जबलपुर: सरकारी जमीन को अपना बताकर 69.5 लाख में बेचा, एक ही प्लॉट की कई रजिस्ट्री, ओमती में पकड़ा गया आरोपी
जबलपुर पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसके कारनामे सुनकर हर कोई हैरान है। दरअसल मनीष त्रिपाठी ने अपने साथियों के साथ मिलकर शासन की जमीन को ही अलग-अलग लोगों को बेच दिया। इतना ही नहीं इस जमीन की रजिस्ट्री के ऊपर लोन तक ले लिया।
इस मामले में जमीन खरीदने वाले पीड़ित को जब ये पता चला कि मनीष ओमती में है तो उन्होंने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पीड़ित ने जमीन की खरीद फरोख्त के सारे दस्तावेज भी को पुलिस के सामने प्रस्तुत किए हैं। चलिए पूरा मामला जान लेते हैं।
ब्रोकर के जरिए खरीदी थी जमीन
इस मामले में पीड़ित नीरज सोनी ने बताया कि साल 2022 में ब्रोकर के जरिए उनकी मुलाकात करमेता निवासी मनीष त्रिपाठी से हुई थी। उसने उन्हें माढ़ोताल के पास मौजूद 4500 और 450 वर्ग फुट के दो प्लॉट दिखाए थे। जमीन के दस्तावेज दिखाते हुए उसे इसने अपना बताया था। सौदा 69.50 लाख में तय हुआ और 10 लाख रुपए एडवांस देकर रजिस्ट्री करा दी गई।
निगम ने तोड़ी बाउंड्रीवॉल
जमीन खरीदने वाले नीरज सोनी को इसके सरकारी होने का पता तब चला जब 1 दिसंबर 2022 को उन्होंने प्लॉट पर बाउंड्रीवॉल बनवाई। 15 दिसंबर को नगर निगम की टीम ने इसे सरकारी बताते हुए बाउंड्रीवॉल को हटा दिया। मनीष तब से ही हाथ नहीं आ रहा था।
एक ही जमीन की कई रजिस्ट्री
इस मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मनीष ने उस प्लॉट की रजिस्ट्री नीरज सोनी के अलावा सोना ठाकुर, छाया रानू दुबे और रुखसार खातून के नाम भी करवाई है। इन रजिस्ट्री के आधार पर अलग-अलग बैंकों से लोन लिया गया है। पीड़ित का कहना है कि इस फर्जीवाड़े में तहसील कर्मचारियों और पटवारी की भूमिका भी हो सकती है।
ओमती में कर रहा था सौदा
पीड़ित के मुताबिक शिकायत के बावजूद भी इस मामले में 4 साल से कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। जब उन्हें यह सूचना मिली कि मनीष ओमती क्षेत्र में जमीन के दस्तावेज दिखाकर दोबारा सौदा कर रहा है, तो नीरज मौके पर पहुंचे और उसे पकड़ लिया और माढ़ोताल थाना पुलिस को सौंप दिया।
इस मामले में थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार का कहना है कि नीरज सोनी की शिकायत के आधार पर मनीष त्रिपाठी के खिलाफ धारा 420 और 406 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले से जुड़े अन्य लोग सोनू चौबे और शक्ति यादव सहित अन्य लोगों की भूमिका और बैंक लोन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, क्या अधर में लटक जाएगी ट्रेड डील?
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News









