दर्शकों के पास अब पूरी आजादी है कि वे फिल्मी पर्दे चुनें या ओटीटी : कुब्रा सैत
मुंबई, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। बॉलीवुड और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की दुनिया लगातार बदल रही है। दर्शकों के पास अब विकल्प हैं कि वे किसी कहानी को बड़े पर्दे पर देखें या सीधे अपने फोन या टीवी पर। इस बदलते दौर में अभिनेत्री कुब्रा सैत ने अपने विचार साझा किए हैं, जो फिल्म और ओटीटी के बीच की बहस में नए दृष्टिकोण को सामने लाते हैं। उन्होंने बताया कि कहानी और पात्रों के साथ भावनात्मक जुड़ाव ही सबसे महत्वपूर्ण होता है और माध्यम इस जुड़ाव को प्रभावित नहीं करता।
दर्शकों के पास अब पूरी आजादी है कि वे फिल्मी पर्दे चुनें या ओटीटी : कुब्रा सैत
मुंबई, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। बॉलीवुड और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की दुनिया लगातार बदल रही है। दर्शकों के पास अब विकल्प हैं कि वे किसी कहानी को बड़े पर्दे पर देखें या सीधे अपने फोन या टीवी पर। इस बदलते दौर में अभिनेत्री कुब्रा सैत ने अपने विचार साझा किए हैं, जो फिल्म और ओटीटी के बीच की बहस में नए दृष्टिकोण को सामने लाते हैं। उन्होंने बताया कि कहानी और पात्रों के साथ भावनात्मक जुड़ाव ही सबसे महत्वपूर्ण होता है और माध्यम इस जुड़ाव को प्रभावित नहीं करता।
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