दुनिया में इस वक्त अगर कोई एक खबर सबसे ज्यादा चर्चा में है तो वो है ईरान के सर्वोच्च नेता को लेकर फैल रही रहस्यमई जानकारी। क्योंकि यूके की एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि मोजतबा खामनेई अब कोमा में है। लेकिन सच क्या है या फिर यह सिर्फ एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है? हाल ही में अमेरिका और इजराइल की तरफ से ईरान पर कई बड़े हमले किए गए। इन हमलों के बाद अचानक दुनिया भर के मीडिया में एक खबर फैलने लगी कि ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई की मौत हो चुकी है। लेकिन अब कहानी में दूसरा नाम आता है मोजतबा खामनेई। कहा जा रहा है कि उन्हें नया सर्वोच्च नेता बनाया गया। लेकिन उनके बारे में जो रिपोर्ट सामने आई वो और भी ज्यादा चौंका देने वाली है।
कुछ खुफिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मोजतबा खामनेई गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में उनका इलाज चल रहा है। यहां तक कि कहा जा रहा है कि वह अचेत अवस्था में है और किसी भी फैसले लेने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में सवाल उठा अगर खामनेई नहीं रहे और मोजतबा भी गंभीर हालात में है तो आखिर ईरान को चला कौन रहा है। दरअसल कुछ पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट्स खासकर द टाइम्स और दूसरी एजेंसियों के हवाले से कहा गया है कि ये जानकारी अमेरिकी और इज़रायली खुफ़िया एजेंसियों से आई है लेकिन यहां पर आपको बहुत सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि इतिहास गवाह है कि युद्ध के समय सूचना भी एक हथियार होती है।
ईरान की तरफ से लगातार आधिकारिक बयान आ रहे हैं कि देश की कमान मोजतबा के हाथ में है। ऐसे में अगर मोजतबा खामनेई के साथ कुछ गलत हुआ है तो इसकी बड़ी खबर छुपाना लगभग नामुमकिन होता। दूसरा संकेत ईरानी सरकारी मीडिया लगातार उनके नाम से संदेश जारी कर रहा है। अब यहां दो संभावनाएं हैं। या तो वह संदेश पहले से रिकॉर्ड किया गया है या फिर खामनेई सच में कोमा में है। लेकिन सामने नहीं आ रहे हैं। अब बड़ा सवाल अगर वह कोमा में है तो सामने क्यों नहीं दिख रहे हैं कि उनकी तस्वीर सामने नहीं आ रही है। तो इसका जवाब छुपा है रणनीति में। देखिए जब भी कोई देश युद्ध की स्थिति में होता है तो वो अपने सबसे बड़े नेता को सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाता क्योंकि दुश्मन उसकी लोकेशन ट्रैक ना कर सके यानी मोजतबा खामनेई का गायब होना एक सुरक्षा रणनीति भी हो सकता है। अब इस पूरे मामले में एक और एंगल जुड़ता है डोनाल्ड ट्रंप का। ट्रंप ने हाल ही में ईरान को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करता है तो उसके पुल, बिजली संयंत्र सब कुछ उड़ा दिए जाएंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि हमने उनका सिर काट दिया है।
Continue reading on the app