मीरा-भायंदर में मेट्रो की एंट्री अब 2 घंटे का सफर 30 मिनट में, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
मुंबई से सटे मीरा-भायंदर के लोगों का लंबा इंतजार आज से खत्म हो गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मेट्रो लाइन-9 के पहले चरण को हरी झंडी दिखाकर आम जनता को समर्पित कर दिया। इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में किया था और 2019 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। ट्रायल रन पूरा होने के बाद इस मेट्रो सेवा को शुरू करने की तारीख कई बार तय की गई, लेकिन किसी न किसी कारण से लगातार देरी होती रही। अब आखिरकार आज से इसका फेज-1 शुरू हो चुका है। इसके शुरू होने के बाद मीरा-भायंदर के लोग मीरा रोड के काशीगांव से लेकर अंधेरी पूर्व के गुंदवली मेट्रो स्टेशन तक सीधे मेट्रो के जरिए यात्रा कर सकेंगे।
2 घंटे की यात्रा 30 मिनट में होगी, मीरा-भायंदर से मुंबई की दूरी सिमटेगी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस मेट्रो के पूरी तरह शुरू होने के बाद मुंबई और मीरा-भायंदर के बीच सीधा और तेज कनेक्शन स्थापित होगा। जहां पहले लोगों को 1 से 2 घंटे का समय लगता था, अब वही सफर करीब 30 मिनट में पूरा होगा। यह मेट्रो लाइन 9 है जो मेट्रो लाइन-7 और 7A से जुड़ती है, आगे चलकर यात्रियों को भायंदर पश्चिम से मुंबई अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीमलेस कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके साथ ही वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि मेट्रो शुरू होने के बाद सड़कों पर वाहनों की संख्या में 20–30% तक कमी आ सकती है, जिससे मुंबई के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
कैशलेस सिस्टम, सोलर एनर्जी और हाई-टेक सुरक्षा का वादा
यह मेट्रो लाइन आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं से लैस है। स्टेशनों पर सोलर एनर्जी, LED लाइट्स और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही कैशलेस कार्ड सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा की फिलहाल करीब 80% लेन-देन डिजिटल हो चुका है। वहीं मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, सीसीटीवी निगरानी और बेहतर साइनबोर्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। रिजनरेटिव ब्रेकिंग और SCADA जैसी तकनीकों के जरिए ऊर्जा की बचत और बेहतर संचालन सुनिश्चित किया गया है। सीएम फडणवीस ने कहा की यह ठाणे जिले की पहली मेट्रो सेवा है, जो इस पूरे इलाके के विकास को नई दिशा देगी।
“ब्रेक नहीं, एक्सीलेटर पर है सरकार” - एकनाथ शिंदे
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि अब मुंबई की मेट्रो सेवा शहर की सीमाओं से निकलकर MMR तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यह लाइन भायंदर से एयरपोर्ट और कोलाबा तक कनेक्ट होगी, जिससे यात्रियों को और बड़ी सुविधा मिलेगी। शिंदे ने पिछली सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “उनका पैर ब्रेक पर था, हमारा पैर एक्सीलेटर पर है।” सरकार का लक्ष्य पूरे MMR क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार कर seamless transport system तैयार करना है। साथ ही वॉटर मेट्रो और कोस्टल रोड जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में मुंबई देश का सबसे सुगम और कनेक्टेड शहर बन सके।
मुंबई के अंधेरी पूर्व से भायंदर पश्चिम तक के इस परियोजना को ₹6,607 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। इस मेट्रो लाइन के पहले चरण में फिलहाल दहिसर पूर्व, पांडुरंगवाड़ी, मिरागांव और काशीगांव, इन चार स्टेशनों पर मेट्रो सेवा शुरू की गई है, जिससे मीरा-भायंदर और मुंबई के बीच कनेक्टिविटी को एक नई रफ्तार मिली है।
यह पूरा कॉरिडोर आठ स्टेशनों वाला है, जिसमें बाकी स्टेशनों में साई बाबा नगर, मेदित्या नगर, शहीद भगत सिंह गार्डन और नेताजी सुभाष चंद्र बोस गार्डन शामिल हैं और यहाँ काम तेजी से चल रहा है। मीरा भायंदर मेट्रो फेज-2 का निर्माण कार्य लगभग 96% पूरा हो चुका है और सरकार का लक्ष्य है कि इसे भी इसी वर्ष आम यात्रियों के लिए खोल दिया जाए। इसके शुरू होते ही यह मेट्रो लाइन न सिर्फ मीरा-भायंदर को मुंबई के मेट्रो नेटवर्क से पूरी तरह जोड़ देगी, बल्कि रोजाना लाखों यात्रियों के लिए सफर को ज्यादा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बना देगी।
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Assam Election 2026: प्रचार के आखिरी दिन हेमंत सोरेन को नहीं मिली सभा की अनुमति, फिर उठाया ये कदम
Assam Election 2026: असम विधानसभा चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने जोरदार कैंपेन किया. पार्टी के नेता डोर-टू-डोर प्रचार में जुटे रहे. इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक सभा की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने फोन के जरिए लोगों को संबोधित किया. सोरेन ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर रोका गया और यह लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश है. इससे पहले उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को भी कुछ जगहों पर सभा की अनुमति नहीं दी गई थी.
प्रशासन ने क्या कहा?
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और दूसरे बड़े कार्यक्रमों का हवाला दिया. इसके चलते सोरेन हेलीकॉप्टर से सभा स्थल नहीं पहुंच सके. हालांकि, जेएमएम नेताओं ने पूरे चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई और सरकार पर लगातार हमला बोला. अब सबकी नजर चुनाव परिणामों पर टिकी है.
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