JEE मेंस की परीक्षा में एक मुन्नाभाई को धर दबोचा, चप्पल को काटकर ऐसे कर रहा था नकल
दुर्ग में भिलाई के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में चल रही JEE मेंस की परीक्षा में एक मुन्नाभाई पकड़ाया है. छात्र अपनी चप्पल के अंदर मोबाइल छिपाकर परीक्षा केंद्र पहुंचा था, लेकिन छात्र की हरकतों से गार्ड को शक हुआ और ये मुन्नाभाई उसके हत्थे चढ़ गया.छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया गया है.पूरा मामला क्या है देखिए इस रिपोर्ट में.
दुर्ग के भिलाई में पकड़ाया 'मुन्नाभाई'
JEE मेंस की परीक्षा में 'मुन्नाभाई' का कारनामा सामने आया है. परीक्षा में नकल के लिए उसने अनोखा तरीका निकाला. चप्पल को काटकर छात्र ने छिपाया मोबाइल वॉशरूम से लौटने के बाद गार्ड को शक हुआ. वॉशरूम से निकलकर चप्पल घसीट कर चल रहा था छात्र चप्पल के तलवे से निकला मोबाइल, पुलिस ने छात्र को हिरासत लिया.
दुर्ग के भिलाई में पकड़ा गया 'मुन्नाभाई'
JEE मेंस की परीक्षा में कर रहा था नकल चप्पल को काटकर छिपा रखा था. मोबाइल किसी भी परीक्षा में यूं तो बिना मेहनत के पास नहीं हुआ जा सकता.लेकिन कई परीक्षार्थी ऐसे भी होते हैं, जो ऐसी जुगत लगाते हैं जिससे बिना पढ़े पास हुआ जा सके.इसके लिए शातिर परीक्षार्थी मुन्नाभाई वाला हथकंडा अपनाते हैं. ऐसा ही एक अनोखा मामला दुर्ग के भिलाई 3 में सामने आया है. यहां एक इंजीनियरिंग कॉलेज में चल रही जेईई मेंस की परीक्षा में एक छात्र ने मुन्नाभाई बनने की कोशिश की. उसने परीक्षा में नकल करने के लिए एक ऐसी तरकीब निकाली जिससे जांच के दौरान बचा जा सके और परीक्षा भी पास किया जा सके. छात्र चप्पल पहनकर JEE मेंस की परीक्षा देने कॉलेज पहुंचा और उसने अपने चप्पल को काटकर उसमें मोबाइल छिपा रखा था. ताकी मेटल डिटेक्टर की जांच में वो न पकड़ा जाए.छात्र की ये शातिर सोच काम आई वो मेटल डिटेक्टर की जांच से बचकर अपने परीक्षा के कमरे में पहुंच गया, लेकिन अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका.
छात्र ने वॉशरूम जाने की अनुमति मांगी
दरअसल, आरोपी परीक्षार्थी आदित्य कुमार सुबह करीब साढ़े 8 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचा मुख्य गेट पर चेकिंग के दौरान उसने चालाकी दिखाते हुए अपनी चप्पलें पहले ही उतार दीं. जांच के बाद चप्पल पहनकर वो लैब नंबर 12 A के अपने परीक्षा के कमरे में पहुंच गया. 9 बजे परीक्षा शुरू हुई और 11 बजे छात्र ने वॉशरूम जाने की अनुमति मांगी. छात्र करीब 20 से 25 मिनट तक वॉशरूम के अंदर रहा, गार्ड ने फिर उसकी जांच की
इस बार भी आदित्य ने चालाकी दिखाई और जांच से पहले ही अपनी चप्पलें दूर उतार दीं. जांच के बाद जैसे ही छात्र ने चप्पल पहनी और लैब की और बढ़ा, गार्ड को शक हुआ. छात्र अपनी चप्पलों को जमीन पर घसीटकर अजीब तरीके से चल रहा था. गार्ड ने छात्र को रोककर उसकी चप्पलों की बारीकी से जांच की गार्ड को छात्र के चप्पल से मोबाइल मिला. छात्र ने चप्पल के तलवे को बीच से काटकर उसमें मोबाइल छिपा रखा था. कॉलेज मैनेजमेंट ने छात्र को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.
करियर तबाही के कगार पर खड़ा हो गया
कॉलेज प्रशासन की शिकायत पर छात्र को हिरासत में लेकर भिलाई पुलिस थाने पहुंची उसका मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है.आरोपी छात्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है.मामले में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2008 की धारा 9 के तहत केस दर्ज किया गया है.मुन्नाभाई बनने की चाह में छात्र ने जो शातिर सोच अपनाई आज स वजह से उसका करियर तबाही के कगार पर खड़ा हो गया है.
इमरान खान पर सुनवाई: हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का निर्देश, 'वकील से मुलाकात को सुगम बनाएं अधिकारी'
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान में 190 मिलियन पाउंड के कथित भ्रष्टाचार मामले में एक अहम घटनाक्रम में, इमरान खान को उनके वकील से मिलने की अनुमति देने के लिए इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) के चीफ जस्टिस ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।
इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की अर्जी पर सुनवाई के दौरान निर्देश जारी किए गए। इस मामले में दोनों की सजा सस्पेंड करने की मांग की गई थी। बेंच ने उनकी मुख्य अपीलों का जल्द निपटारा करने का भी संकेत दिया।
नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) के विशिष्ट अभियोजक जावेद अशरफ और वरिष्ठ अभियोजक राफे मकसूद कोर्ट में पेश हुए, जबकि पीटीआई संस्थापक की तरफ से बैरिस्टर सलमान सफदर पेश हुए।
कार्रवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ने मुख्य अपीलों पर सुनवाई के बारे में पूछा क्योंकि सजा को सस्पेंड करने की मांग वाली अलग-अलग अर्जियां भी पेंडिंग थीं।
प्रमुख दैनिक डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को अपने कानूनी प्रतिनिधि से मिलने का अधिकार है और इसमें किसी प्रकार की बाधा नहीं डाली जानी चाहिए। चीफ जस्टिस ने अधिकारियों से कहा कि वे इमरान खान की अपने वकील के साथ मुलाकात को सुगम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
मंगलवार और गुरुवार का दिन अदालत की ओर से तय किया गया। इस दिन इमरान के परिजन, वकील और पार्टी नेता उनसे मिल सकते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।
आईएचसी बेंच ने तेजी से कार्रवाई के लिए एक सुव्यवस्थित तरीके की ओर भी इशारा किया। जिसे लेकर चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर अपील पर बहस शुरू होती है, तो कोर्ट सात दिनों के अंदर मामले का फैसला कर सकता है।
इस बीच, संबंधित अधिकारियों को अदालत के आदेश का तत्काल पालन करने के लिए कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को तय की गई है।
यह मामला 190 मिलियन पाउंड के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें इमरान खान और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत से अनुरोध किया था कि इमरान को अपने वकील से परामर्श करने की अनुमति दी जाए, ताकि वे अपने बचाव की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें।
--आईएएनएस
केआर/
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