ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर्स का IPL 2027 खेलना मुश्किल:20 टेस्ट समेत 34 इंटरनेशनल मैच का शेड्यूल; कोच मैकडोनाल्ड बोले- जरूरी हुआ तो मुश्किल फैसले लेंगे
ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट खिलाड़ियों के IPL 2027 में खेलने पर सवाल खड़े हो गए हैं। टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा कि अगले 12 महीनों में ऑस्ट्रेलिया को 20 टेस्ट समेत 34 इंटरनेशनल मैच खेलने हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के वर्कलोड को देखते हुए IPL को लेकर मुश्किल फैसले लेने पड़ सकते हैं। 20 टेस्ट, एशेज और वर्ल्ड कप... सबसे व्यस्त रहेगा ऑस्ट्रेलिया का शेड्यूल ऑस्ट्रेलिया अगले एक साल में बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ कुल 20 टेस्ट खेलेगा। इसके अलावा जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट बॉल सीरीज भी होगी। अगर टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचती है तो एक टेस्ट और जुड़ जाएगा। इसके बाद जून-जुलाई 2027 में इंग्लैंड में एशेज और फिर अक्टूबर-नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप खेला जाएगा। IPL को नहीं किया खारिज मैकडोनाल्ड ने कहा कि IPL ऑस्ट्रेलिया के कई खिलाड़ियों के विकास और तैयारी का अहम हिस्सा है। दुनिया की बेस्ट टी-20 लीग में खेलने से खिलाड़ियों को फायदा मिलता है। शुरुआत यही होगी कि खिलाड़ी IPL खेल सकते हैं। बाद में परिस्थितियों के हिसाब से फैसला लिया जाएगा। कमिंस, स्टार्क और हेजलवुड पर सबसे ज्यादा नजर ऑस्ट्रेलियाई टीम मैनेजमेंट की सबसे बड़ी चिंता तेज गेंदबाज पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड का वर्कलोड है। तीनों लगातार टेस्ट क्रिकेट खेलेंगे और एशेज भी सामने होगी। मैकडोनाल्ड ने कहा कि खिलाड़ियों के शरीर को आराम देना भी उतना ही जरूरी है, ताकि वे पूरे सीजन में अपना बेस्ट प्रदर्शन कर सकें। भारत दौरे के बाद होगा बड़ा फैसला कोच ने कहा कि IPL को लेकर कोई फैसला अभी नहीं लिया जाएगा। खिलाड़ियों की फिटनेस, गेंदबाजी का वर्कलोड और मानसिक थकान हर टेस्ट के बाद आंकी जाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि न्यूजीलैंड सीरीज के चौथे टेस्ट या भारत दौरे के बाद पैट कमिंस या मिचेल स्टार्क की स्थिति क्या होगी। इसलिए फैसला समय आने पर ही लिया जाएगा। 2023 का उदाहरण भी दिया मैकडोनाल्ड ने याद दिलाया कि 2023 में पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और ट्रेविस हेड ने IPL नहीं खेला था। उन्होंने आराम किया और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप, एशेज और वनडे वर्ल्ड कप जीता। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी खिलाड़ी के खराब प्रदर्शन का कारण सीधे IPL को नहीं माना जा सकता। उन्होंने कैमरन ग्रीन का उदाहरण देते हुए कहा कि इंग्लैंड में उनकी चुनौतियां अनुभव की कमी की वजह से थीं, न कि IPL खेलने की वजह से। --------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 5 हजार इंटरनेशनल मैचों वाला पहला फॉर्मेट बना वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार किसी फॉर्मेट में 5 हजार मैच पूरे हो गए हैं। यह उपलब्धि हासिल हुई वनडे को। जिस स्कॉटलैंड में अभी कॉमनवेल्थ गेम्स हुए हैं वहीं 5000वां वनडे मैच भी खेला गया। शुक्रवार को स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच हुए इस मुकाबले को स्कॉटलैंड ने 9 रन से जीत लिया। पूरी खबर…
पूजा सामग्री फेंकने पर अर्जुन अवॉर्डी ACP को कोर्ट नोटिस:अतिक्रमण हटाने के दौरान गिराईं थीं मूर्तियां; दिनेश कुमार बोले-मुझे नहीं पता कब फेंकी सामग्री
हरियाणा के बहादुरगढ़ में मूर्तियां और पूजा सामग्री फेंकने के मामले में अर्जुन अवॉर्डी एवं एसीपी दिनेश कुमार को नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में उन्हें 18 अगस्त तक न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश होने को कहा गया है। मामले में शिकायतकर्ता अधिवक्ता रोहित यादव और तरुण यादव के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर में ACP दिनेश कुमार से जुड़े कई वीडियो उन्हें मिले थे। इनमें से एक वीडियो में एसीपी बहादुरगढ़ में पूजा सामग्री हटाने और फेंकने दिखाई दे रहे थे। यह देख उन्होंने एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पेन ड्राइव और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस स्तर पर भी जांच हुई, जिसमें एसीपी पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया गया था। तरुण यादव का आरोप है कि पुलिस ने जांच में लीपापोती की, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। अब इस मामले में 18 अगस्त को सुनवाई होगी। उधर, ACP दिनेश कुमार ने कहा कि मुझे खुद नहीं पता कि मैंने कब पूजा सामग्री फेंकी। ऐसा मैं कभी नहीं कर सकता। मैं खुद एक धार्मिक इंसान हूं और सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। मुझे मामले में अभी तक कोई नोटिस भी नहीं मिला है। अधिवक्ता तरुण यादव की ओर से ये लगाए गए आरोप… पुलिस एक वीडियो के आरोपों को बता चुकी बेबुनियाद अधिवक्ता तरुण यादव के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में दूसरे वीडियो को राधा स्वामी सत्संग के कार्यक्रम से संबंधित बताया गया है। इस वीडियो में एसीपी दिनेश कुमार राधा स्वामी, दिनोद के एक आध्यात्मिक गुरु के चरण छूते हुए दिखाई देते हैं। उनका आरोप है कि एक सरकारी अधिकारी का इस तरह का आचरण न केवल अनुचित है, बल्कि धार्मिक असंतुलन और सामाजिक सौहार्द पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। अधिवक्ता यादव के मुताबिक, पुलिस की जांच रिपोर्ट में उसकी ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कानूनी कार्रवाई नहीं करने की सिफारिश की गई है। कौन है एसीपी दिनेश कुमार, जिन्हें कोर्ट ने नोटिस भेजा…
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