नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के बाद अब जेवर को देश और दुनिया के प्रमुख Medical Tourism, Medical Education एवं Healthcare Research Hub के रूप में विकसित कराने की दिशा में जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने प्रयास तेज कर दिए हैं। कोशिश है कि जेवर में ऐसा अत्याधुनिक एवं विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान स्थापित हो, जो सुविधाओं, मेडिकल रिसर्च और आधुनिक तकनीक के मामले में AIIMS नई दिल्ली जैसे देश के सर्वोच्च चिकित्सा संस्थानों से भी आगे जाने की क्षमता रखे।
केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत सरकार द्वारा राज्यों के सहयोग और निजी क्षेत्र की भागीदारी से देश में 5 Regional Medical Hubs स्थापित किए जाने की घोषणा के बाद जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने इनमें से एक हब को नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निकट YEIDA क्षेत्र में स्थापित कराने की मुहिम शुरू की है।
इसी क्रम में विधायक धीरेंद्र सिंह ने 04 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भारत सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजने तथा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को परियोजना के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया है।
प्रस्तावित Regional Medical Hub महज एक अस्पताल नहीं होगा, बल्कि इसमें सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा, मेडिकल कॉलेज, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च, AYUSH Centre, Medical Value Tourism Facilitation Centre, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स, Post-Treatment Care और Rehabilitation जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की परिकल्पना है।
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि “नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ने जेवर को पूरी दुनिया से जोड़ दिया है। अब हमारा प्रयास है कि जेवर में ऐसा विश्वस्तरीय मेडिकल संस्थान स्थापित हो, जहां देश के लोगों को सर्वोत्तम इलाज मिले और विदेशों से भी लोग उपचार के लिए जेवर आएं। हमारी सोच केवल AIIMS जैसा संस्थान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुविधाओं, तकनीक और शोध के मामले में उससे भी आगे का संस्थान स्थापित कराने की है।”
जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि ''मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में जेवर उत्तर प्रदेश के विकास का नया प्रवेश द्वार बन चुका है। यदि भारत सरकार के प्रस्तावित पांच Regional Medical Hubs में से एक जेवर में स्थापित होता है, तो यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन लाएगा।'' जेवर के विधायक श्री धीरेंद्र सिंह ने कहा कि "नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, दिल्ली-NCR से निकटता, यमुना एक्सप्रेसवे की शानदार कनेक्टिविटी तथा YEIDA क्षेत्र में विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक एवं नगरीय परिवेश को देखते हुए जेवर इस परियोजना के लिए सबसे उपयुक्त स्थानों में से एक है।"
प्रस्तावित मेडिकल हब से गौतमबुद्ध नगर ही नहीं, बल्कि बुलंदशहर, अलीगढ़, गाजियाबाद, मथुरा, आगरा सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। साथ ही मेडिकल शिक्षा, हेल्थकेयर रिसर्च, मेडिकल टूरिज्म और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। धीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री से लेकर शासन और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के बाद अब लक्ष्य जेवर को “Global Healthcare & Medical Education Destination” के रूप में स्थापित करने का है।
धीरेंद्र सिंह ने बताया कि “नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के बाद हमारा अगला बड़ा लक्ष्य जेवर को विश्वस्तरीय चिकित्सा और मेडिकल एजुकेशन का केंद्र बनाना है। हमारी कोशिश है कि यहां ऐसा मेडिकल संस्थान स्थापित हो, जो सुविधाओं, तकनीक और रिसर्च में AIIMS से भी आगे हो। भारत सरकार के पांच Regional Medical Hubs में से एक जेवर को मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से अनुरोध किया गया है और शासन स्तर पर प्रयास तेज किए गए हैं।" इसी विषय को लेकर कल दिनांक 7 अगस्त 2026 को लखनउ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक का भी आयोजन हुआ।
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आज के समय में घर का इंटरनेट केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि पढ़ाई, ऑफिस मीटिंग, ऑनलाइन बैंकिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग जैसी जरूरी गतिविधियों का आधार बन चुका है। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि एक कमरे में इंटरनेट तेज चलता है, जबकि दूसरे कमरे या बालकनी में पहुंचते ही सिग्नल कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में अधिकांश लोग नया और महंगा राउटर खरीदने की योजना बनाने लगते हैं। हालांकि, कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर भी वाई-फाई नेटवर्क की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
एल्युमिनियम फॉयल कैसे करती है कमाल?
