चीन ने ध्रुवीय बर्फ ड्रिलिंग में प्रगति हासिल की
बीजिंग, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। चीनी प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय से मिली खबर के अनुसार, चीन के 42वें अंटार्कटिक अभियान दल ने इस साल 5 फरवरी को देश का पहला अंटार्कटिक बर्फ में गर्म जल ड्रिलिंग परीक्षण पूरा किया। ड्रिलिंग की गहराई 3,413 मीटर तक पहुंची।
चीन ने अंतर्राष्ट्रीय ध्रुवीय हाइड्रोथर्मल ड्रिलिंग के 2,540 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे जाहिर है कि चीन के पास अंटार्कटिक बर्फ की चादर के 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सों और पूरी आर्कटिक बर्फ की चादर पर ड्रिलिंग अनुसंधान करने की क्षमता है।
बताया जाता है कि ध्रुवीय बर्फ की परतों में हाइड्रोथर्मल ड्रिलिंग रिसर्च पृथ्वी के पुराने वातावरण में बदलाव के अध्ययन, पृथ्वी में जलवायु परिवर्तन की भविष्यवाणी, जीवन की सीमा की खोज और मानव संज्ञान के विस्तार में अंतर्राष्ट्रीय अत्याधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान है।
पारंपरिक यांत्रिक बर्फ ड्रिल की तुलना में गर्म पानी की ड्रिलिंग की मजबूत प्रवेश क्षमता है और उच्च ड्रिलिंग दक्षता है, जो दुनिया में ध्रुवीय बर्फ की चादरों और बर्फ की अलमारियों के गहरे वातावरण के अध्ययन में मुख्यधारा की तकनीक है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पश्चिम एशिया संकट: ईरान के खार्ग आइलैंड पर हमला, रेलवे पुल को उड़ाया
तेहरान/तेल अवीव, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान पर हमले जारी हैं। मंगलवार को स्थानीय मीडिया ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खार्ग द्वीप के ऑयल टर्मिनल को निशाना बनाया। वहीं, काशान शहर के पास याह्या अबाद रेलवे पुल पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई।
अर्द्ध सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी और आईआरएनए न्यूज एजेंसी ने इसकी जानकारी दी है। बताया कि मंगलवार को उत्तर-पश्चिम ईरान में तबरीज-जंजान हाईवे पर बने एक पुल को ही नहीं, याह्या अबाद रेलवे पुल समेत खार्ग को निशाने पर लिया गया।
मेहर ने इस्फाहान के डिप्टी गवर्नर के हवाले से बताया कि हमले में दो लोग मारे गए। यह हमला इजरायली सेना की उस चेतावनी के बाद हुआ है जिसमें ईरानियों को लोकल टाइम के हिसाब से रात 9 बजे तक अपनी “सुरक्षा” के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल न करने को कहा गया था।
वहीं, खार्ग में भी कई धमाके किए गए हैं। ईरान के करीब 80- 90 फीसदी कच्चे तेल का निर्यात खार्ग द्वीप से होता है। यहां बड़े तेल टर्मिनल, पाइपलाइन, भंडारण और जहाजों में तेल भरने की फैसिलिटी मौजूद हैं। हर दिन करीब 70 लाख बैरल तेल जहाजों में भरा जा सकता है।
ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की होर्मुज खोलने का डेडलाइन मंगलवार रात 8 बजे (भारत के मुताबिक सुबह साढ़े पांच बजे) तय किए जाने के बीच किए जा रहे हैं।
लगातार हो रहे हमलों के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जवाब सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे वहां के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बना सकते हैं।
गार्ड्स ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि उन्होंने अब तक संयम बरता था, लेकिन अब वह खत्म हो चुका है। बयान में कहा गया कि ईरान अब अमेरिका और उसके सहयोगियों के ऐसे ढांचे को निशाना बना सकता है, जिससे उन्हें इस इलाके के तेल और गैस संसाधनों से दूर कर दिया जाए। आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सेना ने हद पार की, तो अंजाम बुरा होगा।
--आईएएनएस
केआर/
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