आसमान छूते दाम, फिर भी पायलट ने समंदर में बहाया करोड़ों का तेल, लेकिन इरादा था बेहद नेक
सिडनी से डलास जा रही क्वान्टास की फ्लाइट को मेडिकल इमरजेंसी के कारण बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा. एक यात्री की जान बचाने के लिए पायलट ने विमान का वजन कम करने हेतु प्रशांत महासागर के ऊपर हजारों लीटर कीमती ईंधन डंप किया. ओलंपिक एथलीट सैम फ्रिकर ने इस घटना का वीडियो साझा किया है. भारी ईंधन संकट के बावजूद, एयरलाइंस ने इंसानी जान को सर्वोपरि रखते हुए यह साहसी फैसला लिया.
FADA Warning: भारत में नई कार खरीदना होगा महंगा, जानें बढ़ती कीमतों की क्या है वजह?
FADA Warning: भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने बीते वित्तीय वर्ष में शानदार प्रदर्शन किया और बिक्री के नए रिकॉर्ड बनाए। लेकिन अब नई कार या बाइक खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए एक चिंता की खबर सामने आई है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के मुताबिक, आने वाले समय में गाड़ियों की कीमतें बढ़ सकती हैं और डिलीवरी में भी देरी देखने को मिल सकती है। इसकी मुख्य वजह पश्चिम एशिया में जारी जियो-पॉलिटिकल टेंशन बताया जा रहा है।
कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर
वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव के कारण तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। इसके साथ ही ऑटोमोबाइल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले एल्युमिनियम, तांबा और स्टील जैसे धातुओं की कीमतें भी बढ़ गई हैं। इससे उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है, जिसका असर सीधे वाहन की कीमतों पर पड़ सकता है। हाल ही में Maruti Suzuki ने भी संकेत दिए हैं कि वह जल्द ही अपने वाहनों के दाम बढ़ा सकती है।
सप्लाई चेन पर दबाव
FADA के सर्वे के मुताबिक, आधे से ज्यादा डीलर्स इस समय सप्लाई से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। करीब 17% डीलर्स ने बताया कि गाड़ियों की डिलीवरी में तीन हफ्ते या उससे अधिक की देरी हो रही है। इससे ग्राहकों को अपनी पसंद की कार या बाइक के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
ग्राहकों के फैसले पर असर
बढ़ती कीमतों और देरी का असर ग्राहकों की खरीदारी के फैसले पर भी पड़ रहा है। सर्वे में शामिल लगभग 36.5% डीलर्स का मानना है कि महंगे ईंधन की वजह से ग्राहक नई गाड़ी खरीदने से पहले दोबारा सोच रहे हैं। इसका असर खासकर पैसेंजर व्हीकल और टू-व्हीलर सेगमेंट में देखा जा सकता है।
राहत की बात: बिक्री में उछाल
इन चुनौतियों के बावजूद ऑटो सेक्टर के लिए राहत की खबर यह है कि पिछले वित्तीय वर्ष में बिक्री में 13.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खासतौर पर मार्च महीने में बिक्री 25.28% तक बढ़ गई। टू-व्हीलर्स में 28.68%, पैसेंजर व्हीकल्स में 21.48% और कमर्शियल व्हीकल्स में 15.12% की वृद्धि देखी गई।
कुल मिलाकर, जहां एक ओर ऑटो सेक्टर की डिमांड मजबूत बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक परिस्थितियों के चलते कीमतों और डिलीवरी पर दबाव बढ़ रहा है। आने वाले समय में ग्राहकों को खरीदारी से पहले इन कारकों पर जरूर ध्यान देना होगा।
(मंजू कुमारी)
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