टाटानगर: ट्रेनों की लेटलतीफी पर फूटा गुस्सा, विधायक सरयू राय की अगुवाई में कई संगठनों का धरना
जमशेदपुर, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। टाटानगर स्टेशन और चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्री ट्रेनों के घंटों विलंब से परिचालन के विरोध में मंगलवार को विधायक सरयू राय के आह्वान पर शहर के विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों ने एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन किया। टाटानगर स्टेशन क्षेत्र में आयोजित इस धरने के माध्यम से आंदोलनकारियों ने रेल प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए यात्री सुविधाओं की बहाली की मांग की।
Kharg Island Hit: डेडलाइन खत्म होने से पहले एक्शन में अमेरिका, खार्ग द्वीप पर हमलों से ईरान में भारी तबाही
War Zone Update: मध्य पूर्व के रणक्षेत्र में सस्पेंस अब खत्म हो चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को समझौते के लिए जो समय सीमा दी थी, उसकी मियाद खत्म होने से पहले ही आसमान से आग बरसने लगी है। ईरान का 'खार्ग द्वीप', जो देश के 90% से ज्यादा कच्चे तेल के निर्यात का केंद्र है, अब धुएं और आग की लपटों में घिरा है।
ट्रंप के आक्रामक रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अब केवल चेतावनी नहीं देगा, बल्कि ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाएगा जो उसके अस्तित्व की बुनियाद हैं। खार्ग द्वीप पर यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि ईरान की आर्थिक घेराबंदी का सबसे बड़ा दांव है।
????????????????????????A major strike has targeted Kharg, hitting air defense systems, missile sites, and launchers.
— War Flash (@WarFlash_2630) April 7, 2026
The island’s dock has been completely destroyed. https://t.co/mswvfQzt67
BREAKING: Iran's Kharg Island has been hit by several strikes, according to a report from Iran's semi-official Mehr news agency.
— Sky News (@SkyNews) April 7, 2026
Iran latest⬇️https://t.co/2tcTFo9TF8
खार्ग द्वीप पर ताबड़तोड़ हमले: US-इजरायल का एक्शन
रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को ईरान के ऑयल हब खार्ग द्वीप पर कई हवाई हमले किए गए। ये हमले इतने सटीक और भीषण थे कि पूरे द्वीप पर लगे तेल भंडारण टैंकों और प्रोसेसिंग यूनिट्स में भीषण आग लग गई।
चश्मदीदों और सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से बताया जा रहा है कि द्वीप से निकलने वाला धुएं का गुबार मीलों दूर से देखा जा सकता है। यह हमला ठीक उसी समय हुआ जब राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा दी गई 'समझौते की डेडलाइन' खत्म होने के करीब थी।
ट्रंप का 'डेडलाइन' प्रेशर और आक्रामक रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय ईरान को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि तय समय तक ईरान ने शर्तों को नहीं माना, तो उसका बुनियादी ढांचा सुरक्षित नहीं रहेगा।
खार्ग द्वीप पर यह अटैक ट्रंप के उसी अल्टीमेटम का हिस्सा माना जा रहा है। ट्रंप की रणनीति अब 'सिर काटने' की है, यानी ईरान की उस शक्ति को ही खत्म कर देना जिससे वह युद्ध को लंबे समय तक खींचने की क्षमता रखता है।
आर्थिक नस पर चोट: क्यों महत्वपूर्ण है खार्ग द्वीप?
खार्ग द्वीप ईरान के लिए किसी खजाने से कम नहीं है। फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीप ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का मुख्य टर्मिनल है। यहाँ हुए हमलों का मतलब है:-
तेल निर्यात ठप: ईरान का वैश्विक बाजार में तेल बेचना अब लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
आर्थिक पतन: तेल से होने वाली कमाई बंद होने से ईरान की युद्ध लड़ने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो सकती है।
सप्लाई चेन पर असर: इस हमले से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका बढ़ गई है।
ईरान की प्रतिक्रिया और भविष्य का संकट
ईरान के भीतर इन हमलों के बाद हड़कंप मचा हुआ है। खार्ग द्वीप पर हमले ने तेहरान को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया है। नेतृत्व के संकट और अब इस आर्थिक चोट के बाद ईरान के पास सरेंडर के अलावा कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि ट्रंप का यह दबाव जारी रहा, तो अगले कुछ घंटों में ईरान पूरी तरह झुकने पर मजबूर हो सकता है।
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