एल्युमिनियम फॉयल केवल खाना पैक करने के लिए ही उपयोगी नहीं है। इसकी धात्विक सतह रेडियो तरंगों को परावर्तित (Reflect) करने की क्षमता रखती है। यही वजह है कि इसे सही आकार देकर राउटर के पीछे लगाया जाए तो वाई-फाई सिग्नल को एक निश्चित दिशा में केंद्रित किया जा सकता है। इससे उन जगहों पर बेहतर नेटवर्क मिलता है, जहां पहले सिग्नल कमजोर थे।
डार्टमाउथ कॉलेज के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए WiPrint अध्ययन के अनुसार, पैराबोलिक रिफ्लेक्टर की मदद से कुछ स्थानों पर सिग्नल की शक्ति में लगभग 55 प्रतिशत तक सुधार देखा गया। हालांकि, वास्तविक परिणाम घर की बनावट, दीवारों और राउटर की स्थिति पर भी निर्भर करते हैं।
पैराबोलिक रिफ्लेक्टर बनाकर बढ़ाएं नेटवर्क कवरेज
अगर आपके राउटर में बाहरी एंटीना है, तो एल्युमिनियम फॉयल को हल्का घुमावदार यानी पैराबोलिक आकार में मोड़कर एंटीना के पीछे लगाया जा सकता है। यह सेटअप सिग्नल को चारों दिशाओं में फैलाने के बजाय आवश्यक दिशा में भेजने में मदद करता है। इससे खास कमरे या कार्यक्षेत्र में इंटरनेट की गुणवत्ता बेहतर महसूस हो सकती है।
कार्डबोर्ड रोल और फॉयल से बनाएं आसान सिग्नल बूस्टर
घर में मौजूद खाली टिश्यू या पेपर रोल का उपयोग भी किया जा सकता है। कार्डबोर्ड रोल को एल्युमिनियम फॉयल से अच्छी तरह ढककर उसे राउटर के एंटीना के ऊपर लगाया जा सकता है। यह एक साधारण रिफ्लेक्टर की तरह काम करता है और वायरलेस सिग्नल को अधिक प्रभावी ढंग से आगे की दिशा में भेजने में सहायता करता है। कम खर्च में किया गया यह प्रयोग कई घरों में नेटवर्क कवरेज सुधारने का आसान विकल्प बन सकता है।
सॉफ्ट ड्रिंक कैन से भी मिल सकती है मदद
यदि आपके पास एल्युमिनियम फॉयल उपलब्ध नहीं है, तो खाली सॉफ्ट ड्रिंक कैन भी उपयोगी साबित हो सकती है। कैन को सावधानीपूर्वक काटकर अर्धवृत्त (Semi-Circle) का आकार दें और राउटर के पीछे रखें। यह भी सिग्नल को एक दिशा में रिफ्लेक्ट करने का कार्य करता है। शुरुआती प्रयोगों में इसी तरह के साधारण रिफ्लेक्टर का उपयोग कर शोधकर्ताओं ने नेटवर्क कवरेज में सकारात्मक बदलाव दर्ज किए थे।
नेटवर्क सुरक्षा में भी हो सकता है फायदा
जब वायरलेस सिग्नल अनावश्यक रूप से घर के बाहर तक फैलते हैं, तो आसपास मौजूद लोग आपके नेटवर्क को खोज सकते हैं। रिफ्लेक्टर लगाने से सिग्नल को सीमित दिशा में केंद्रित किया जा सकता है, जिससे अनचाहे सिग्नल लीकेज में कमी आ सकती है। हालांकि, केवल फॉयल पर निर्भर रहना पर्याप्त सुरक्षा नहीं है। मजबूत Wi-Fi पासवर्ड, WPA2 या WPA3 एन्क्रिप्शन और समय-समय पर राउटर अपडेट करना भी जरूरी है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
सिर्फ फॉयल लगाने से हर समस्या का समाधान नहीं होगा। बेहतर परिणाम के लिए राउटर को घर के बीचों-बीच, खुली जगह और ऊंचाई पर रखें। उसे माइक्रोवेव, मोटी दीवारों, धातु की अलमारियों और बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूर रखें। साथ ही समय-समय पर राउटर रीस्टार्ट करें और यदि उपलब्ध हो तो 5GHz बैंड का उपयोग करें। इन छोटे-छोटे उपायों के साथ एल्युमिनियम फॉयल की ट्रिक मिलकर आपके घर में बेहतर और अधिक स्थिर वाई-फाई अनुभव देने में मदद कर सकती है।
- डॉ. अनिमेष शर्मा
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