शिप्रा आरती को लेकर पंडा समिति और प्रशासन के बीच नहीं थम रहा विवाद, आज जल सत्याग्रह करेंगे पुरोहित
उज्जैन में शिप्रा आरती को लेकर पंडा समिति, प्रशासन और महाकाल मंदिर समिति के बीच विवाद लगातार जारी है। यहां लगभग 11 सालों से शिप्रा आरती करते आ रहे पंडा समिति के लोगों को छोड़कर जिम्मेदारी महाकाल मंदिर प्रबंध समिति को सौंप दी गई है। इसे लेकर बीते दिनों पंडा समिति को विरोध करते हुए भी देखा गया।
जब समिति के लोग प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई का विरोध करने लगे तो पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया। इसी बल प्रयोग के विरोध में शनिवार शाम 4 बजे शिप्रा नदी में जल सत्याग्रह करने की घोषणा की गई है। समिति का कहना है कि हम इतने सालों से यहां पर मां शिप्रा की आरती कर रहे हैं और हमसे हमारा अधिकार नहीं छीना जा सकता।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ विवाद
बीते दिन जब मां शिप्रा आरती पंडा समिति के लोगों ने महाकाल मंदिर समिति के बटुकों को रामघाट पर आरती करने से रोका तब मौके पर पुलिस बल पहुंच गया। अधिकारियों ने पंडा समिति के लोगों को समझने की कोशिश की लेकिन जब विरोध खत्म नहीं हुआ तो बलपूर्वक पुजारियों को वहां से हटाया गया और महाकाल मंदिर समिति के बटुकों से रामघाट पर दूसरी जगह आरती करवाई गई। इसी के विरोध में शिप्रा नदी में जल सत्याग्रह करने का फैसला लिया गया है।
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आरती को भव्य बनाना चाहता है प्रशासन
इस मामले में प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालु हरिद्वार जैसी आरती देख सके इसके लिए महाकाल मंदिर समिति के साथ मिलकर नई शुरुआत की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि महाकाल मंदिर समिति की ओर से नदी के किनारे आरती शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसमें किसी को रोकने या हटाने की बात नहीं है।
समिति का कहना ये हमें बाहर करने जैसा
इस मामले में पंडा समिति के राजेश त्रिवेदी का कहना है कि तीर्थपुरोहित साल 2015 से लगातार शिप्रा आरती करते आ रहे हैं। पिछले वर्षों में आरती के स्वरूप में बदलाव कर इस भव्य भी बनाया गया है। 11 साल बाद अचानक महाकाल मंदिर समिति को इसकी जिम्मेदारी देना पुरोहितों को इस आयोजन से बाहर करने की तरह है। उनका कहना है कि यह हमारा अधिकार है पुरोहित खुद आरती करेंगे महाकाल मंदिर समिति को आरती नहीं करने देंगे। वह यह कहते भी दिखाई दिए कि अगर हम मुगलों से लड़ाई लड़ सकते हैं तो अपने अधिकार के लिए शासन से लड़ाई लड़ने के लिए भी तैयार हैं।
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थाईलैंड ट्रिप का विज्ञापन देखकर जाल में फंसी युवती, ठगों ने किया फ्रॉड, इंदौर पुलिस ने दर्ज किया मामला
थाईलैंड ट्रिप का विज्ञापन देखकर लालच में आई एक युवती को ठगों ने झांसा दे दिया, बुकिंग करने पर इंदौर में रहने वाली युवती के साथ 43 हजार रुपए की साइबर ठगी हो गई, युवती ने इसकी शिकायत एरोड्रम थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शातिर ठगों की तलाश शुरू कर दी है।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने सोशल मीडिया पर थाईलैंड ट्रिप का विज्ञापन देखा था, उसने इंस्ट्राग्राम पर द टूरिंग साइट्स नाम से थाईलैंड ट्रिप का विज्ञापन देखने के बाद दिए लिंक को ओपन कर मैसेज से बात की।
लिंक ओपन करने के बाद उसके व्हाट्स एप पर मैसेज आया और उसे थाईलैंड ट्रिप की जानकारी और चार्ज बताए गए। युवती को ट्रिप महँगी लगी तो उसने मन कर दिया, इसके बाद ठगों ने अपना मकसद पूरा करने के लिए उसके पास कम कीमत की ट्रिप की जानकारी भेजी और टिकट बुक करने के लिएय सहमति मांगी।
ठगों के झांसे में आई युवती, कैश ट्रांसफर किया
युवती ने पूछा कि पहले ट्रिप का चार्ज ज्यादा था अब अचानक कम कैसे हो गया तो ठगों ने कहा हमारा कोलोब्रेशन है एक कंपनी के साथ तो वो हमें डिस्काउंट देती है वही हमें आपको दिया है, युवती भरोसे में आ गई और ठगों के बताये मुताबिक उन्हें 43 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
एयरपोर्ट पहुंचकर मालूम चला टिकट अवैध है
टिकट बुक होने के बाद युवती इंदौर एयरपोर्ट पहुंची और जब वहां उसका टिकट चैक किया गया तो वो अवैध निकला, इतना सुनते ही युवती को समझ आ गया कि उसके साथ धोखा हुआ है , उसने एरोड्रम थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है, और जिस नंबर से मैसेज आये थे उसकी भी पड़ताल कर रही है।
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