Congress ने Amit Shah से मानसून सत्र में पुलिस कार्रवाई पर मांगा जवाब
नयी दिल्ली, आठ अगस्त कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के सदन में उपस्थित होकर सांसदों के सवालों का सामना नहीं करने के कारण संसद का कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है और ऐसे अब वर्तमान मानसून सत्र के चार कार्यदिवस बचे हैं तो उन्हें प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्यवाही को लेकर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि संसद का कामकाज लगातार 15 दिनों से सामान्य रूप से नहीं चल पाया तो एकमात्र वजह गृह मंत्री का दोनों सदनों में आकर पुलिस कार्रवाई पर बयान देने से इनकार करना है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि इस मानसून सत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री की कायरता का पर्दाफाश हो गया है।
रमेश ने दावा किया कि अमित शाह संसद परिसर में अपने कक्ष में आते हैं और घंटों बैठे रहते हैं, लेकिन लोकसभा और राज्यसभा में आकर सांसदों का सामना करने तथा दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री को सबसे पहले पुलिस की ज्यादतियों पर जवाब देना चाहिए।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्री के प्रभार और नियंत्रण में है और ऐसे में उन्हें सदन में आकर इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने शाह के सदन से लगातार अनुपस्थित रहने को ‘‘अभूतपूर्व’’ करार दिया।
रमेश ने कहा कि गृह मंत्री को पुलिस कार्रवाई पर अपना पक्ष रखना चाहिए। कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े ‘‘चढ़ावा चोरी’’ और ‘‘आस्था के साथ धोखे’’ के आरोपों पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं पांच फरवरी 2020 को लोकसभा में राम मंदिर ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी।
रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री द्वारा चुने गए उसी ट्रस्ट ने ‘‘सभी भारतीयों के भरोसे और आस्था के साथ विश्वासघात किया है’’ और प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप नहीं रह सकते। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह जोड़ी ‘‘बड़ी-बड़ी बातें करने और खोखली डींगें हांकने में माहिर’’ है, लेकिन उनकी ‘‘कायरता’’ का अब पूरी तरह पर्दाफाश हो गया है।
Rahul Gandhi ने Kiren Rijiju से कहा: महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन से न जोड़ें
नयी दिल्ली, आठ अगस्त लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू के बीच महिला आरक्षण संबंधी विधेयक को लेकर सोशल मीडिया में शनिवार उस वक्त नोकझोंक देखने को मिली जब रीजीजू ने कांग्रेस नेता के एक वीडियो का हवाला देते उम्मीद जताई कि मुख्य विपक्षी दल विधेयक का समर्थन करेगा। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक तो 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और अब इसे परिसीमन से बेवजह जोड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर रीजीजू को संबोधित पोस्ट में कहा, ‘‘रीजीजू जी, संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते आपसे बेहतर यह कौन जानता होगा - महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, कांग्रेस के पूर्ण समर्थन के साथ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सवाल यह है कि तीन साल बाद भी वह लागू क्यों नहीं हुआ और अब आप उसे परिसीमन से बेवजह क्यों जोड़ना चाहते हैं?’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘2023 का कानून लागू कीजिए।
बिना किसी शर्त के।’’ इससे पहले रीजीजू ने राहुल गांधी द्वारा महिलाओं की ऊर्जा और उनकी अभिव्यक्ति को लेकर जारी किए गए एक वीडियो संदेश को ‘एक्स’ पर रिपोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता पर तंज कसा। रीजीजू ने कहा, ‘‘यह कांग्रेस पार्टी की ओर से एक सकारात्मक संदेश लगता है। महिलाओं को लेकर राहुल गांधी जी के रुख में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है।
अब मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण विधेयक का बिना शर्त समर्थन करेगी।’’ राहुल गांधी ने शुक्रवार को जारी वीडियो में कहा था कि भारत की महिलाओं को खुद को अभिव्यक्त करने तथा विस्तारित सोच की आजादी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा था, ‘‘भारत की महिलाओं को खुद को अभिव्यक्त नहीं करने दिया जा रहा है। उन्हें कल्पना करने की अनुमति नहीं है।
मेरे लिए कोई भी देश तब तक सफल नहीं हो सकता, जब तक उसकी महिलाएं खुद को अभिव्यक्त नहीं कर रही हों।’’ राहुल गांधी ने कहा था, ‘‘ मुझे लगता है कि मेरी राजनीति का बहुत बड़ा हिस्सा और इस देश की राजनीति का बहुत बड़ा हिस्सा लोगों को यह समझाने से जुड़ा होना चाहिए कि महिलाओं की अभिव्यक्ति के बिना हमारा देश अवरुद्ध और अधूरा है।’’ रीजीजू और राहुल गांधी के बीच यह नोंकझोक ऐसे समय हुई है, जब सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पर सहमति बनाने का प्रयास कर रही है। रीजीजू ने इस मामले और संसद में जाती गतिरोध को खत्म करने के लिए हाल के दिनों में राहुल गांधी से कई बार संपर्क किया है।
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