपत कम करने और हालात को संभालने के लिए पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं.
सरकारी दफ्तरों के वर्किंग डेज में कटौती
पिछले महीने की शुरुआत में पाकिस्तानी सरकार ने कुछ और बड़े फैसले लिए थे. उनमें से एक फैसला था कि सरकारी दफ्तर सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही खुलेंगे. आधे कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे. स्कूल इस सप्ताह के अंत से दो सप्ताह के लिए बंद रहेंगे.
इसके अलावा, पाकिस्तानी सरकार ने अपने मंत्रियों और सलाहकारों के विदेशी दौरों को रोक दिया है. मंत्रियों के दो महीने की वेतन पर भी रोक लगा दी गई है. सरकार ने सासंदों की सैलरी में 25 प्रतिशत की कटौती की है. पाकिस्तान सरकार ने फैसला किया है कि सरकारी गाड़ियों को दो महीने तक 50 प्रतिशत कम ईंधन ही मिलेगा. 60 फीसद सरकारी वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई है. सरकार ने सभी सरकारी विभागों को आदेश दिया है कि वे अपने खर्चों में 20 प्रतिशत की कटौती करें.
पाकिस्तानी पीएम ने बताई ये वजह
इन कड़े फैसले लेने की वजह भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने बताई थी. शहबाज शरीफ ने कहा था कि अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई है. इस वजह से कड़े फैसले लेने पड़ रहे हैं.
पहले पेट्रोल के दाम बढ़ाए, फिर घटाए
इसके अलावा, पाकिस्तानी सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20 प्रतिशत का इजाफा किया है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद, हाल में सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में 42.7% की बढ़ोतरी की, जिसके बाद पेट्रोल की कीमत 458.40 रुपये प्रति लीटर हो गया था. डीजल की कीमतों में भी 54.9% की वृद्धि हुई, जिसके बाद डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर हो गई थी. जब पाकिस्तानी आवाम पेट्रोल की मार से परेशान दिखी तो शहबाज शरीफ ने कीमतों में 80 रुपये की कटौती की थी.
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